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काशी में कन्वेंशन सेंटर की डिजाइन और डीपीआर पर मुहर
Updated Fri, 15 Sep 2017 02:27 AM IST
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वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे से पहले गुरुवार को काशी को एक और बड़ी परियोजना की सौगात मिल गई। 21 महीने से सिर्फ घोषणाओं तक सिमटी काशी कन्वेंशन सेंटर (सांस्कृतिक केंद्र) की योजना को नए पंख लग गए। गुजरात के गांधीनगर में हुए परियोजनाओं के उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिंजो अबे की मौजूदगी में इसकी डिजाइन और डीपीआर पर अंतिम मुहर लग गई। भारत-जापान मैत्री के प्रतीक के तौर पर ‘रुद्राक्ष’ नामक यह सांस्कृतिक केंद्र जापान सरकार के सहयोग से वर्ष 2019 तक बनकर तैयार होगा।
2.87 एकड़ में प्रस्तावित काशी कन्वेंशन सेंटर का निर्माण नगर निगम प्रेक्षागृह की जगह कराया जाएगा। इस पर 148 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। जापानी तकनीक से इसका निर्माण जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जायका) कराएगी। सीपीडब्ल्यूडी को इसका नोडल एजेंसी बनाया गया है। यह विश्वस्तरीय सांस्कृतिक केंद्र भारत और जापान की सांस्कृतिक, साहित्यिक और धर्म-कला से जुड़ी विरासतों का अनूठा केंद्र होगा। जापान और भारत के अलावा दुनिया के कोने-कोने से आने वाले पर्यटक यहां सांस्कृतिक विरासतों से रूबरू हो सकेंगे। 12 दिसंबर 2015 को काशी दौरे से ठीक एक दिन पहले दिल्ली में जापानी पीएम शिंजो अबे ने इस कन्वेंशन सेंटर के निर्माण की घोषणा की थी। नगर आयुक्त डॉ. नितिन बंसल ने इसे काशी के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। कहा कि यह कन्वेंशन सेटर भारत और जापान की संस्कृति, साहित्य और कला का संगम होगा। इससे दोनों देशों के रिश्ते और प्रगाढ़ होंगे। यह दुनिया भर के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र होगा। बताया कि डिजाइन और डीपीआर पर मुहर लगने के बाद अब अगले साल फरवरी में इसका ग्लोबल टेंडर होगा। जून तक इसका निर्माण शुरू हो जाएगा।
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2.87 एकड़ में प्रस्तावित काशी कन्वेंशन सेंटर का निर्माण नगर निगम प्रेक्षागृह की जगह कराया जाएगा। इस पर 148 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। जापानी तकनीक से इसका निर्माण जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जायका) कराएगी। सीपीडब्ल्यूडी को इसका नोडल एजेंसी बनाया गया है। यह विश्वस्तरीय सांस्कृतिक केंद्र भारत और जापान की सांस्कृतिक, साहित्यिक और धर्म-कला से जुड़ी विरासतों का अनूठा केंद्र होगा। जापान और भारत के अलावा दुनिया के कोने-कोने से आने वाले पर्यटक यहां सांस्कृतिक विरासतों से रूबरू हो सकेंगे। 12 दिसंबर 2015 को काशी दौरे से ठीक एक दिन पहले दिल्ली में जापानी पीएम शिंजो अबे ने इस कन्वेंशन सेंटर के निर्माण की घोषणा की थी। नगर आयुक्त डॉ. नितिन बंसल ने इसे काशी के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। कहा कि यह कन्वेंशन सेटर भारत और जापान की संस्कृति, साहित्य और कला का संगम होगा। इससे दोनों देशों के रिश्ते और प्रगाढ़ होंगे। यह दुनिया भर के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र होगा। बताया कि डिजाइन और डीपीआर पर मुहर लगने के बाद अब अगले साल फरवरी में इसका ग्लोबल टेंडर होगा। जून तक इसका निर्माण शुरू हो जाएगा।
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