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मछली पालन कर एक बीघा जमीन से आठ लाख रुपये कमा सकते हैं किसान
Updated Fri, 12 Oct 2018 01:56 AM IST
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वाराणसी। मत्स्य पालन विभाग की ओर से जिला मुख्यालय स्थित राजकीय खाद्य विज्ञान प्रशिक्षण केंद्र में मत्स्य पालकों की आय दोगुनी करने के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर लगाया गया। गुरुवार को मंडल स्तरीय प्रशिक्षण शिविर का समापन प्रदेश के मत्स्य, पशुधन एवं लघु सिंचाई मंत्री प्रो. एसपी बघेल ने किया। उन्होंने कहा कि आरएएस पद्धति से मत्स्य पालन कर एक बीघा जमीन से सात से आठ लाख रुपये तक की आय प्राप्त की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी और राज्य की योगी सरकार गांव, गरीब और किसान के लिए काम कर रही है। किसानों का कर्ज माफ किया गया। आने वाले दिनों में किसानों की बाकी समस्याओं का भी समाधान किया जाएगा। राष्ट्रीय मत्स्यिकी बोर्ड के सहयोग से नीली क्रांति योजना के तहत डीएम सुरेंद्र सिंह और सीडीओ गौरांग राठी ने मत्स्य कृषकों को प्रमाण पत्र दिया। उपनिदेशक मत्स्य एनएस रहमानी ने कृषकों को तालाब निर्माण से लेकर मछलियों में लगने वाले रोग, उपचार, बिक्री के बारे में बताया। कहा कि कृषकों को क्षेत्र में भ्रमण कराने की भी सुविधा है। शिविर में मंडल के चारों जिलों के 50 मत्स्य पालकों के साथ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्य कार्यकारी अधिकारी मत्स्य रवींद्र प्रसाद ने मत्स्य पालकों को मछली बारे के बारे में बताया।
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उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी और राज्य की योगी सरकार गांव, गरीब और किसान के लिए काम कर रही है। किसानों का कर्ज माफ किया गया। आने वाले दिनों में किसानों की बाकी समस्याओं का भी समाधान किया जाएगा। राष्ट्रीय मत्स्यिकी बोर्ड के सहयोग से नीली क्रांति योजना के तहत डीएम सुरेंद्र सिंह और सीडीओ गौरांग राठी ने मत्स्य कृषकों को प्रमाण पत्र दिया। उपनिदेशक मत्स्य एनएस रहमानी ने कृषकों को तालाब निर्माण से लेकर मछलियों में लगने वाले रोग, उपचार, बिक्री के बारे में बताया। कहा कि कृषकों को क्षेत्र में भ्रमण कराने की भी सुविधा है। शिविर में मंडल के चारों जिलों के 50 मत्स्य पालकों के साथ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्य कार्यकारी अधिकारी मत्स्य रवींद्र प्रसाद ने मत्स्य पालकों को मछली बारे के बारे में बताया।
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