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आने वाले दस साल तक यूएसबी का विकल्प नहीं
Updated Sat, 17 Feb 2018 02:32 AM IST
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वाराणसी। आईआईटी बीएचयू में आयोजित टेक्नेक्स के पहले दिन कार्पोरेट कानक्लेव, विशेष व्याख्यान सहित कई कार्यक्रम हुए। स्वतंत्रता भवन में आयोजित व्याख्यान में यूएसबी का अविष्कार करने वाले भारतीय मूल के अमेरिकी आविष्कारक अजय भट्ट ने छात्र-छात्राओं को यूएसबी की खोज, उसकी वर्तमान समय में जरूरत, प्रयोग आदि से जुड़ी बारीकियां बताई।
यूएसबी अविष्कारक अजय ने कहा कि 1992 में यूएसबी खोज के बाद अब तक 26 साल हो गए और हर कोई इसका लाभ उठा रहा है। बताया कि यह पहली ऐसी वायरलेस तकनीक है, जो इतने लंबे समय तक चल रही है। आने वाले दस सालों तक इसका कोई और विकल्प भी नहीं है। इस दौरान उन्होंने प्रोजेक्टर के माध्यम से इसकी खूबियां बताई। इसके अलावा वीएलसी मीडिया प्लेटर के संस्थापक जॉन बैपटिस्ट कैंप्ट ने मीडिया प्लेयर के बनने, प्रयोग आदि के बारे में बताया। उधर गोपाल त्रिपाठी सभागार में जानी मानी कंपनी ब्रिटिश काउंसिल की नार्थ इंडिया की सहायक निदेशक रितिका पारिख ने कॉर्पोरेट कैनक्लेव में छात्रों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने, ऑनलाइन लाइब्रेरी आदि के बारे में बताया। शाम को क्रिप्टोकरेंसी पर विशेषज्ञों द्वारा पैनल डिस्कशन हुआ जिसमें पूरा स्वतंत्रता भवन खचाखच भरा रहा।
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यूएसबी अविष्कारक अजय ने कहा कि 1992 में यूएसबी खोज के बाद अब तक 26 साल हो गए और हर कोई इसका लाभ उठा रहा है। बताया कि यह पहली ऐसी वायरलेस तकनीक है, जो इतने लंबे समय तक चल रही है। आने वाले दस सालों तक इसका कोई और विकल्प भी नहीं है। इस दौरान उन्होंने प्रोजेक्टर के माध्यम से इसकी खूबियां बताई। इसके अलावा वीएलसी मीडिया प्लेटर के संस्थापक जॉन बैपटिस्ट कैंप्ट ने मीडिया प्लेयर के बनने, प्रयोग आदि के बारे में बताया। उधर गोपाल त्रिपाठी सभागार में जानी मानी कंपनी ब्रिटिश काउंसिल की नार्थ इंडिया की सहायक निदेशक रितिका पारिख ने कॉर्पोरेट कैनक्लेव में छात्रों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने, ऑनलाइन लाइब्रेरी आदि के बारे में बताया। शाम को क्रिप्टोकरेंसी पर विशेषज्ञों द्वारा पैनल डिस्कशन हुआ जिसमें पूरा स्वतंत्रता भवन खचाखच भरा रहा।
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