फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   UP Election 2022: After Mulayam Singh, Yogi will be the first Chief Minister who will contest, what happened in Gorakhpur 20 years ago?

UP Election 2022 : मुलायम सिंह के बाद योगी पहले मुख्यमंत्री जो चुनाव लड़ेंगे, पढ़िए 20 साल पहले गोरखपुर में क्या हुआ था?

Sat, 15 Jan 2022 03:16 PM IST
हिमांशु मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु मिश्रा Updated Sat, 15 Jan 2022 03:16 PM IST
सार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस बार गोरखपुरसे विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। भारतीय जनता पार्टी ने इसका एलान कर दिया है। उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य सिराथू विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में ताल ठोकेंगे।

विज्ञापन
UP Election 2022: After Mulayam Singh, Yogi will be the first Chief Minister who will contest, what happened in Gorakhpur 20 years ago?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

2003-04 के बाद पहली बार ऐसा होने जा रहा है, जब कोई मुख्यमंत्री विधानसभा चुनाव लड़ेगा। इसके पहले आखिरी बार 2003-04 में मुख्यमंत्री रहते हुए मुलायम सिंह यादव ने गुन्नौर से विधानसभा चुनाव लड़ा था और रिकॉर्ड 1.83 लाख मतों से जीत हासिल की थी। अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चुनावी मैदान में उतरने का फैसला लिया है। 
विज्ञापन


पिछले तीन विधानसभा में क्या हुआ?
  • 2007 : बहुजन समाज पार्टी की जीत हुई। दलित-ब्राह्मण गठजोड़ से मायावती ने अपनी सरकार बनाई। मायावती विधान परिषद की सदस्य बनकर मुख्यमंत्री पद तक पहुंची। 
  • विज्ञापन
  • 2012 : समाजवादी पार्टी की जीत हुई। मुस्लिम-यादव गठजोड़ से अखिलेश यादव ने अपनी सरकार बनाई। अखिलेश ने भी विधान परिषद के सदस्य के तौर पर मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली। 
  • विज्ञापन
    विज्ञापन
  • 2017 : भारतीय जनता पार्टी ने जीत हासिल की। मोदी और केशव मौर्य के चेहरे पर भाजपा ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की। भाजपा ने गोरखपुर से सांसद योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री बनाया। सांसद पद से इस्तीफा देने के बाद योगी विधान परिषद के सदस्य बने और फिर मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली। 

अखिलेश पर असमंजस, मायावती का रूख साफ 
योगी आदित्यनाथ ने जब पिछले दिनों चुनाव लड़ने का एलान किया था, तब अखिलेश ने भी कहा कि अगर पार्टी कहेगी तो वह भी चुनाव लड़ेंगे। 2012 से 2017 के बीच मुख्यमंत्री रहे अखिलेश यादव ने कहा था, 'समाजवादी पार्टी जहां से कह देगी, मैं चुनाव वहां से लड़ लूंगा।' 

वहीं, दूसरी ओर 2007 से 2012 तक मुख्यमंत्री रहीं बसपा सुप्रीमो मायावती ने साफ कर दिया है कि वह चुनाव नहीं लडेंगी। इसको लेकर मायावती ने अपनी स्थिति भी स्पष्ट कर दी। उन्होंने कहा, 'मान्यवर कांशीराम के रहने तक मैंने खूब चुनाव लड़ा और जीता। अब उनके न रहने पर पार्टी की पूरी जिम्मेदारी मेरे ऊपर है। इसलिए मैं चुनाव नहीं लडूंगी।'


20 साल पहले गोरखपुर में क्या हुआ था?
राजनीति में कुछ भी स्थायी नहीं होता। 20 साल पहले ही ये घटना इसकी बानगी है। बात 2002 की है। तब गोरखपुर जिले से भारतीय जनता पार्टी ने शिव प्रताप शुक्ला को अपना प्रत्याशी बनाया। इससे खफा होकर मौजूदा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तब अखिल भारतीय हिन्दू महासभा से डॉ. राधामोहन दास अग्रवाल को शिव प्रताप शुक्ला के खिलाफ मैदान में उतार दिया। शुक्ला के खिलाफ योगी ने खूब प्रचार किया। नतीजा ये रहा कि डॉ. राधामोहन दास अग्रवाल जीत गए और बीजेपी बुरी तरह हार गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed