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‘सोने की चेन पहन कर क्यों निकलती हो बाहर’
Updated Sat, 09 Jun 2018 02:27 AM IST
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वाराणसी। ‘सोने की चेन पहन कर बाहर क्यों निकलती हो जब पता है कि छिनैती वगैरह जैसी घटनाएं आम बात हैं।’ शुक्रवार को अस्सी में दक्षिण भारतीय श्रद्धालु से दिनदहाड़े चेन छीने जाने की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे भेलूपुर थाने के दरोगा की इस नसीहत पर हर कोई सकते में आ गया। स्नैचरों को पकड़ने में पुलिस की नाकामी के चलते भेलूपुर थाना क्षेत्र में चेन छीने जाने की एक हफ्ते में यह तीसरी वारदात है।
आंध्रप्रदेश की मीनाक्षी नटराजन तीन दिन से अपने साथियोें के साथ काशी भ्रमण पर हैं। मीनाक्षी ने बताया कि शुक्रवार की सुबह वो अस्सी घाट से गंगा दर्शन कर संकटमोचन मंदिर दर्शन-पूजन के लिए जा रही थी। इसी दौरान राघव मंदिर के समीप पीछे से आए बाइक सवार बदमाश ने झपट्टा मार कर गले से सोने की छीन ली। उनके शोर मचाने पर आसपास के लोग जुटे लेकिन तब तक बदमाश तेजी से अस्सी चौराहे की ओर भाग निकला। छीनी गई चेन की कीमत एक लाख रुपये से ज्यादा बताई गई है। सौ नंबर पर दी गई सूचना के आधार पर भेलूपुर थाने से आए दरोगा बदमाशोें की सुरागकशी की बजाय भुक्तभोगी और श्रद्धालुओं को ही नसीहतें देने में वक्त जाया करते रहे। दरोगा के व्यवहार से दक्षिण भारतीय श्रद्धालुओं का दल खासा दुखी नजर आया।
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आंध्रप्रदेश की मीनाक्षी नटराजन तीन दिन से अपने साथियोें के साथ काशी भ्रमण पर हैं। मीनाक्षी ने बताया कि शुक्रवार की सुबह वो अस्सी घाट से गंगा दर्शन कर संकटमोचन मंदिर दर्शन-पूजन के लिए जा रही थी। इसी दौरान राघव मंदिर के समीप पीछे से आए बाइक सवार बदमाश ने झपट्टा मार कर गले से सोने की छीन ली। उनके शोर मचाने पर आसपास के लोग जुटे लेकिन तब तक बदमाश तेजी से अस्सी चौराहे की ओर भाग निकला। छीनी गई चेन की कीमत एक लाख रुपये से ज्यादा बताई गई है। सौ नंबर पर दी गई सूचना के आधार पर भेलूपुर थाने से आए दरोगा बदमाशोें की सुरागकशी की बजाय भुक्तभोगी और श्रद्धालुओं को ही नसीहतें देने में वक्त जाया करते रहे। दरोगा के व्यवहार से दक्षिण भारतीय श्रद्धालुओं का दल खासा दुखी नजर आया।
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