{"_id":"62399f76ed2c95312d111faf","slug":"up-assembly-election-2022-results-where-is-opposition-leaders-akhilesh-yadav-mayawati-jayant-chaudhary-asaduddin-owaisi-news-in-hindi","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"यूपी का विपक्ष: अखिलेश से लेकर मायावती और प्रियंका तक, चुनाव हारने के बाद क्या कर रहे दिग्गज नेता?","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी का विपक्ष: अखिलेश से लेकर मायावती और प्रियंका तक, चुनाव हारने के बाद क्या कर रहे दिग्गज नेता?
Tue, 22 Mar 2022 03:35 PM IST
हिमांशु मिश्रा
इलेक्शन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
इलेक्शन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु मिश्रा
Updated Tue, 22 Mar 2022 03:35 PM IST
सार
उत्तर प्रदेश में चुनावी शोरगुल थम चुका है। सियासी हलचलें अब कुछ ही खेमों तक सिमटकर रह गई हैं।
विज्ञापन
सपा प्रमुख अखिलेश यादव, बसपा मुखिया मायावती और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
यूपी की सत्ता एक बार फिर से योगी आदित्यनाथ संभालने जा रहे हैं। 25 मार्च को वह लखनऊ में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। उनके साथ 40 से ज्यादा मंत्रियों के शपथ लेने की भी चर्चा है। सियासी गलियारे में इन दिनों सिर्फ और सिर्फ भाजपा की बातें ही चल रहीं हैं। चुनाव खत्म होने के बाद ज्यादातर विपक्षी दलों के दिग्गज नेता गायब से हो गए हैं। हालांकि, कुछ ऐसे भी विपक्ष के नेता हैं जो अभी भी तमाम मुद्दों पर सरकार को घेर रहे हैं।
आइए जानते हैं सपा मुखिया अखिलेश यादव, बसपा प्रमुख मायावती और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी चुनाव के बाद क्या कर रहे हैं?
विज्ञापन
आइए जानते हैं सपा मुखिया अखिलेश यादव, बसपा प्रमुख मायावती और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी चुनाव के बाद क्या कर रहे हैं?
अखिलेश यादव : सबसे ज्यादा एक्टिव
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव।
- फोटो : amar ujala
विपक्ष में सबसे ज्यादा मुखर अभी समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ही हैं। चुनाव हारने के बाद भी अखिलेश तमाम मुद्दों पर सरकार को घेरने में जुटे हैं। चुनाव परिणाम आने के बाद अखिलेश ने आजमगढ़, इटावा, मैनपुरी, सीतापुर समेत कई जिलों में दौरा किया। अखिलेश हर रोज भाजपा सरकार पर निशाना साध रहे हैं। 10 मार्च को परिणाम आने के बाद से लेकर आज तक यानी 22 मार्च तक अखिलेश ने कुल 24 ट्वीट किए हैं। इनमें 18 ट्वीट के जरिए सपा प्रमुख ने भाजपा सरकार को घेरा। अब लोकसभा की सदस्यता से भी इस्तीफा देकर अखिलेश ने पूरा फोकस यूपी की राजनीति पर कर लिया है।
इस चुनाव में समाजवादी पार्टी को 111 सीटें मिलीं। सपा के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ रहे राष्ट्रीय लोक दल के खाते में आठ और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी को छह सीटें मिलीं।
इस चुनाव में समाजवादी पार्टी को 111 सीटें मिलीं। सपा के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ रहे राष्ट्रीय लोक दल के खाते में आठ और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी को छह सीटें मिलीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
मायावती: बुरी हार के बाद नई रणनीति की प्लानिंग
आजमगढ़ में मायावती की रैली
- फोटो : अमर उजाला
2007 से 2012 तक यूपी की सत्ता संभालने वाली मायावती को 2012 में 80 सीटें मिलीं थीं। 2017 में केवल 19 सीटें ही जीत पाईं और इस बार बसपा को केवल एक सीट पर जीत मिली। चुनाव के दौरान कम सक्रियता की वजह से आलोचना झेलने वालीं मयावती चुनाव के बाद भी मायावती ज्यादा एक्टिव नहीं दिखीं। हालांकि, भाजपा से मिलीभगत के आरोपो पर मायावती ने जवाब मंगलवार को ट्वीट करके जवाब दिया।
उन्होंने ट्वीट किया, 'यूपी में अंबेडकरवादी लोग कभी भी सपा मुखिया अखिलेश यादव को माफ नहीं करेंगे। जिसने, अपनी सरकार में इनके नाम से बनी योजनाओं व संस्थानों आदि के नाम अधिकांश बदल दिये है। जो अति निंदनीय व शर्मनाक भी है। बीजेपी से बीएसपी नहीं बल्कि सपा संरक्षक मुलायम सिंह खुलकर मिले है। जिन्होंने बीजेपी के पिछले हुए शपथ में अखिलेश को बीजेपी से आर्शीवाद भी दिलाया है और अब अपने काम के लिए एक सदस्य को बीजेपी में भेज दिया है। यह जग-जाहिर है।'
10 मार्च को चुनाव परिणाम आने के बाद से अब तक मायावती ने एक बार मीडिया को संबोधित किया, जबकि आठ ट्वीट किए। इसके अलावा पब्लिक प्रोग्राम में मायावती कहीं नहीं दिखीं। हालांकि, पार्टी सूत्रों के मुताबिक मायावती नए सिरे से संगठन की मजबूती के लिए रणनीति तैयार कर रहीं हैं।
उन्होंने ट्वीट किया, 'यूपी में अंबेडकरवादी लोग कभी भी सपा मुखिया अखिलेश यादव को माफ नहीं करेंगे। जिसने, अपनी सरकार में इनके नाम से बनी योजनाओं व संस्थानों आदि के नाम अधिकांश बदल दिये है। जो अति निंदनीय व शर्मनाक भी है। बीजेपी से बीएसपी नहीं बल्कि सपा संरक्षक मुलायम सिंह खुलकर मिले है। जिन्होंने बीजेपी के पिछले हुए शपथ में अखिलेश को बीजेपी से आर्शीवाद भी दिलाया है और अब अपने काम के लिए एक सदस्य को बीजेपी में भेज दिया है। यह जग-जाहिर है।'
10 मार्च को चुनाव परिणाम आने के बाद से अब तक मायावती ने एक बार मीडिया को संबोधित किया, जबकि आठ ट्वीट किए। इसके अलावा पब्लिक प्रोग्राम में मायावती कहीं नहीं दिखीं। हालांकि, पार्टी सूत्रों के मुताबिक मायावती नए सिरे से संगठन की मजबूती के लिए रणनीति तैयार कर रहीं हैं।
प्रियंका गांधी : वापस दिल्ली पहुंची, समीक्षा पर फोकस
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा।
- फोटो : amar ujala
प्रियंका गांधी ने पूरे प्रदेश में जोरशोर से प्रचार किया था। कई चुनावी वादे किए थे, इसके बावजूद परिणाम उनके लिए ज्यादा अच्छा नहीं रखा। इस बार चुनाव में कांग्रेस को दो सीटों पर जीत मिली। 10 मार्च को चुनाव के नतीजे आने के बाद प्रियंका ने अपनी हार स्वीकार करते हुए ट्वीट किया। इसके बाद 15 मार्च को प्रियंका ने यूपी में मिली हार की समीक्षा की और नए सिरे से कार्यकर्ताओं को संघर्ष जारी रखने के लिए कहा। हालांकि, इस बीच प्रियंका ने किसी पब्लिक कार्यक्रम में शिरकत नहीं की। प्रियंका का ज्यादातर समय अब दिल्ली में गुजर रहा है। बताया जाता है कि वह फिर से यूपी में संगठन को मजबूत करने का प्लान बना रहीं हैं।