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कुंडा कांड: जांच में दोषी पाए गए पुलिसकर्मी
प्रतापगढ़/ब्यूरो
Updated Mon, 08 Apr 2013 12:27 AM IST
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डीएसपी कुंडा जिया उल हक समेत तिहरे हत्याकांड में पुलिस की भूमिका की जांच कर रहे अपर पुलिस अधीक्षक ने अपनी रिपोर्ट शासन को भेज दी है।
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उनकी जांच में पूर्व कुंडा कोतवाल सहित उनके हमराही भी दोषी पाए गए हैं। इन पर कभी भी शासन से बड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
सीओ की हत्या के बाद साथ मौजूद रहे पुलिस कर्मियों की भूमिका पर सवाल उठने लगे थे। सीओ पर हमले के दौरान वहां मौजूद पुलिस कर्मी कहां चले गए इसे लेकर तरह-तरह की बातें सामने आ रही थीं।
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मामले की जांच अपर पुलिस अधीक्षक आशाराम यादव कर रहे थे। उन्होंने करीब माह भर में अपनी जांच रिपोर्ट तैयार की।
सूत्रों के अनुसार सीओ जियाउल हक के साथ मौके पर पहुंचे तत्कालीन कुंडा कोतवाल सर्वेश मिश्र, एसएसआई विनय सिंह उनके चार हमराहियों के साथ ही सीओ के भी हमराही की भूमिका संदिग्ध पाई गई है।
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सूत्रों के अनुसार जांच रिपोर्ट में पाया गया है कि प्रधान की हत्या के बाद भीड़ आरोपी गुड्डू सिंह का घर फूंकने जा रही थी तभी सीओ आगे आ गए।
वह लोगों को रोकने लगे तो भीड़ उन पर टूट पड़ी। यह देख उनके हमराही के साथ ही कोतवाल, एसएसआई और साथी पुलिसकर्मी भाग खड़े हुए।
सूत्रों के अनुसार एएसपी आशाराम यादव ने जांच में इन सारे लोगों को दोषी पाया है। उन्होंने बताया कि रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।
बच निकले एसओ मनोज, हमराही
अपर पुलिस अधीक्षक की जांच में हथिगंवा के पूर्व एसओ मनोज शुक्ला और उनके हमराही बच गए हैं। सूत्रों के अनुसार जांच में एसओ हथिगवां व उनके हमराही सीओ से तनिक दूर होने के कारण बच गए हैं। इसे लेकर विभाग में खासी चर्चा रही। जांच अधिकारी एएसपी आशाराम यादव ने इस बाबत कुछ भी बोलने से इनकार किया।