उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव: कांग्रेस ने बनाई यह योजना, संगठन की ताकत का होगा ऐसे आकलन
कांग्रेस पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर उत्तर प्रदेश की कई समितियों का गठन किया है, और उन समितियों के माध्यम से वह अपनी ताकत का आकलन भी करना चाह रही है। उत्तर प्रदेश की ऐसी ही एक समिति के सदस्य और कांग्रेस के पूर्व एमएलसी कहते हैं कि हम सभी लोगों को ब्लॉक, बूथ और ग्रामीण स्तर पर संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी दी गई थी...
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सोनभद्र फिर सीतापुर और फिर लखीमपुर के बाद आक्रामक हुई कांग्रेस अब अपनी पकड़ कम नहीं होने देना चाहती है। यही वजह है कि अगले कुछ दिनों के भीतर उत्तर प्रदेश के सभी जिला मुख्यालय, शहर, ब्लॉक और गांव स्तर पर उत्तर प्रदेश की बदहाल कानून व्यवस्था को लेकर धरना-प्रदर्शन और आंदोलन शुरू करने की रणनीति तैयार की जा रही है। प्रियंका गांधी और उनकी टीम के नेतृत्व में ये आंदोलन शुरू किए जाएंगे। कांग्रेस से जुड़े नेताओं का कहना है कि इसके लिए कांग्रेस के सभी संगठनों को सूचना दे दी गई है।
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बहाने राज्य में मजबूत विपक्ष के तौर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की कोशिश कर रही कांग्रेस इस मौके को हाथ से नहीं जाने देना चाह रही है। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि उत्तर प्रदेश में जिस तरीके से बदहाल कानून व्यवस्था के नाम पर हत्या, लूट, डकैती जैसी घटनाएं हो रही हैं, उसके लिए कांग्रेस पार्टी पूरे प्रदेश को लोगों को इकट्ठा कर एक आंदोलन खड़ा करने जा रही है। कांग्रेस के मुताबिक इसके लिए सिर्फ प्रदेश स्तर पर ही नहीं बल्कि जिला शहर ब्लॉक और ग्रामीण स्तर पर भी लोगों को आंदोलन के माध्यम से जोड़ा जाएगा। दरअसल कांग्रेस ने बीते कुछ दिनों में ग्रामीण स्तर पर अपने संगठन को मजबूत करने के लिए कार्यसमिति बनाई है। इस कार्यसमिति का ऐसे आंदोलन के माध्यम से ना सिर्फ आकलन किया जाएगा, बल्कि इस बात का अंदाजा भी लगाया जाएगा कि शहर ब्लॉक और ग्रामीण क्षेत्र में कांग्रेस की मजबूती कितनी है।
बदहाल कानून व्यवस्था के नाम पर प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश के पार्टी कार्यकर्ताओं और संगठन से जुड़े लोगों को एकजुट होकर आवाज बुलंद करने के लिए कहा है। सोमवार को उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में हुई वकील की हत्या के मामले में प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े किए हैं। कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि जल्द ही उनके संगठन के लोग अपने-अपने जिलों में प्रदेश सरकार को घेरने के लिए रणनीति बनाकर आंदोलन करेंगे।
लोगों को हकीकत से रूबरू कराएंगे
कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि सिर्फ बदहाल कानून व्यवस्था ही नहीं, बल्कि सरकार के जो दावे थे उन दावों की पोल खोलती हुई कांग्रेस की कार्यसमिति यहां हर जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर लोगों को उन दावों की हकीकत से रूबरू कराएगी। दरअसल कांग्रेस की राजनीति कुछ समय पहले छत्तीसगढ़ में आयोजित हुए एक कार्यकर्ता सम्मेलन के बाद सामने आ रही है। छत्तीसगढ़ में उत्तर प्रदेश के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को बुलाकर संगठन को न सिर्फ मजबूत करने के टिप्स दिए गए थे, बल्कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़ने के लिए प्रोत्साहित भी किया गया था।
पिछले सप्ताह कांग्रेस पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर उत्तर प्रदेश की कई समितियों का गठन किया है, और उन समितियों के माध्यम से वह अपनी ताकत का आकलन भी करना चाह रही है। उत्तर प्रदेश की ऐसी ही एक समिति के सदस्य और कांग्रेस के पूर्व एमएलसी कहते हैं कि हम सभी लोगों को ब्लॉक, बूथ और ग्रामीण स्तर पर संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी दी गई थी। हमारे ज्यादा से ज्यादा ग्राम सभा अध्यक्ष/समिति अध्यक्ष ने मजबूत संगठन खड़ा कर लिया है। इसलिए हम लोग किसी भी तरीके के आंदोलन को न सिर्फ सफल करने के लिए मजबूती से खड़े हैं, बल्कि अगले एक से डेढ़ महीने के भीतर हम लोग अपनी ताकत और ऐसे आंदोलन और सरकार की फेल हो रही नीतियों का जवाब देकर प्रदर्शित करेंगे।