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बाढ़ की आशंका
Updated Thu, 06 Jul 2017 10:47 PM IST
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बेल्थरारोड। घाघरा नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी है। मानसूनी वर्षा के जल स्तर में बढ़ोतरी से तटवर्ती ग्रामों के हजारों लोग बाढ़ की आशंका को लेकर भयग्रस्त हो गए हैं । केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गुरुवार को अपराह्न जलस्तर 61.8 90 मीटर रिकॉर्ड किया गया जबकि खतरे का निशान 64.010 मीटर है। पिछले 24 घंटे तक जलस्तर में एक-एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से वृद्धि के बाद गुरुवार को जल स्तर स्थित हो गया । जलस्तर में स्थिरता से बाढ़ की संभावना नहीं के बराबर है। लेकिन नदी की प्रकृति में अप्रत्याशित परिवर्तन को लेकर तुर्तीपार वाशिंदे सहम गए हैं । उधर चैनपुर , गुलौरा, मठिया , महुआतर ,सहियां, कटहल बारी आदि स्थानों पर कटान हो रही है । कृषि योग्य भूमि कट-कट कर नदी की जलधारा में विलीन होते देख ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है । कटान की मुख्य वजह नदी की जलधारा मुड़ने को माना जा रहा है। देवरिया जिले के बरहज के पास तटवर्ती क्षेत्रों में बने ठोकर से नदी की धारा टकराने के बाद सीधे मुड़ते हुए बलिया जिले के तटवर्ती भागों से टकराती है । जिससे कटान की स्थिति उत्पन्न हो रही है, कटान रोकने की स्थाई व्यवस्था नहीं किए जाने से स्थिति दिनों दिन भयावह रुप अख्तियार होने लगी है । समय रहते कटान रोकने की दिशा में शीघ्र आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो तटवर्ती लोगों को गंभीर परिणाम भुगतना पड़ेगा ।
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