UP Election 2022: बांदा में युवाओं ने इन मुद्दों को उठाया, 14 साल का बच्चा निकला मोदी-योगी का जबरा फैन, पढ़िए क्या कहा?
चाय पर चर्चा के बाद 'अमर उजाला' का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' युवाओं के बीच बांदा पहुंचा। यहां के गया प्रसाद महाविद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं ने शिरकत की। इस दौरान युवाओं ने विकास, रोजगार, महंगाई, स्वास्थ्य और आरक्षण के मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी।
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उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए बांदा के युवाओं ने खुलकर चुनावी मुद्दों पर बात की। 'सत्ता का संग्राम' कार्यक्रम में यहां के युवाओं ने विकास, रोजगार, महंगाई, स्वास्थ्य और आरक्षण के मुद्दों पर खुलकर बात की। इस दौरान कुछ युवाओं ने मोदी और योगी सरकार के कामकाज की तारीफ की तो किसी ने कमियां गिनाई। पढ़िए युवाओं ने और क्या कहा?
कार्यक्रम की शुरुआत में श्वेता ने कहा कि बांदा पहले से बेहतर हो गया है। सड़कें बन गई हैं। स्कूल में कई प्रकार के गेम सब होने लगे हैं। ड्रेस की व्यवस्था है। कॉलेज में ही बहुत सारी चीजें देखने को मिल रही है। जीशान ने कहा कि अभी तक कोई भी सड़कें ऐसी नहीं बनी हैं, जिन पर गड्ढे न हों। सड़कों पर ही गड्ढे नजर आएंगे। हां, साफ सफाई पहले से बेहतर हैं। इस बार हमलोग सपा को मौका देंगे। उनके कार्यकाल में पहले भी कुछ अच्छे काम हुए हैं। इस दौरान उन्होंने एंबुलेंस, 100 नंबर डायल, मेडिकल कॉलेज का जिक्र किया।
दीक्षित नाम के युवक ने रोजगार का मुद्दा का उठाया। उन्होंने कहा कि बांदा में कोई रोजगार के बारे में नहीं सोच रहा है। यहां पलायन की बड़ी समस्या है। बहुत से परिवार वर्षों के लिए निकल जाते हैं मजदूरी के लिए। यहां के युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए बाहर जाना पड़ता है। यहां पर अच्छे-अच्छे उद्योग लगने चाहिए। उन्होंने कहा कि क्या कारण है हमारे यहां से युवाओं का पलायन हो रहा है। बुंदेलखंड में सब कुछ है, फिर भी यहां रोजगार के कोई साधन नहीं हैं। उन्होंने कहा कि युवा नकल माफियाओं से परेशान हैं। इस दौरान उन्होंने पेपर लीक का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि ऐसी कोई भी सरकार नहीं है, जिनकी तरफ युवा निहारें और जिनके आ जाने से युवाओं की दिशा और दशा बदल जाए।
हॉकी खिलाड़ी रणधीर सिंह ने कहा कि इस सरकार में खेल व खिलाड़ियों को लेकर बहुत कुछ हुआ। खिलाड़ियों के लिए कोई असुविधा नहीं है, जब जिस चीज कि दरकार होती है वह मुहैया करा दी जाती है। बांदा में विकास हुआ है। सड़कें बनी हैं, बिजली आ रही है। हालांकि, उन्होंने कहा कि रोजगार की समस्या है। यहां कोई फैक्ट्री नहीं है।
अभिषेक शुक्ला ने कहा कि बांदा की विकास की बात करें तो सड़कों पर गड्ढे नहीं हैं बल्कि कुएं हैं। मवैई बाईपास को जाकर देख लीजिए। सड़कों पर गड्ढे ही गड्ढे हैं। चुनाव के समय में भर दिए गए हैं। फिर वो वैसा ही हो जाएगा। मेडिकल कॉलेज चालू है लेकिन मूलभूत सुविधाओं की कमी है। 108 बेड का अस्पताल कोरोना काल में भी चालू नहीं हुआ, इसका क्या कारण है?
मोहम्मद तौसीब ने कहा कि सबसे ज्यादा समस्या युवाओं के लिए हैं। रोजगार नहीं है। तौसीब ने कहा कि अस्पताल में लंबी लंबी लाइनें लगी रहती हैं, जो दवाइयां लिखी जाती हैं वो अस्पताल में नहीं रहती हैं, बाहर से खरीदना पड़ता है। एक तो लोगों के पास रोजगार नहीं है, पैसे नहीं हैं ऊपर से सराकारी अस्पताल में दवाएं भी नहीं मिलतीं। इस सरकार ने अच्छा काम नहीं किया है, केवल पुराने को काम को अच्छा कर दिया है।
मणिकांती नाम की एक छात्रा ने कहा कि हरिजन व पिछड़ी जाति के बच्चे को कोई समझता ही नहीं है। पिछड़ी जाति के बच्चे को मायावती ही समझती हैं। मायावती शादी करवाती हैं, शादी के वक्त पैसे भी दिलवाती हैं, कॉलनियों में घर देती हैं, भाजपा, कांग्रेस दलितों के बारे में कुछ नहीं सोचती। ये चाहते हैं कि हरिजनों के बच्चे आगे न बढ़ें। मैं चाहती हूं कि मायावती की सरकार बने।
वहीं, प्रतिक्षा शुक्ला ने आरक्षण का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि मेहनत तो सब बच्चे करते हैं फिर आरक्षण क्यों? चर्चा के दौरान 14 साल का यश गुप्ता मोदी और योगी का जबरा फैन निकला। उन्होंने कहा कि मोदी और योगी सरकार ने बहुत अच्छा काम किया है। इस दौरान उन्होंने सरकार के कई योजनाओं को गिनाया और कहा कि मोदी और योगी के रहते देश बदल जाएगा। वहीं, एक शख्स ने कहा कि हमें वो नेता चाहिए जो जातिगत राजनीति से ऊपर उठकर सबके लिए काम करे।