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100 वाली पुड़िया ला..मजा आ जाई: बनारस में रोज बिकता है 100 किलो गांजा, बेचने वाले लोग बोले- 'सिस्टम को पता है'

Wed, 11 Oct 2023 09:08 AM IST
किरन रौतेला पुष्पेंद्र कुमार त्रिपाठी, अमर उजाला, वाराणसी
पुष्पेंद्र कुमार त्रिपाठी, अमर उजाला, वाराणसी Published by: किरन रौतेला Updated Wed, 11 Oct 2023 09:08 AM IST
सार

पुष्कर तालाब के समीप गुमटी में भांग का ठेका है। गुमटी में मौजूद व्यक्ति से पूछा गया कि गांजा कहां मिलेगा...? इस पर उसका कहना था कि पहाड़ी, नागिन, मिर्चैया, स्विच ऑफ, मैंगो, शिलावती... कौन चाही बोला...? रेट पूछने पर उसने कहा कि 50, 100, 150 रुपये से लेकर जेतना तोहार औकात हो...।

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100 kg ganja is sold daily in Varanasi, consignment of ganja comes from Odisha and Andhra Pradesh.
वाराणसी के विभिन्न क्षेत्रों से खरीदा गया गांजा। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जिले में रोजाना 100 किलोग्राम से ज्यादा गांजा अवैध तरीके से बिकता है। यह गांजा तस्करी के जरिये लाया, फिर अलग-अलग ठिकानों से बेचा जाता है। अमर उजाला की पड़ताल से पता चला कि तस्करों में कानून का खौफ नहीं है। वह खुलेआम गांजा बेचते और पैसा लेते हैं। ठसक से कहते हैं कि सिस्टम को सब पता है। कुछ नहीं होगा। लिहाजा, नशे का कारोबार तेजी से बढ़ा है।

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ओडिशा और आंध्र प्रदेश से आती है गांजा की खेप

पुलिस, एसटीएफ, एएनटीएफ, एनसीबी और डीआरआई की निगरानी के बावजूद हर महीने गांजा की बड़ी खेप ओडिशा और आंध्र प्रदेश के बॉर्डर से छत्तीसगढ़ आती है। छत्तीसगढ़ से गांजा की छोटी-छोटी खेप सोनभद्र होते हुए बनारस और पूर्वांचल के अलग-अलग जिलों में लाई जाती है। इसके लिए ज्यादातर कार या सवारी वाहनों का इस्तेमाल किया जाता है। वहीं, पूर्वाेत्तर के राज्यों से गांजा की खेप पहले गाजीपुर, मऊ और आजमगढ़ आती है। फिर, बनारस सहित पूर्वांचल के अन्य जिलों के तस्कर वहां जाकर ले आते हैं।

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तीन बार देते हैं पुड़िया

तस्कर गांजा बेचने के लिए अपने भरोसेमंद आदमी को रखते हैं और उसे रोजाना के हिसाब से पैसा देते हैं। सुंदरपुर में गांजा बेचने वाली महिला ने बताया कि उसे उसके मालिक एक बार में दिन भर के लिए गांजा की पुड़िया नहीं देते हैं। बल्कि, उसे दिन में तीन से चार बार में गिनकर 50 और सौ रुपये की पुड़िया दी जाती है। इसके अलावा गांजा अब कई जगह देसी शराब के ठेके पर भी आसानी से मिल जाता है। इसकी बानगी बीएचयू से सटे छित्तूपुर, गोलगड्डा सहित अन्य जगहों पर देखने को मिल जाती है।

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दो कप्तानों ने सख्ती के साथ बंद कराई थी बिक्री

कमिश्नरेट सिस्टम लागू होने से पहले एसएसपी प्रभाकर चौधरी और एसएसपी अमित पाठक ने सख्ती के साथ गांजा की बिक्री जिले में बंद कराई थी। कमिश्नरेट लागू हुआ तो तत्कालीन पुलिस आयुक्त ए. सतीश गणेश का रुख भी सख्त रहा और गांजा की बिक्री शुरू नहीं हो पाई थी।

100 kg ganja is sold daily in Varanasi, consignment of ganja comes from Odisha and Andhra Pradesh.
वाराणसी के विभिन्न क्षेत्रों से खरीदा गया गांजा। - फोटो : अमर उजाला

केस-1

ओनही सबके किरपा से इहां गांजा बेचाला

खरीदार... जल्दी करो, पुलिस न आ जाए। अरे भैया मालिक सब पुलिस वालेन के पैसा देवेलन... ओनही सबके किरपा से इहां गांजा बेचाला...। यह कहना था भिखारीपुर से लंका मार्ग पर सुंदरपुर चौराहे से कुछ कदम पहले सड़क के बाईं तरफ भांग की दुकान के पीछे कूड़ा एकत्र करने वाली महिला का। वह तस्करों की शह पर गांजा बेचती है।

केस-2

100 वाली पुड़िया ला... मजा आ जाई

शिवाला तिराहा से सोनारपुरा की ओर आगे बढ़ने पर बाईं तरफ अंग्रेजी शराब की दुकान है। दुकान के सामने सड़क की दूसरी ओर गली है। गली में घुसने पर पूछा गया कि यहां बाबा (गांजा को कहते हैं) कहां मिलेगा। इस पर 20 साल से कम उम्र के एक युवक ने आवाज दी और कहा कि एहर आबा...। फिर पूछा, कौन सा चाही... 50 या 100 या उससे ऊपर वाला...? उससे कहा गया कि मजा किसमें आएगा तो उसने जवाब दिया कि 100 वाली पुड़िया ला... मजा आ जाई...। उसको भी पुलिस का हवाला देकर जल्दी देने को कहा गया तो कहा कि डरा मत... यहां पुलिस के आवे के होला तो पहिले ही पता चल जाला... ऐसे ही पैसा नाहीं देहल जाला...।

100 kg ganja is sold daily in Varanasi, consignment of ganja comes from Odisha and Andhra Pradesh.
गांजा निकाल कर देने के बाद पैसा झोले में रखती महिला। - फोटो : अमर उजाला

केस-3

कमच्छा तिराहे के समीप खुलेआम बेच रहा था

कमच्छा तिराहा स्थित नीमा माई के मंदिर से रथयात्रा मार्ग पर बढ़ने पर बाएं हाथ भांग का ठेका है। ठेके पर बैठे व्यक्ति से पूछा गया कि पुड़िया कहां मिलेगी। इस पर उसने कहा कि आगे ओके देखा... जे काला कुर्ता पहिनले हौ...। दुकान से पांच कदम की दूरी पर सड़क पर लगभग 25 से 30 साल की आयु का एक युवक दिखा। बात की गई तो उसने पूछा कौन सी पुड़िया चाही...? उससे कहा गया कि किनारे चल कर दे दो, पुलिस न देख ले। इस पर उसका कहना था कि लेवे के हौ त यहीं ला... हम पागल हई का कि पुलिस के बिना मर्जी के सड़क पर ही पुड़िया देब...। पुलिस के सब पता हौ...।

केस-4

पहाड़ी, नागिन, मिर्चैया, स्विच ऑफ... कौन चाही

पुष्कर तालाब के समीप गुमटी में भांग का ठेका है। गुमटी में मौजूद व्यक्ति से पूछा गया कि गांजा कहां मिलेगा...? इस पर उसका कहना था कि पहाड़ी, नागिन, मिर्चैया, स्विच ऑफ, मैंगो, शिलावती... कौन चाही बोला...? रेट पूछने पर उसने कहा कि 50, 100, 150 रुपये से लेकर जेतना तोहार औकात हो...। उससे कहा गया कि अगर ज्यादा मात्रा में गांजा लेना हो तब...? इस पर समीप ही खड़े एक युवक ने कहा कि जेबा में पैसा रही त 10 किलो तक तत्काल दे देब...। आधा पैसा एडवांस चाही... हमार मोबाइल नंबर ले ला... जब मन करी फोन करिहा... यहीं नगवा में हम रहीला...।

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