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एयरपोर्ट विस्तारीकरण के प्रयास के साथ ही विरोध शुरू
Updated Mon, 18 Sep 2017 01:51 AM IST
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बाबतपुर। लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के रनवे विस्तार के लिए भूमि का सर्वे किये जाने की प्रक्रिया शुरू होते ही इसका विरोध भी शुरू हो गया है। इसको लेकर किसान आक्रोशित नजर आ रहे हैं। किसानों का कहना है कि हम किसी भी कीमत पर अपनी जमीन सरकार को नहीं देंगे। इसी को लेकर रविवार को हवाईअड्डे से सटे गांव रघुनाथपुर में स्थित प्राथमिक विद्यालय पर ग्राम प्रधान विजय पटेल के नेतृत्व में किसानों ने एक बैठक किया।
बैठक में रघुनाथपुर, पुअरा, खरका, बसनी पठकान सहित अन्य गावों के सैकड़ों ग्रामीणों ने हिस्सा लिया। ग्रामीणों का कहना था कि वे अपनी जमीन किसी भी कीमत पर सरकार को नहीं सौपेंगे क्योंकि हवाईअड्डे के रनवे विस्तार के लिए जिन स्थानों का सर्वे किया गया है वहां घनी आबादी है तथा फसली भूमि है। सरकार द्वारा यदि भूमि अधिग्रहण किया जाएगा तो रघुुनाथपुर, पुअरा, खरका, बसनी पठकान आदि गांव का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। वहीं फसली भूमि होने के चलते किसानों की रोजी रोटी भी छिन जाएगी। ऐसे में सरकार को वे किसी भी कीमत पर अपनी जमीन नहीं सौपेंगे। बैठक में रामसुचित मिश्र, रमाशंकर, लाल श्रीवास्तव, विरेंद्र नाथ दूबे, उदय शंकर दूबे, शारदा गुप्ता, संदीप सिंह, सुभाष चंद्र दूबे सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे। इस दौरान लोगों ने कहा कि अपनी जमीन बचाने के लिए किसान संघर्ष समिति का गठन कर आंदोलन किया जाएगा जिससे कि किसानो के साथ किसी प्रकार का अन्याय न हो सके। किसानाें का कहना है कि विस्तारीकरण के प्रथम चरण में कुल 11 गांवो का पूर्ण सफाया हो जाएगा। हम सब के सामने पुन: बसने का संकट खड़ा हो जाएगा । एयरपोर्ट को अपना ये विस्तारीकरण का कार्य रोकना होगा। क्योंकि इससे सैकड़ो परिवार भूमिहीन हो जाएंगे और हम सब के सामने पहचान का संकट खड़ा हो जाएगा ।बैठक में मुख्य रूप से रामा लाल श्रीवास्तव, सुभाष दुबे अधिवक्ता, प्रेम लाल श्रीवास्तव, वीरेंद्र दूबे दीपक राय, भोला पटेल, सुरेंद्र पटेल, मुन्ना दूबे, मोछू पटेल सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
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बैठक में रघुनाथपुर, पुअरा, खरका, बसनी पठकान सहित अन्य गावों के सैकड़ों ग्रामीणों ने हिस्सा लिया। ग्रामीणों का कहना था कि वे अपनी जमीन किसी भी कीमत पर सरकार को नहीं सौपेंगे क्योंकि हवाईअड्डे के रनवे विस्तार के लिए जिन स्थानों का सर्वे किया गया है वहां घनी आबादी है तथा फसली भूमि है। सरकार द्वारा यदि भूमि अधिग्रहण किया जाएगा तो रघुुनाथपुर, पुअरा, खरका, बसनी पठकान आदि गांव का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। वहीं फसली भूमि होने के चलते किसानों की रोजी रोटी भी छिन जाएगी। ऐसे में सरकार को वे किसी भी कीमत पर अपनी जमीन नहीं सौपेंगे। बैठक में रामसुचित मिश्र, रमाशंकर, लाल श्रीवास्तव, विरेंद्र नाथ दूबे, उदय शंकर दूबे, शारदा गुप्ता, संदीप सिंह, सुभाष चंद्र दूबे सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे। इस दौरान लोगों ने कहा कि अपनी जमीन बचाने के लिए किसान संघर्ष समिति का गठन कर आंदोलन किया जाएगा जिससे कि किसानो के साथ किसी प्रकार का अन्याय न हो सके। किसानाें का कहना है कि विस्तारीकरण के प्रथम चरण में कुल 11 गांवो का पूर्ण सफाया हो जाएगा। हम सब के सामने पुन: बसने का संकट खड़ा हो जाएगा । एयरपोर्ट को अपना ये विस्तारीकरण का कार्य रोकना होगा। क्योंकि इससे सैकड़ो परिवार भूमिहीन हो जाएंगे और हम सब के सामने पहचान का संकट खड़ा हो जाएगा ।बैठक में मुख्य रूप से रामा लाल श्रीवास्तव, सुभाष दुबे अधिवक्ता, प्रेम लाल श्रीवास्तव, वीरेंद्र दूबे दीपक राय, भोला पटेल, सुरेंद्र पटेल, मुन्ना दूबे, मोछू पटेल सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
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