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60 हजार पशुओं का लगाए जाएंगे टीके
Updated Thu, 19 Apr 2018 12:56 AM IST
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ज्ञानपुर। मवेशियों को मुंहपका और खुरपका जैसी गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। 45 दिनों में जिले के 3.37 लाख मवेशियों को टीके लगाने का लक्ष्य तय किया गया है। एक महीने से अधिक समय में पशु चिकित्सा विभाग 2.65 हजार मवेशियों को टीका लगा चुका है। अब 30 अप्रैल तक करीब 60 हजार मवेशियों का टीकाकरण किया जाना है।
गर्मी के बाद बारिश शुरू होने पर कई विषैले पौधे भी अंकुरित होते हैं। उनके सेवन से मवेशियों में मुंहपका, खुरपका समेत अन्य गंभीर बीमारियां फैल जाती हैं। इनसे बचाव के लिए पशुपालन विभाग 15 मार्च से टीकाकरण अभियान चला रहा है, जो 30 अप्रैल तक चलेगा। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरबी मौर्य ने पशुपालकों से कहा कि मवेशियों को गर्मी से बचाएं। इसके अलावा उन्हें सूखी चरी न खिलाएं। इससे उनकी मौत हो सकती है। उन्होंने बताया कि जिले में 3.37 लाख मवेशियों को टीका लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब तक 11 सेंटरों के माध्यम से दो लाख 65 हजार मवेशियों को टीका लगाया गया है। टीकाकरण के दौरान चार माह से कम उम्र और आठ माह से अधिक गर्भवती मवेशी को टीकाकरण नहीं किया जा रहा है। उन्होंने बढ़ते तापमान में मवेशियों को धूप से बचाने की सलाह पशुपालकों को दी। कहा कि सुबह नौ बजे के पहले और शाम को चार बजे के बाद ही मवेशियों को बाहर निकालें। धूप से आने के बाद उन्हें तुरंत पानी न पिलाएं। पशुपालकों से कहा कि सूखी चरी मवेशी को न खिलाएं। ऐसी स्थिति में हाईड्रो साइनाइट बढ़ने से चरी विषैली हो जाती है और उसे खाने से पशु की मौत हो सकती है।
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गर्मी के बाद बारिश शुरू होने पर कई विषैले पौधे भी अंकुरित होते हैं। उनके सेवन से मवेशियों में मुंहपका, खुरपका समेत अन्य गंभीर बीमारियां फैल जाती हैं। इनसे बचाव के लिए पशुपालन विभाग 15 मार्च से टीकाकरण अभियान चला रहा है, जो 30 अप्रैल तक चलेगा। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरबी मौर्य ने पशुपालकों से कहा कि मवेशियों को गर्मी से बचाएं। इसके अलावा उन्हें सूखी चरी न खिलाएं। इससे उनकी मौत हो सकती है। उन्होंने बताया कि जिले में 3.37 लाख मवेशियों को टीका लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब तक 11 सेंटरों के माध्यम से दो लाख 65 हजार मवेशियों को टीका लगाया गया है। टीकाकरण के दौरान चार माह से कम उम्र और आठ माह से अधिक गर्भवती मवेशी को टीकाकरण नहीं किया जा रहा है। उन्होंने बढ़ते तापमान में मवेशियों को धूप से बचाने की सलाह पशुपालकों को दी। कहा कि सुबह नौ बजे के पहले और शाम को चार बजे के बाद ही मवेशियों को बाहर निकालें। धूप से आने के बाद उन्हें तुरंत पानी न पिलाएं। पशुपालकों से कहा कि सूखी चरी मवेशी को न खिलाएं। ऐसी स्थिति में हाईड्रो साइनाइट बढ़ने से चरी विषैली हो जाती है और उसे खाने से पशु की मौत हो सकती है।
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