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उस्ताद बिस्मिल्लाह खां की 101वीं जयंतीः मजार पर सर्वधर्म पाठ,चढ़ाई गई चादर
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Tue, 21 Mar 2017 11:17 PM IST
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डीएम, एसएसपी और पूर्व डीजीपी ने मकबरे पर चढ़ाए फूल
- फोटो : अमर उजाला
शहनाई के जादूगर भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खां की जयंती पर मंगलवार को उनकी मजार पर फूल चढ़ाने के लिए हिंदू-मुसलमान दोनों पहुंचे। उस्ताद की मजार पर सर्वधर्म पाठ हुआ। चाहने वालों ने उस्ताद को नमन किया और चादर चढ़ाई।
संगीतकारों ने उनके सुरों की दमकशी को याद किया और सादगी को। महापौर राम गोपाल मोहले समेत कई जनप्रतिनिधि, अफसर और संगीतकारों ने दरगाह-ए-फातमान पहुंचकर उस्ताद को नमन किया।
महापौर ने वहां उस्ताद के परिवारीजनों को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय संस्कृति, पर्यटनमंत्री महेश शर्मा और बाबुल सुप्रियो को जयंती पर यहां पहुंचकर मजार पर पुष्प अर्पित करने को नामित किया था। लेकिन एयरपोर्ट विस्तार के कारण उनका आगमन तय समय पर संभव नहीं हो सका है।
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दरगाह-ए-फातमान पर उस्ताद की 101वीं जयंती पर सुबह से ही संगीत प्रेमियों, चाहने वालों और उनके शिष्यों का जमावड़ा लगने लगा। जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र ने दरगाह पहुंचकर उस्ताद के मकबरे पर पुष्पांजलि अर्पित की।
डीएम ने कहा कि भारत रत्न बिस्मिल्लाह खां जैसी हस्ती हजारों साल में एक पैदा होती है। उनका राष्ट्र प्रेम, काशी में खास तौर से गंगा प्रेम, भारतीय संस्कृति के प्रति लगाव, शास्त्रीय संगीत के प्रति अपार श्रद्धा और रियाज उन्हें महान बनाता है।
शहनाई जैसे साज को शास्त्रीय संगीत में आसमान की ऊंचाई तक पहुंचाने के लिए उनको हमेशा याद किया जाएगा।
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संगीतकारों ने उनके सुरों की दमकशी को याद किया और सादगी को। महापौर राम गोपाल मोहले समेत कई जनप्रतिनिधि, अफसर और संगीतकारों ने दरगाह-ए-फातमान पहुंचकर उस्ताद को नमन किया।
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महापौर ने वहां उस्ताद के परिवारीजनों को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय संस्कृति, पर्यटनमंत्री महेश शर्मा और बाबुल सुप्रियो को जयंती पर यहां पहुंचकर मजार पर पुष्प अर्पित करने को नामित किया था। लेकिन एयरपोर्ट विस्तार के कारण उनका आगमन तय समय पर संभव नहीं हो सका है।
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दरगाह-ए-फातमान पर उस्ताद की 101वीं जयंती पर सुबह से ही संगीत प्रेमियों, चाहने वालों और उनके शिष्यों का जमावड़ा लगने लगा। जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र ने दरगाह पहुंचकर उस्ताद के मकबरे पर पुष्पांजलि अर्पित की।
डीएम ने कहा कि भारत रत्न बिस्मिल्लाह खां जैसी हस्ती हजारों साल में एक पैदा होती है। उनका राष्ट्र प्रेम, काशी में खास तौर से गंगा प्रेम, भारतीय संस्कृति के प्रति लगाव, शास्त्रीय संगीत के प्रति अपार श्रद्धा और रियाज उन्हें महान बनाता है।
शहनाई जैसे साज को शास्त्रीय संगीत में आसमान की ऊंचाई तक पहुंचाने के लिए उनको हमेशा याद किया जाएगा।
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बनारस घराने के संगीत का उस्ताद विश्व भर में प्रसिद्ध
हिंदू-मुसलमान दोनों कौम के लोगों ने चढ़ाई उस्ताद की मजार पर चादर
- फोटो : अमर उजाला
पूर्व एडीजी रंजन द्विवेदी ने भी उस्ताद को नमन किया। एसएसपी नितिन तिवारी ने भी उस्ताद के मकबरे पर फूल अर्पित किया। उनका कहना था कि बनारस घराने के संगीत का उस्ताद विश्व भर में प्रतिनिधित्व करने वाले कलाकार थे।
पूर्व विधायक अजय राय ने भी फातमान पहुंचकर पुष्पांजलि अर्पित की। इस मौके पर उस्ताद जामिन हुसैन खां. उस्ताद अली अब्बास, अब्बास मुर्तुजा शम्शी, नाजिम हुसैन, जरीना खातून, निहाज फातिमा, नासिर अब्बास, शाहीन फातिमा समेत तमाम लोग उपस्थित थे।
पूर्व विधायक अजय राय ने भी फातमान पहुंचकर पुष्पांजलि अर्पित की। इस मौके पर उस्ताद जामिन हुसैन खां. उस्ताद अली अब्बास, अब्बास मुर्तुजा शम्शी, नाजिम हुसैन, जरीना खातून, निहाज फातिमा, नासिर अब्बास, शाहीन फातिमा समेत तमाम लोग उपस्थित थे।