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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   UP MLC Election 2022 Date: Polling for 36 UP Vidhan Parishad Seats on 9 April Samajwadi party BJP fight News in Hindi

UP MLC Election 2022: यूपी की 36 सीटों के लिए नौ अप्रैल को मतदान, जानिए कौन सी पार्टी कितनी मजबूत?

Thu, 17 Mar 2022 09:45 AM IST
हिमांशु मिश्रा इलेक्शन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
इलेक्शन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु मिश्रा Updated Thu, 17 Mar 2022 09:45 AM IST
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सार
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद अब राजनीतिक दलों की नजर विधान परिषद यानी एमएलसी चुनाव पर है। मंगलवार से इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई। प्रदेश की 36 विधान परिषद की सीटों पर नौ अप्रैल को मतदान होना है।
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UP MLC Election 2022 Date: Polling for 36 UP Vidhan Parishad Seats on 9 April Samajwadi party BJP fight News in Hindi
अखिलेश यादव और योगी आदित्यनाथ - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद अब विधान परिषद यानी एमएलसी चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्रदेश की 36 विधान परिषद की सीटों पर नौ अप्रैल को मतदान होना है। 


विधान परिषद में अभी किस दल की कितनी सीटें? 
100 सीटों वाले विधान परिषद में अभी भाजपा के 35 एमएलसी हैं। वहीं, समाजवादी पार्टी के खाते में 17 सदस्य हैं। इनमें से भी कई सीटें आने वाले दिनों में खाली होंगी। खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सीट भी खाली हो जाएगी। दूसरी ओर बसपा के चार, कांग्रेस के एक, अपना दल (सोनेलाल) के एक सदस्य हैं। इसके अलावा दो शिक्षक एमएलसी, दो निर्दलीय और एक निषाद पार्टी के सदस्य हैं। 37 पद रिक्त हैं।

आंकड़े बताते हैं कि सत्ताधारी पार्टी ही आगे रही है

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : अमर उजाला
  • 2004 में जब मुलायम सिंह यादव मुख्यमंत्री थे, तब समाजवादी पार्टी ने 36 में 24 सीटें जीती थीं। 
  • 2010 में जब मायावती मुख्यमंत्री थीं, तब बसपा ने 36 में 34 सीटें जीती थीं।
  • 2016 में  जब अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे, तब सपा ने 31 सीटों पर जीत हासिल की थी। इसमें आठ सीटों पर निर्विरोध ही सपा प्रत्याशी जीत गए थे। 
  • 2018 में 13 सदस्य निर्विरोध ही चुनाव जीत गए थे। इसमें योगी आदित्यनाथ, केशव प्रसाद मौर्य, डॉ. दिनेश शर्मा समेत 10 सदस्य भाजपा के थे। इसके अलावा अपना दल (सोनेलाल) और सपा के एक-एक सदस्य भी चुने गए थे। 
  • 2020 में शिक्षक एमएलसी के चुनाव हुए थे। तब छह सीटों में से तीन पर भाजपा, एक पर सपा और दो पर निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत हासिल की थी। 
  • 2020 में ही पांच एमएलसी की सीटों के लिए चुनाव हुए थे। तब तीन पर भाजपा और एक पर समाजवादी पार्टी की जीत हुई थी। 
  • 2021 में भाजपा के चार सदस्यों को राज्यपाल ने नामित किया था। 

सपा और भाजपा ने क्या रणनीति बनाई?

योगी आदित्यनाथ और अखिलेश यादव
योगी आदित्यनाथ और अखिलेश यादव - फोटो : सोशल मीडिया
समाजवादी पार्टी : सपा ज्यादातर सीटों पर पुराने एमएलसी को दोबारा मैदान में उतारने की तैयारी कर रही है। हालांकि, कुछ सीटों पर नए उम्मीदवार भी उतारे जाएंगे। जिन 36 सीटों के लिए चुनाव हो रहा है, उसमें सपा के 33 एमएलसी चुने गए थे। इसमें सात पार्टी छोड़कर भाजपा में जा चुके हैं। सपा सूत्रों के मुताबिक, अभी तक करीब 50 से अधिक लोगों ने एमएलसी के लिए आवेदन किया है। इनमें कई लोग ऐसे भी हैं, जिन्हें विधानसभा में टिकट नहीं मिला था। 

भाजपा : भारतीय जनता पार्टी ने भी एमएलसी चुनाव की तैयारी तेज कर दी है। एक दिन पहले यानी सोमवार को ही पार्टी के बड़े नेताओं ने बैठक की। इसमें योगी आदित्यनाथ, केशव प्रसाद मौर्य, डॉ. दिनेश शर्मा, स्वतंत्र देव सिंह समेत कई नेता उपस्थित रहे।  बताया जाता है कि इसमें प्रत्याशियों के नामों पर चर्चा हुई। यह भी तय हुआ कि जो लोग विधानसभा चुनाव हार गए हैं, उन्हें विधान परिषद में प्रत्याशी नहीं बनाया जाएगा। नए लोगों को मौका दिया जाएगा।

कौन-कौन वोट डालता है?
विधान परिषद के सदस्य का कार्यकाल छह साल के लिए होता है। चुनाव लड़ने के लिए न्यूनतम 30 साल उम्र होनी चाहिए। एक तिहाई सदस्यों को विधायक चुनते हैं। इसके अलावा एक तिहाई सदस्यों को नगर निगम, नगरपालिका, जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत के सदस्य चुनते हैं। वहीं, 1/12 सदस्यों को शिक्षक और 1/12 सदस्यों को रजिस्टर्ड ग्रैजुएट चुनते हैं। यूपी में विधान परिषद के 100 में से 38 सदस्यों को विधायक चुनते हैं। वहीं 36 सदस्यों को स्थानीय निकाय निर्वाचन क्षेत्र के तहत जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य और नगर निगम या नगरपालिका के निर्वाचित प्रतिनिधि चुनते हैं। 10 मनोनीत सदस्यों को राज्यपाल नॉमिनेट करते हैं। इसके अलावा 8-8 सीटें शिक्षक निर्वाचन और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के तहत आती हैं।

ऐसे में अभी भाजपा ज्यादा मजबूत दिख रही है। भाजपा के पास ज्यादा जिला और क्षेत्र पंचायत सदस्य हैं। नगर निगम और नगर पालिका के सदस्यों की संख्या भी ज्यादा है। इसलिए भाजपा आसानी से 36 में से 30 सीटें जीत सकती है। 

नामांकन की प्रक्रिया जान लीजिए 

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों की सूची जारी।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों की सूची जारी। - फोटो : अमर उजाला
एमएलसी चुनाव दो चरणों में कराए जाने के लिए फरवरी में अधिसूचना जारी की गई थी। चार और पांच फरवरी को नामांकन भी हो चुका था। हालांकि, विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया जारी होने कारण इसे स्थगित कर दिया गया था। अब इसकी प्रक्रिया दोबारा शुरू हो रही है।
    
मुख्य निर्वाचन अधिकारी अजय कुमार शुक्ला के मुताबिक, पहले चरण की नामांकन प्रक्रिया फरवरी में जहां रोकी गई थी वहीं से आगे बढ़ाई जाएगी। पहले चरण के लिए 15 मार्च से 19 मार्च तक और दूसरे चरण के लिए 22 मार्च तक नामांकन होंगे। पहले चरण की 29 सीटों के लिए जिन लोगों ने 4 व 5 फरवरी को नामांकन कर दिया था वह मान्य होगा। उसे दोबारा नामांकन करने की जरूरत नहीं है।

इन सीटों के लिए 19 मार्च तक लिए जाएंगे नामांकन
मुरादाबाद-बिजनौर, रामपुर-बरेली, बदायूं, पीलीभीत-शाहजहांपुर, हरदोई, खीरी, सीतापुर, लखनऊ-उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, बाराबंकी, बहराइच, आजमगढ़-मऊ, गाजीपुर, जौनपुर, वाराणसी, मिर्जापुर-सोनभद्र, इलाहाबाद, बांदा-हमीरपुर, झांसी-जालौन-ललितपुर, कानपुर-फतेहपुर, इटावा-फर्रूखाबाद, आगरा-फिरोजाबाद, अलीगढ़, बुलन्दशहर, मेरठ-गाजियाबाद एवं मुजफ्फरनगर-सहारनपुर तथा मथुरा-एटा-मैनपुरी स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र के लिए 19 मार्च तक नामांकन लिए जाएंगे। मथुरा-एटा-मैनपुरी स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र से 2 सदस्य तथा शेष निर्वाचन क्षेत्रों से 1-1 सदस्य निर्वाचित होने हैं।

इन छह सीटों के लिए 22 मार्च तक लिए जाएंगे नामांकन
शुक्ला ने बताया कि 35 प्राधिकारी क्षेत्र को पहले दो भागों में बांट कर चुनाव कराया जाना प्रस्तावित था। क्योंकि साथ में विधानसभा चुनाव भी चल रहा था। लेकिन बाद में तिथियों में संशोधन कर दिया गया था। क्योंकि पहले चरण की नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई थी इस लिए उसे आगे जारी रखा जा रहा है। बाकी की 6 सीटों (गोंडा, फैजाबाद, बस्ती-सिद्धार्थनगर, गोखपुर-महाराजगंज, देवरिया और बलिया) के लिए 15 मार्च से 22 मार्च तक नामांकन लिए जाएंगे। सभी 35 निर्वाचन क्षेत्रों की 36 सीटों के लिए मतदान 9 अप्रैल को सुबह 8 बजे से 4 बजे तक होगा और मतगणना 12 अप्रैल को होगी। 
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