फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   UP: 17 thousand teachers on the job hazard

यूपी: 17 हजार शिक्षकों की नौकरी पर खतरा

Wed, 03 Apr 2013 11:05 AM IST
लखनऊ/अमर उजाला ब्यूरो
लखनऊ/अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 03 Apr 2013 11:05 AM IST
विज्ञापन
UP: 17 thousand teachers on the job hazard

प्रदेशभर के सहायता प्राप्त स्कूलों में कार्यरत करीब 17 हजार शिक्षकों की नौकरी पर संकट है। इन शिक्षकों को माध्यमिक शिक्षा विभाग ने सरप्लस घोषित कर दिया है। विभाग के मुताबिक इनकी स्कूलों में कोई जरूरत नहीं है।

विज्ञापन


उधर, शिक्षा विभाग के इस फैसले के खिलाफ मंगलवार को माध्यमिक शिक्षक संघ ने मोर्चा खोल दिया। संगठन ने इस फैसले के विरोध में प्रदेशभर में मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार करने की घोषणा भी की है।
विज्ञापन


संगठन ने मंगलवार को राजधानी के कालीचरण इंटर कॉलेज में आयोजित एक प्रेसवार्ता में विभाग द्वारा किए गए जनशक्ति निर्धारण पर सवाल उठाए हैं। संगठन के प्रदेश मंत्री डॉ. महेंद्रनाथ राय की मानें तो इस जनशक्ति का निर्धारण 1986 की छात्र संख्या को आधार बनाकर किया गया है जबकि 27 वर्षों में यह छात्र संख्या कई गुना बढ़ चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


उनकी मानें तो असंगत तरीके से किए गए इस जनशक्ति निर्धारण के कारण प्रदेश के तमाम स्कूलों को शिक्षकों की भारी कमी का सामना करना पड़ सकता है। वहीं, शिक्षकों का भविष्य भी खतरे में है। रिपोर्ट की खामियों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि राजधानी के मलिहाबाद स्थित महात्मा गांधी इंटर कॉलेज की छात्र संख्या 1105 है।

वहीं, विभाग की रिपोर्ट में यहां शिक्षकों के लिए सिर्फ आठ पदों की संस्तुति की गई है। इसी तरह नवयुग कन्या इंटर कॉलेज की 2177 छात्रों के लिए मौजूदा व्यवस्था से 24 पदों को घटाने की संस्तुति की गई है।  डॉ. महेंद्रनाथ राय ने बताया कि इसी जनशक्ति निर्धारण के आधार पर विभाग ने बलिया के 300 शिक्षकों की तनख्वाह बीते दो सालों से रोक रखी है।


यही नहीं, सेवानिवृत्ति पर पहुंच चुके कई शिक्षकों को रिकवरी तक के आदेश दिए जा चुके हैं। संगठन ने विभाग से इस फैसले को जल्द वापस लेने की मांग की है।

विभाग और सरकार द्वारा सकारात्मक कदम न उठाए जाने की स्थिति में संगठन ने मूल्यांकन कार्य बहिष्कार के साथ आंदोलन शुरू करने की चेतावनी भी दी है। प्रेसवार्ता के दौरान डॉ. राय के साथ शिक्षक नेता सुशील त्रिपाठी और तेज नारायण पांडेय भी मौजूद थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed