{"_id":"5b4a69864f1c1b3b5a8b4bf7","slug":"101531603334-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एम्स जैसी सुविधा पर कार्यकारिणी परिषद की लगी मुहर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एम्स जैसी सुविधा पर कार्यकारिणी परिषद की लगी मुहर
Updated Sun, 15 Jul 2018 02:52 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। बीएचयू आईएमएस में एम्स जैसी सुविधाएं मिलने के प्रस्ताव पर कार्यकारिणी परिषद ने भी अपनी मुहर लगा दी है। इसके अलावा कई और बिंदुओं पर भी सदस्यों ने निर्णय लिया। कुलपति ने एम्स जैसी सुविधा को लेकर अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी देने के साथ ही जल्द ही और भी औपचारिकताएं पूरी कर लेने की जानकारी दी।
शनिवार को नई दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में कुलपति प्रो. राकेश भटनागर की अध्यक्षता वाली परिषद की बैठक में पूर्व में विश्वविद्यालय के शिक्षण, शोध और वित्तीय मामलों में हुए फैसलों का अनुमोदन भी हुआ। बैठक में सितंबर 2017 में हुई बैठक में मीटिंग पर अनुमोदन हुआ। कुलपति ने बताया कि बीएचयू से अलग बिना एम्स की सुविधा मिले तो बेहतर होगा। इसके लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। सदस्यों को यह भी बताया कि इस दिशा में 19 जून को नई दिल्ली में प्रस्ताव पर समझौता हो चुका है। इसके बाद पहले बीएचयू की टीम एम्स जाकर सुविधाओं की जानकारी ली, इसके बाद दस सदस्यीय टीम ने भी बीएचयू आकर सुविधाओं का मूल्यांकन किया।
बैठक में सदस्यों में आईसीएआर रिसर्च सेंटर रांची से डॉ. एके सिंह, एफआरआई डीम्ड यूनिवर्सिटी देहरादून के डॉ. एके त्रिपाठी, मणिपुर केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आद्या प्रसाद पांडेय, इलाहाबाद विश्वविद्यालय से प्रो. असीम मुखर्जी, एचएनबी गढ़वाल यूनिवर्सिटी से प्रो. एचसी नैनवाल, सेंट्रल यूनिवर्सिटी हरियाणा से प्रो. रामनरेश मिश्रा के साथ ही कुलसचिव डॉ. नीरज त्रिपाठी, वित्त अधिकारी डॉ. एसबी पटेल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
शनिवार को नई दिल्ली के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में कुलपति प्रो. राकेश भटनागर की अध्यक्षता वाली परिषद की बैठक में पूर्व में विश्वविद्यालय के शिक्षण, शोध और वित्तीय मामलों में हुए फैसलों का अनुमोदन भी हुआ। बैठक में सितंबर 2017 में हुई बैठक में मीटिंग पर अनुमोदन हुआ। कुलपति ने बताया कि बीएचयू से अलग बिना एम्स की सुविधा मिले तो बेहतर होगा। इसके लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। सदस्यों को यह भी बताया कि इस दिशा में 19 जून को नई दिल्ली में प्रस्ताव पर समझौता हो चुका है। इसके बाद पहले बीएचयू की टीम एम्स जाकर सुविधाओं की जानकारी ली, इसके बाद दस सदस्यीय टीम ने भी बीएचयू आकर सुविधाओं का मूल्यांकन किया।
विज्ञापन
बैठक में सदस्यों में आईसीएआर रिसर्च सेंटर रांची से डॉ. एके सिंह, एफआरआई डीम्ड यूनिवर्सिटी देहरादून के डॉ. एके त्रिपाठी, मणिपुर केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आद्या प्रसाद पांडेय, इलाहाबाद विश्वविद्यालय से प्रो. असीम मुखर्जी, एचएनबी गढ़वाल यूनिवर्सिटी से प्रो. एचसी नैनवाल, सेंट्रल यूनिवर्सिटी हरियाणा से प्रो. रामनरेश मिश्रा के साथ ही कुलसचिव डॉ. नीरज त्रिपाठी, वित्त अधिकारी डॉ. एसबी पटेल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन