यूपी: 'आईएएस का अनुभव+जमीनी पकड़=नई दिशा', राजा भैया और दिव्या मित्तल की तस्वीर, एक पोस्ट ने बढ़ाई सियासी हलचल
पूर्व भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी दिव्या मित्तल के राजनीतिक सफर पर चर्चाएं तेज हो गई हैं। वहीं, सोशल मीडिया पर कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया संग एक तस्वीर दिखी है। तस्वीर को जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के वरिष्ठ नेता डॉ. बृजेश सिंह राजावत ने एक्स पर साझा किया है।
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तस्वीर को जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के वरिष्ठ नेता डॉ. बृजेश सिंह राजावत ने एक्स पर साझा किया है। तस्वीर सामने आने के बाद दिव्या मित्तल के अगले राजनीतिक कदम को लेकर सियासी गलियारों में अटकलें शुरू हो गई हैं। हालांकि, दिव्या मित्तल पहले ही स्पष्ट कर चुकी हैं कि वह किसी राजनीतिक दल के साथ नहीं जाएंगी।
पूर्व भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी दिव्या मित्तल के राजनीतिक सफर को लेकर उत्सुकता बनी हुई है। उन्होंने प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देकर राजनीति में आने की घोषणा की थी। उनकी कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के साथ तस्वीर सामने आई है।
जिस तरह पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल जी ने आज से अपनी नई राजनीतिक पारी शुरू करने की घोषणा की है…
राजनीति के कुरुक्षेत्र में स्वागत है, दिव्या मित्तल जी!
IAS का अनुभव + राजा भैया जी की जमीनी पकड़ = क्या UP में नई दिशा की शुरुआत?
इतिहास अवसर देता है,
इबारत नेतृत्व लिखता है।
क्या उत्तर प्रदेश में राजनीति का एक नया अध्याय शुरू होगा?
— Dr Brijesh singh Rajawat (@DrBrijeshsinghJ) September 29, 2026
जिस तरह पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल जी ने आज से अपनी नई राजनीतिक पारी शुरू करने की घोषणा की है…
राजनीति के कुरुक्षेत्र में स्वागत है, दिव्या मित्तल जी!
IAS का अनुभव + राजा भैया जी की जमीनी पकड़ = क्या UP में नई… pic.twitter.com/hPjmUVDqvv
हाल ही में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने वाली आईएएस दिव्या मित्तल ने सक्रिय राजनीति में आने का फैसला लिया है। उन्होंने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपने वैरीफाइड हैंडल पर वीडियो जारी किया, जिसमें राजनीति में स्वतंत्र रूप से आने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह किसी भी दल में शामिल नहीं होंगी।
दिव्या ने तंज कसते हुए कहा कि यही तो ये लोग करते हैं। किसी को एफआईआर करके डरा दो, ट्रोल करके बिठा दो ताकि आम आदमी, अच्छे लोग राजनीति में न आएं। इनकी राजनीति चलती रहे। हमें इसे बदलना है।
मैं डरूंगी नहीं, सवाल पूछूंगी। जिन्होंने मेरा समर्थन किया था, उन्हीं के साथ एक ऐसा मंच बनाएंगे। मेरे पास पैसा, बाहुबल जाति-धर्म का समीकरण नहीं है। जो पैसा चुनाव में बहाया जाता है, वह हमारी सड़क, पुल, स्कूल से आता है। जब मैं अधिकारी थी, तो न्याय करने से पहले कभी किसी का नाम नहीं पूछा। राजनीति में भी नहीं पूछूंगी।