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बिना काम के भुगतान, सेक्रेटरी निलंबित
Updated Thu, 08 Feb 2018 01:12 AM IST
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ज्ञानपुर। भदोही विकास खंड के परगासपुर गांव में मनरेगा के तहत कराए गए विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितता उजागर होने के बाद तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर हुई जांच के बाद जिला पंचायत राज अधिकारी ने यह कार्रवाई की।
परगासपुर गांव में मनरेगा के तहत कराए गए विकास कार्यों वित्तीय अनियमितता की शिकायत ग्रामीणों मई 2016 में जिलाधिकारी से की थी। इसके बाद चार मई 2016 को जिलाधिकारी ने मामले की जांच के निर्देश दिए। उपायुक्त श्रम रोजगार और अधिशासी अभियंता नहर ने संयुक्त रूप से शिकायतों की जांच की। इसमें गांव की धइकार बस्ती से हरिजन बस्ती तक सड़क के दोनों तरफ मिट्टी के कार्य का भौतिक सत्यापन किया गया तो पता चला कि बिना कार्य किए 88067 रुपये निकाल लिए गए। इसी तरह पौधरोपण एवं सुरक्षा खाई निर्माण समेत दो अन्य कार्यों में भी 42774 और 41173 रुपये की वित्तीय अनियमितता सामने आई। इसके लिए तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी सभाजीत के अलावा रोजगार सेवक और तकनीकी सहायक को दोषी पाया गया। रिपोर्ट मिलने के बाद जिला पंचायत राज अधिकारी अनिल त्रिपाठी ने सेक्रेटरी को निलंबित कर दिया।
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परगासपुर गांव में मनरेगा के तहत कराए गए विकास कार्यों वित्तीय अनियमितता की शिकायत ग्रामीणों मई 2016 में जिलाधिकारी से की थी। इसके बाद चार मई 2016 को जिलाधिकारी ने मामले की जांच के निर्देश दिए। उपायुक्त श्रम रोजगार और अधिशासी अभियंता नहर ने संयुक्त रूप से शिकायतों की जांच की। इसमें गांव की धइकार बस्ती से हरिजन बस्ती तक सड़क के दोनों तरफ मिट्टी के कार्य का भौतिक सत्यापन किया गया तो पता चला कि बिना कार्य किए 88067 रुपये निकाल लिए गए। इसी तरह पौधरोपण एवं सुरक्षा खाई निर्माण समेत दो अन्य कार्यों में भी 42774 और 41173 रुपये की वित्तीय अनियमितता सामने आई। इसके लिए तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी सभाजीत के अलावा रोजगार सेवक और तकनीकी सहायक को दोषी पाया गया। रिपोर्ट मिलने के बाद जिला पंचायत राज अधिकारी अनिल त्रिपाठी ने सेक्रेटरी को निलंबित कर दिया।
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