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ग्रीन ऊर्जा की मॉडल सिटी बनेगी काशी
Updated Thu, 06 Jul 2017 02:35 AM IST
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वाराणसी। स्मार्ट सिटी बनने की ओर बढ़ चुकी काशी को ग्रीन ऊर्जा की मॉडल सिटी के रूप में भी जाना जाएगा। इस योजना पर काम शुरू हो चुका है। प्रमुख सरकारी भवनों, कार्यालयों के अलावा स्ट्रीट लाइट आदि की बिजली की जरूरतें सोलर प्लांट से पूरी की जाएंगी। यह योजना केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के निर्देशन में बनाई गई है। इस सिलसिले में मंत्रालय की टीम आठ जुलाई को यहां आएगी। नगर निगम के अधिकारी इसकी तैयारी में जुट गए हैं।
वैकल्पिक ऊर्जा के उपयोग से जहां परंपरागत ऊर्जा की बचत होगी। वहीं, प्रदूषणमुक्त वातावरण बनाने में भी मदद मिलेगी। काशी को ग्रीन ऊर्जा की मॉडल सिटी बनाने के लिए सौर ऊर्जा संयंत्र के साथ ही जगह-जगह छोटे-छोटे संयंत्र लगाकर कूड़े से बिजली उत्पादन की योजना है। इसके अलावा शहर के कचरा निस्तारण के लिए बने करसड़ा प्लांट को भी अपग्रेड किया जाएगा। कूड़े से बिजली उत्पादन शुरू करने की योजना पर काम भी शुरू हो चुका है। पहले चरण में चार जगहों पर इसके छोटे संयंत्र लगाए जा रहे हैं। भवनिया पोखरी में यह प्लांट लगाया जा चुका है। वरुणापुर जोन की पहड़िया मंडी में इसे लगाने का काम जारी है। वहीं, दो अन्य स्थानों पर भी जल्द ही काम शुरू कराने की तैयारी है। कूड़ा निस्तारण संयंत्रों के जरिये बिजली उत्पादन के साथ ही जैविक खाद भी बनाई जाएगी। तय योजना पर काम हुआ तो साल भर के अंदर यह शुरू हो जाएगा। वहीं, दूसरी तरफ परंपरागत ऊर्जा की जरूरतों को न्यूनतम करने के लिए सोलर प्लांट लगाने में भी तेजी आ गई है। नगर निगम मुख्यालय को सोलर ऊर्जा से लैस कर दिया गया है। अब जोनल और सब जोनल कार्यालयों पर ये प्लांट लगाए जाएंगे।
आ सकते हैं नगर विकास मंत्री
काशी को ग्रीन ऊर्जा की मॉडल सिटी बनाने के लिए आठ जुलाई को होने वाली अहम बैठक में नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना भी शामिल हो सकते हैं। हालांकि इस बारे में कोई अधिकृत जानकारी अब तक नहीं मिली है, लेकिन अंदरखाने इसकी चर्चाएं जोरों पर हैं।
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वैकल्पिक ऊर्जा के उपयोग से जहां परंपरागत ऊर्जा की बचत होगी। वहीं, प्रदूषणमुक्त वातावरण बनाने में भी मदद मिलेगी। काशी को ग्रीन ऊर्जा की मॉडल सिटी बनाने के लिए सौर ऊर्जा संयंत्र के साथ ही जगह-जगह छोटे-छोटे संयंत्र लगाकर कूड़े से बिजली उत्पादन की योजना है। इसके अलावा शहर के कचरा निस्तारण के लिए बने करसड़ा प्लांट को भी अपग्रेड किया जाएगा। कूड़े से बिजली उत्पादन शुरू करने की योजना पर काम भी शुरू हो चुका है। पहले चरण में चार जगहों पर इसके छोटे संयंत्र लगाए जा रहे हैं। भवनिया पोखरी में यह प्लांट लगाया जा चुका है। वरुणापुर जोन की पहड़िया मंडी में इसे लगाने का काम जारी है। वहीं, दो अन्य स्थानों पर भी जल्द ही काम शुरू कराने की तैयारी है। कूड़ा निस्तारण संयंत्रों के जरिये बिजली उत्पादन के साथ ही जैविक खाद भी बनाई जाएगी। तय योजना पर काम हुआ तो साल भर के अंदर यह शुरू हो जाएगा। वहीं, दूसरी तरफ परंपरागत ऊर्जा की जरूरतों को न्यूनतम करने के लिए सोलर प्लांट लगाने में भी तेजी आ गई है। नगर निगम मुख्यालय को सोलर ऊर्जा से लैस कर दिया गया है। अब जोनल और सब जोनल कार्यालयों पर ये प्लांट लगाए जाएंगे।
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आ सकते हैं नगर विकास मंत्री
काशी को ग्रीन ऊर्जा की मॉडल सिटी बनाने के लिए आठ जुलाई को होने वाली अहम बैठक में नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना भी शामिल हो सकते हैं। हालांकि इस बारे में कोई अधिकृत जानकारी अब तक नहीं मिली है, लेकिन अंदरखाने इसकी चर्चाएं जोरों पर हैं।
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