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ईद मिलादुन्नबी : रौशनी से नहाया शहर
Updated Sat, 02 Dec 2017 02:53 AM IST
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वाराणसी। पैगंबरे इस्लाम हजरत मोहम्मद (स.) की पैदाइश की खुशी में पूरा शहर नूरानियत के रंग में रंगा था। रंग बिरंगी झालरों की रौशनी से सड़कें, गलियां सब सराबोर थीं। हाथों में इस्लामी झंडा लिए बड़े, बुजुर्ग और बच्चे सभी नबी के आमद का पैगाम दे रहे थै। नाते पाक की धुन से पूरे शहर में एक अलग ही नूरानी रंग छा गया था। ‘सरकार की आमद मरहबा, दिलदार की आमद मरहबा...’ के नारों से पूरी फिजा गुलजार थी।
शुक्रवार को जैसे सूरज ढला और मगरिब की अजान हुई, लोगों ने एक दूसरे को नबी की पैदाइश की मुबारकबाद देनी शुरू कर दीं। एक एक मस्जिदों, मुस्लिम इलाकों की सड़कें, गलियां सभी नूर से भर गए। मस्जिदों में देर तक जहां जलसों का दौर चला, वहीं नूरानी तकरीरों और कलामों में नबी की शान का जिक्र हुआ। इसी क्रम में मरकजी यौमुन्नबी कमेटी की ओर से बेनियाबाग मैदान से ईद मिलादुन्नबी का जुलूस निकाला गया। शहर भर की तमाम अंजुमनाें ने इस जुलूस में शामिल हुईं। बड़े, बुजुर्ग, बच्चे सफेद कुता पायजामा और हरी पगड़ियाें में थे। हाथों में इस्लामी झंडा था और जुबां पर नबी की शान में कलाम व नात-ए-पाक का नजराना। जुलूस अध्यक्ष शकील अहमद बबलू और जनरल सेकेट्री जियाउद्दीन अहमद खां के नेतृत्व में बेनियाबाग से होते हुए दालमंडी से गुजरा तब जुलूस के ऊपर फूलों की बारिश हुई। जुलूस उठने से पहले मौलाना मुफ्ती जकीउल्लाह असदुल कादरी ने तकरीर की। जुलूस सराय हड़हा, छत्तातले, नारियल बाजार, दालमंडी, नई सड़क, उस्ताद बिस्मिल्लाह खां मार्ग से होता हुआ नवाब यूसूफ के बेनियाबाग स्थित कुएं पर पहुंचकर समाप्त हुआ। यहां नातिया मुकाबला हुआ।
आज निकलेगा जुलूस-ए-मोहम्मदी
वाराणसी। 12 रबी-उल-अव्वल यानी ईद मिलादुन्नबी के दिन शनिवार को रेवड़ी तालाब से सुबह सात बजे अपनी पूरी शान और अकीदत से जुलूस-ए-मोहम्मदी निकलेगा। इसकी सदारत काजी-ए-शहर मौलाना गुलाम यासीन करेंगे।
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शुक्रवार को जैसे सूरज ढला और मगरिब की अजान हुई, लोगों ने एक दूसरे को नबी की पैदाइश की मुबारकबाद देनी शुरू कर दीं। एक एक मस्जिदों, मुस्लिम इलाकों की सड़कें, गलियां सभी नूर से भर गए। मस्जिदों में देर तक जहां जलसों का दौर चला, वहीं नूरानी तकरीरों और कलामों में नबी की शान का जिक्र हुआ। इसी क्रम में मरकजी यौमुन्नबी कमेटी की ओर से बेनियाबाग मैदान से ईद मिलादुन्नबी का जुलूस निकाला गया। शहर भर की तमाम अंजुमनाें ने इस जुलूस में शामिल हुईं। बड़े, बुजुर्ग, बच्चे सफेद कुता पायजामा और हरी पगड़ियाें में थे। हाथों में इस्लामी झंडा था और जुबां पर नबी की शान में कलाम व नात-ए-पाक का नजराना। जुलूस अध्यक्ष शकील अहमद बबलू और जनरल सेकेट्री जियाउद्दीन अहमद खां के नेतृत्व में बेनियाबाग से होते हुए दालमंडी से गुजरा तब जुलूस के ऊपर फूलों की बारिश हुई। जुलूस उठने से पहले मौलाना मुफ्ती जकीउल्लाह असदुल कादरी ने तकरीर की। जुलूस सराय हड़हा, छत्तातले, नारियल बाजार, दालमंडी, नई सड़क, उस्ताद बिस्मिल्लाह खां मार्ग से होता हुआ नवाब यूसूफ के बेनियाबाग स्थित कुएं पर पहुंचकर समाप्त हुआ। यहां नातिया मुकाबला हुआ।
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आज निकलेगा जुलूस-ए-मोहम्मदी
वाराणसी। 12 रबी-उल-अव्वल यानी ईद मिलादुन्नबी के दिन शनिवार को रेवड़ी तालाब से सुबह सात बजे अपनी पूरी शान और अकीदत से जुलूस-ए-मोहम्मदी निकलेगा। इसकी सदारत काजी-ए-शहर मौलाना गुलाम यासीन करेंगे।
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