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अस्पताल को बदनाम किया, 50 लाख रुपये मांगे
Updated Tue, 04 Dec 2018 01:47 AM IST
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वाराणसी। भोजूबीर स्थित भारत हॉस्पिटल के डॉ. यशवंत सिंह की तहरीर पर सोमवार को कैंट थाने में चंदौली के केजी नंदा अस्पताल के चिकित्सक, चंद्रशेखर फाउंडेशन के हिमांशु सिंह, प्रशांत सिंह और रंभा देवी पर रंगदारी मांगने, आपराधिक षड्यंत्र और मानहानि करने सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई आईजी रेंज के निर्देश पर की गई है। डॉ. यशवंत सिंह का आरोप है कि आरोपियों ने उनके अस्पताल को बदनाम करने की साजिश रची और उनसे 50 लाख रुपये मांगे।
डॉ. सिंह के अनुसार चंदौली जिले की जसुरी गांव निवासी रंभा देवी उनके अस्पताल आई थीं। जांच रिपोर्ट के आधार पर मार्च, 2017 में रंभा देवी का ऑपरेशन किया गया। इसके कुछ दिन बाद चंदौली के एक चिकित्सक, प्रशांत सिंह और हिमांशु सिंह ने रंभा देवी को बरगलाया और अस्पताल को बदनाम करते हुए रंभा देवी की किडनी निकालने का आरोप लगाने लगे। इस दौरान अस्पताल को सोशल मीडिया पर अभियान चलाकर बदनाम किया गया और उनसे 50 लाख रुपये की मांग की गई।
डॉ. सिंह के अनुसार रंभा देवी की किडनी संक्रमण के कारण खराब हो रही थी और परिजनों की सहमति के आधार पर उसे निकाला गया था। रंभा देवी के उपचार में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती गई। उपचार से संबंधित सारे दस्तावेज मुख्य चिकित्सा अधिकारी के साथ ही पुलिस अधिकारियों के सामने प्रस्तुत किए गए तो उन्होंने पाया कि रंभा देवी और अन्य तीन लोग उन्हें और उनके अस्पताल को साजिशन बदनाम कर रहे हैं।
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इंस्पेक्टर कैंट ने कहा कि चार आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी गई है। तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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डॉ. सिंह के अनुसार चंदौली जिले की जसुरी गांव निवासी रंभा देवी उनके अस्पताल आई थीं। जांच रिपोर्ट के आधार पर मार्च, 2017 में रंभा देवी का ऑपरेशन किया गया। इसके कुछ दिन बाद चंदौली के एक चिकित्सक, प्रशांत सिंह और हिमांशु सिंह ने रंभा देवी को बरगलाया और अस्पताल को बदनाम करते हुए रंभा देवी की किडनी निकालने का आरोप लगाने लगे। इस दौरान अस्पताल को सोशल मीडिया पर अभियान चलाकर बदनाम किया गया और उनसे 50 लाख रुपये की मांग की गई।
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डॉ. सिंह के अनुसार रंभा देवी की किडनी संक्रमण के कारण खराब हो रही थी और परिजनों की सहमति के आधार पर उसे निकाला गया था। रंभा देवी के उपचार में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती गई। उपचार से संबंधित सारे दस्तावेज मुख्य चिकित्सा अधिकारी के साथ ही पुलिस अधिकारियों के सामने प्रस्तुत किए गए तो उन्होंने पाया कि रंभा देवी और अन्य तीन लोग उन्हें और उनके अस्पताल को साजिशन बदनाम कर रहे हैं।
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इंस्पेक्टर कैंट ने कहा कि चार आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी गई है। तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।