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कर्मचारी न उपकरण, कैसे बुझाएंगे आग
Updated Mon, 12 Mar 2018 01:32 AM IST
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ज्ञानपुर। गर्मी शुरू होने के साथ ही अगलगी की घटनाएं होने लगी हैं। आग पर काबू पाने वाले अग्निशमन विभाग खुद संसाधनों की कमी से जूझ रहा है। उपकरण से लेकर कर्मचारी तक जरूरत के हिसाब से विभाग के पास नहीं है। सबसे बड़ी समस्या वाहन चालकों की है। पर्याप्त संख्या में चालक न होने के कारण दुर्घटनास्थल पर दस्ते का समय से पहुंचना मुश्किल हो जाता है।
गर्मी का मौसम अग्निशमन विभाग के लिए अति संवेदनशील होता है। मामूली चिंगारी से आग विकराल रूप धारण कर लेती है। नगर से लेकर ग्रामीण इलाकों में आग पर काबू पाने की जिम्मेदारी अग्निशमन विभाग की होती है। जिले में अग्निशमन विभाग जरूरी संसाधनों की कमी से जूझ रहा है। विभाग के पास कर्मचारी से लेकर उपकरण तक की कमी बनी हुई है। आंकड़ों के अनुसार विभाग के पास 37 फायरमैन के सापेक्ष 23, सात चालकों के बजाए तीन, चार एसआई के सापेक्ष एक और दो एफएसओ के बजाए मात्र एक एफएसओ हैं। यही नहीं, उपकरणों की भी भारी कमी है। विभाग के पास पांच के बजाए चार टैंकर और तीन के बजाय मात्र एक हाईप्रेशर उपलब्ध है। इससे एक साथ अलग-अलग क्षेत्र में घटनाएं होने पर अग्निशमन दस्ता हर जगह नहीं पहुंच पाता। अग्निशमन अधिकारी अनिल प्रताप सरोज ने कहा कि उपकरण मुहैया कराने और खाली पदों पर कर्मचारियों की तैनाती के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। कम संसाधनों में भी बेहतर करने की कोशिश की जाती है।
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गर्मी का मौसम अग्निशमन विभाग के लिए अति संवेदनशील होता है। मामूली चिंगारी से आग विकराल रूप धारण कर लेती है। नगर से लेकर ग्रामीण इलाकों में आग पर काबू पाने की जिम्मेदारी अग्निशमन विभाग की होती है। जिले में अग्निशमन विभाग जरूरी संसाधनों की कमी से जूझ रहा है। विभाग के पास कर्मचारी से लेकर उपकरण तक की कमी बनी हुई है। आंकड़ों के अनुसार विभाग के पास 37 फायरमैन के सापेक्ष 23, सात चालकों के बजाए तीन, चार एसआई के सापेक्ष एक और दो एफएसओ के बजाए मात्र एक एफएसओ हैं। यही नहीं, उपकरणों की भी भारी कमी है। विभाग के पास पांच के बजाए चार टैंकर और तीन के बजाय मात्र एक हाईप्रेशर उपलब्ध है। इससे एक साथ अलग-अलग क्षेत्र में घटनाएं होने पर अग्निशमन दस्ता हर जगह नहीं पहुंच पाता। अग्निशमन अधिकारी अनिल प्रताप सरोज ने कहा कि उपकरण मुहैया कराने और खाली पदों पर कर्मचारियों की तैनाती के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। कम संसाधनों में भी बेहतर करने की कोशिश की जाती है।
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