Varanasi News: कलेक्ट्रेट पर तोड़फोड़ मामले में सपा के 11 नेताओं को मिली जमानत, पूर्व मंत्री का नाम भी शामिल
13 साल पहले तत्कालीन सांसद रामकिशुन यादव के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में समाजवादी पार्टी के नेता व कार्यकर्ता जिला मुख्यालय पर हंगामा किया था।
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वाराणसी जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन, तोड़फोड़ और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के मामले में सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष समेत 11 सपा नेताओं को जमानत मिल गई। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट/ एमपी-एमएलए कोर्ट उज्जवल उपाध्याय की अदालत ने पूर्व जिलाध्यक्ष सपा अखिलेश मिश्रा, पूर्व जिला पंचायत सदस्य सतेंद्र यादव, लक्ष्मण यादव समेत 11 सपा नेताओं को 20-20 हजार रुपये के दो बंधपत्र व जमानतदार देने पर रिहा करने का आदेश दिया।
इसके पूर्व सभी आरोपियों ने कोर्ट में अधिवक्ता कृष्ण कुमार पटेल पाजी व उपेंद्र यादव राणा के माध्यम से अदालत में समर्पण करने के बाद जमानत की अर्जी दी थी। प्रकरण के अनुसार 16 सितंबर 2009 को कैंट थाना प्रभारी डीपी आर्या ने कैंट थाने में तहरीर दी थी।
आरोप था कि तत्कालीन सांसद रामकिशुन यादव के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में समाजवादी पार्टी के नेता व कार्यकर्ता जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन करते हुए सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न कर रहे थे।
पुलिस टीम ने जब उन्हें रोकने का प्रयास किया तो वह लोग उग्र हो गए और पुलिस पर हमला करते हुए तोड़फोड़ की।
मामले में कैंट थाने में पूर्व सांसद रामकिशुन यादव, पूर्व मंत्री सुरेंद्र पटेल, पूर्व जिलाध्यक्ष सपा अखिलेश मिश्रा, पूर्व जिला पंचायत सदस्य सतेंद्र यादव, लक्ष्मण यादव समेत 86 लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। मामले में कोर्ट से वारंट जारी होने सभी आरोपियों ने अदालत में समर्पण कर जमानत के लिए अर्जी दी थी। अदालत ने सभी आरोपियों को जमानत दे दी।