{"_id":"5cacfce4bdec2214216cdc27","slug":"111554840804-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"96 हजार में से 2400 दिव्यांगों को ही यूआईडी कार्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
96 हजार में से 2400 दिव्यांगों को ही यूआईडी कार्ड
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। दिव्यांगों की पहचान के लिए यूनिक डिसेबिलिटी आईडी कार्ड जारी करने की योजना के तहत अब तक जिले में मात्र 2400 दिव्यांगों का ही कार्ड बन पाया है। जबकि जिले में कुल 96 हजार दिव्यांग हैं। यही नहीं, मात्र 17,500 दिव्यांग ही सरकारी योजनाओं का लाभ ले पा रहे हैं।
नियमानुसार, 40 प्रतिशत से ज्यादा दिव्यांग को ही सरकारी योजनाओं का लाभ देने का प्रावधान है। जिले में 18 साल के ऊपर के 19 हजार दिव्यांगों को पेंशन की सुविधा मिल रही है। जिला दिव्यांग जन सशक्तीकरण अधिकारी राजेश मिश्र ने बताया कि विभाग की ओर से कई बार जागरूकता अभियान चलाया गया। शिविर लगाकर कार्ड बनवाए गए। उन्होंने बताया कि कार्ड के लिए दिव्यांगों को खुद ऑनलाइन आवेदन करना होता है। सभी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद उन्हें कार्ड का नंबर मिल जाएगा। इसके बाद उन्हें कार्ड जारी होगा। इससे हर दिव्यांग की अपनी अलग पहचान होगी।
क्या है यूनिक डिसेबिलिटी आईडी कार्ड
इस यूनिक डिसेबिलिटी आईडी कार्ड से यह पता लगाना आसान होगा कि देश में किस तरह के दिव्यांग हैं। इससे उनके बेहतर भविष्य के लिए योजनाएं बनेंगी। इस कार्ड की मान्यता पूरे देश में होगी। यही नहीं सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने वाले दिव्यांगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
नियमानुसार, 40 प्रतिशत से ज्यादा दिव्यांग को ही सरकारी योजनाओं का लाभ देने का प्रावधान है। जिले में 18 साल के ऊपर के 19 हजार दिव्यांगों को पेंशन की सुविधा मिल रही है। जिला दिव्यांग जन सशक्तीकरण अधिकारी राजेश मिश्र ने बताया कि विभाग की ओर से कई बार जागरूकता अभियान चलाया गया। शिविर लगाकर कार्ड बनवाए गए। उन्होंने बताया कि कार्ड के लिए दिव्यांगों को खुद ऑनलाइन आवेदन करना होता है। सभी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद उन्हें कार्ड का नंबर मिल जाएगा। इसके बाद उन्हें कार्ड जारी होगा। इससे हर दिव्यांग की अपनी अलग पहचान होगी।
विज्ञापन
क्या है यूनिक डिसेबिलिटी आईडी कार्ड
इस यूनिक डिसेबिलिटी आईडी कार्ड से यह पता लगाना आसान होगा कि देश में किस तरह के दिव्यांग हैं। इससे उनके बेहतर भविष्य के लिए योजनाएं बनेंगी। इस कार्ड की मान्यता पूरे देश में होगी। यही नहीं सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने वाले दिव्यांगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने होंगे।
विज्ञापन