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सता में आने के बाद पूर्वांचल को भूल गए
Updated Sat, 17 Jun 2017 01:51 AM IST
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ज्ञानपुर। पूर्वांचल क्रांति दल के अध्यक्ष रामसखा त्रिपाठी ने कहा कि पूर्वांचल राज्य के लिए संघर्ष करने वाले योगी मुख्यमंत्री बने हैं और जिले के प्रभारी मंत्री ओम प्रकाश राजभर भी पूर्वांचल के नाम पर सत्ता में आए, लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि सरकार बनने के तीन महीने बाद भी पूर्वांचल राज्य का जिक्र तक नहीं किया गया।
वह शुक्रवार को पार्टी के जिला कार्यालय पर आयोजित बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि आगामी 29 जून को सरकार के गठन के 100 दिन पूरे हो जाएंगे। इसके अगले दिन 30 जून को उनकी पार्टी जिला मुख्यालय पर पूर्वांचल प्रदेश बनाओ संकल्प सभा का आयोजन करेगी। कहा कि गांधी जयंती के दिन दो अक्टूबर से पूर्वांचल पूर्वांचल बनाओ संकल्प रथ पूरे पूर्वांचल में भ्रमण करेगा। वक्ताओं ने कहा कि औद्योगिक शून्यता और पूर्वांचल के युवाओं का रोजगार के लिए दूसरे प्रांतों में पलायन को देखते हुए पूर्वांचल राज्य का गठन जरूरी हो गया है। कहा कि जब महज 10 जिलों का तेलंगाना राज्य बन सकता है तो पूर्वांचल क्यों नहीं। कहा कि वह दिन दूर नहीं जब पूर्वांचल राज्य होगा और बनारस उसकी राजधानी। इस मौके पर डॉ. रामराज चौहान, सूबेदार सिंह, हंसराज सिंह, बृजराज सिंह, चंद्रमणि तिवारी, प्रेमसागर शुक्ला आदि मौजूद रहे।
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वह शुक्रवार को पार्टी के जिला कार्यालय पर आयोजित बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि आगामी 29 जून को सरकार के गठन के 100 दिन पूरे हो जाएंगे। इसके अगले दिन 30 जून को उनकी पार्टी जिला मुख्यालय पर पूर्वांचल प्रदेश बनाओ संकल्प सभा का आयोजन करेगी। कहा कि गांधी जयंती के दिन दो अक्टूबर से पूर्वांचल पूर्वांचल बनाओ संकल्प रथ पूरे पूर्वांचल में भ्रमण करेगा। वक्ताओं ने कहा कि औद्योगिक शून्यता और पूर्वांचल के युवाओं का रोजगार के लिए दूसरे प्रांतों में पलायन को देखते हुए पूर्वांचल राज्य का गठन जरूरी हो गया है। कहा कि जब महज 10 जिलों का तेलंगाना राज्य बन सकता है तो पूर्वांचल क्यों नहीं। कहा कि वह दिन दूर नहीं जब पूर्वांचल राज्य होगा और बनारस उसकी राजधानी। इस मौके पर डॉ. रामराज चौहान, सूबेदार सिंह, हंसराज सिंह, बृजराज सिंह, चंद्रमणि तिवारी, प्रेमसागर शुक्ला आदि मौजूद रहे।
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