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10 बड़े बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए चलेगा अभियान
Updated Thu, 23 Aug 2018 02:16 AM IST
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वाराणसी। 25 हजार और इससे ज्यादा के इनामी बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अभियान चलाएगी। इसका निर्देश एसएसपी ने एसपी सिटी, एसपी ग्रामीण और एसपी क्राइम को दिया है। कहा है कि इसके लिए क्षेत्राधिकारियों के नेतृत्व में टीम गठित कर 31 अगस्त तक विशेष अभियान चलाया जाए और इनामी बदमाशों की धरपकड़ की जाए।
जिले में मौजूदा समय में पुरस्कार घोषित बदमाशों की संख्या 37 है। इनमें से 10 बदमाश ऐसे हैं, जिन पर घोषित इनाम की राशि 25 हजार और इससे अधिक है। ऐसे बदमाशों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई करने का निर्देश अपर पुलिस महानिदेशक अपराध ने दिया है। इसी क्रम में एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने एसपी सिटी, एसपी ग्रामीण और एसपी क्राइम को कहा है कि अपने पर्यवेक्षण में पुरस्कार घोषित बदमाशों की गिरफ्तारी सुनिश्चित कराएं और 31 अगस्त को कार्रवाई की रिपोर्ट दें।
इन बदमाशों की पुलिस को है तलाश
आदमपुर का रूपेश सेठ, जंसा के दीनदासपुर का मनीष कुमार सिंह, चौबेपुर के धौरहरा का इंद्रदेव सिंह उर्फ बीकेडी, चोलापुर के गोसाईपुर का सुनील यादव, मंडुवाडीह के लहरतारा का अजीम अहमद, कोतवाली की कपिलेश्वर गली का विश्वास शर्मा उर्फ नेपाली, लक्सा की नई बस्ती रामापुरा का दीपक वर्मा उर्फ गुड्डू, लखनऊ के आलमबाग का सलीम उर्फ मुख्तार शेख और गाजीपुर के मुहम्मदाबाद थाना के महरूपुर के अताउर रहमान उर्फ बाबू व शहाबुद्दीन।
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वर्षों से लापता बदमाशों को पहचानेंगे कैसे
बीते साल लहुराबीर क्षेत्र में दरोगा पर नशे में धुत इनामी बदमाश राज कुमार बिंद उर्फ गुड्डू मामा को पुलिस ने पकड़ा तो घंटों तक कोई उसकी शिनाख्त ही नहीं कर पाया था। कुछ ऐसा ही हाल अन्य फरार बदमाशों का भी है। फरार बीकेडी की बहुत पुरानी एक तथाकथित फोटो पुलिस के पास है तो अताउर रहमान, शहाबुद्दीन, विश्वास नेपाली, अजीम अहमद जैसे जरायम जगत के कुख्यात बदमाश भी लंबे समय से फरार हैं और वे सामने भी आ जाएंगे तो आसानी से पहचान में नहीं आ सकेंगे। ऐसे में वर्षों से लापता बदमाशों की तस्दीक कर उन्हें पुलिस कैसे गिरफ्तार करेगी।
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जिले में मौजूदा समय में पुरस्कार घोषित बदमाशों की संख्या 37 है। इनमें से 10 बदमाश ऐसे हैं, जिन पर घोषित इनाम की राशि 25 हजार और इससे अधिक है। ऐसे बदमाशों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई करने का निर्देश अपर पुलिस महानिदेशक अपराध ने दिया है। इसी क्रम में एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने एसपी सिटी, एसपी ग्रामीण और एसपी क्राइम को कहा है कि अपने पर्यवेक्षण में पुरस्कार घोषित बदमाशों की गिरफ्तारी सुनिश्चित कराएं और 31 अगस्त को कार्रवाई की रिपोर्ट दें।
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इन बदमाशों की पुलिस को है तलाश
आदमपुर का रूपेश सेठ, जंसा के दीनदासपुर का मनीष कुमार सिंह, चौबेपुर के धौरहरा का इंद्रदेव सिंह उर्फ बीकेडी, चोलापुर के गोसाईपुर का सुनील यादव, मंडुवाडीह के लहरतारा का अजीम अहमद, कोतवाली की कपिलेश्वर गली का विश्वास शर्मा उर्फ नेपाली, लक्सा की नई बस्ती रामापुरा का दीपक वर्मा उर्फ गुड्डू, लखनऊ के आलमबाग का सलीम उर्फ मुख्तार शेख और गाजीपुर के मुहम्मदाबाद थाना के महरूपुर के अताउर रहमान उर्फ बाबू व शहाबुद्दीन।
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वर्षों से लापता बदमाशों को पहचानेंगे कैसे
बीते साल लहुराबीर क्षेत्र में दरोगा पर नशे में धुत इनामी बदमाश राज कुमार बिंद उर्फ गुड्डू मामा को पुलिस ने पकड़ा तो घंटों तक कोई उसकी शिनाख्त ही नहीं कर पाया था। कुछ ऐसा ही हाल अन्य फरार बदमाशों का भी है। फरार बीकेडी की बहुत पुरानी एक तथाकथित फोटो पुलिस के पास है तो अताउर रहमान, शहाबुद्दीन, विश्वास नेपाली, अजीम अहमद जैसे जरायम जगत के कुख्यात बदमाश भी लंबे समय से फरार हैं और वे सामने भी आ जाएंगे तो आसानी से पहचान में नहीं आ सकेंगे। ऐसे में वर्षों से लापता बदमाशों की तस्दीक कर उन्हें पुलिस कैसे गिरफ्तार करेगी।