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लोलार्क कुंड पर संतानोत्पति के लिए आज आधी रात से नहान
Updated Fri, 25 Aug 2017 02:03 AM IST
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वाराणसी। काशी के लोकाचार में पुत्र कामना के सबसे बड़े स्नान पर्व की तैयारियों को गुरुवार की शाम अंतिम रूप दे दिया गया। गलियों के उखड़े हुए चौके दुरुस्त करने के साथ ही चोक सीवर लाइन भी ठीक कर ली गई। कुंड पर स्ट्रीट लाइट लगाई जा रही है। व्रतियों की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। शुक्रवार की रात 12:30 बजे से कुंड में डुबकी लगने लगेगी। इस बार लोलार्क कुंड में स्नान के लिए पांच लाख से अधिक श्रद्धालुओं के उमड़ने की उम्मीद है।
पुत्र कामना के लिए स्नान का सूर्य षष्ठी मेला 26 अगस्त को लगेगा लेकिन 25 अगस्त की रात 12:30 बजे कुंड की पूजा के साथ ही स्नान आरंभ हो जाएगी। मान्यता है कि लोलार्क कुंड में भाद्रपद की सूर्यषष्ठी को डुबकी लगाने से संतान की प्राप्ति होती है।
लोलार्क कुंड स्नान को देखते हुए जोर शोर से तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। नि:संतान दंपती इस तिथि पर लोलार्क कुंड में स्नान कर अपने मनोरथ पूरे करेंगे। भदैनी मुहल्ले में स्थित कुंड इस बार पानी कम होने की वजह से श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए शुक्रवार को पानी भरवाया जाएगा। इसके लिए जल संस्तान को जिम्मेदारी दी गई है। कुंड पर जाने वाली गलियों की मरम्मत के साथ ही सीवर की सफाई करा ली गई है। स्ट्रीट लाइट लगवाई जा रही है। श्रद्धालुओं को पानी, बिस्कुट वितरित करने के लिए कैंप भी लगाया जाएगा। मेडिकल कैंप भी लगेगा। परंपरा है कि इस कुंड में स्नान के बाद महिलाएं अपने वस्त्रों के साथ ही शृंगार की वस्तुओं का भी परित्याग कर देती हैं। फल और सब्जियों को कुंड में अर्पित कर संकल्प लिया जाता है। महंत शिव प्रसाद पांडेय लिंगिया महाराज ने बताया कि इस बार पांच लाख से अधिक श्रद्धालुओं के कुंड में स्नान का अनुमान है।
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पुत्र कामना के लिए स्नान का सूर्य षष्ठी मेला 26 अगस्त को लगेगा लेकिन 25 अगस्त की रात 12:30 बजे कुंड की पूजा के साथ ही स्नान आरंभ हो जाएगी। मान्यता है कि लोलार्क कुंड में भाद्रपद की सूर्यषष्ठी को डुबकी लगाने से संतान की प्राप्ति होती है।
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लोलार्क कुंड स्नान को देखते हुए जोर शोर से तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। नि:संतान दंपती इस तिथि पर लोलार्क कुंड में स्नान कर अपने मनोरथ पूरे करेंगे। भदैनी मुहल्ले में स्थित कुंड इस बार पानी कम होने की वजह से श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए शुक्रवार को पानी भरवाया जाएगा। इसके लिए जल संस्तान को जिम्मेदारी दी गई है। कुंड पर जाने वाली गलियों की मरम्मत के साथ ही सीवर की सफाई करा ली गई है। स्ट्रीट लाइट लगवाई जा रही है। श्रद्धालुओं को पानी, बिस्कुट वितरित करने के लिए कैंप भी लगाया जाएगा। मेडिकल कैंप भी लगेगा। परंपरा है कि इस कुंड में स्नान के बाद महिलाएं अपने वस्त्रों के साथ ही शृंगार की वस्तुओं का भी परित्याग कर देती हैं। फल और सब्जियों को कुंड में अर्पित कर संकल्प लिया जाता है। महंत शिव प्रसाद पांडेय लिंगिया महाराज ने बताया कि इस बार पांच लाख से अधिक श्रद्धालुओं के कुंड में स्नान का अनुमान है।
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