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Unnao News: गंगा का जलस्तर बढ़ा, पानी गांवों के नजदीक पहुंचा, फसलें जलमग्न

Fri, 12 Jul 2024 02:31 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 12 Jul 2024 02:31 AM IST
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Water level of Ganga increased, water reached near villages, crops submerged
उन्नाव। लगातार बढ़ रहे जलस्तर से गंगा चेतावनी बिंदु से मात्र 0.54 सेमी दूर रह गई हैं। कटरी क्षेत्र के गांवों के नजदीक पानी पहुंच गया है। फसलें जलमग्न हो गई हैं। कटरी में रहने वालों की परेशानी बढ़ गई है।
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गुरुवार सुबह छह बजे गंगा का जलस्तर 111.250 मीटर रिकार्ड किया गया। शाम छह बजे जलस्तर बढ़कर 111.460 मीटर पर पहुंच गया, जो चेतावनी बिंदु 112 मीटर से मात्र 0.54 सेंटीमीटर दूर है। इससे गंगा कटरी के क्षेत्रों में स्थितियां विकराल होने लगी हैं। सदर तहसील के कटरी क्षेत्र के गांवों में गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। गंगा के किनारे बसे गांव देवीपुरवा, बाबूबंगला, वंदनपुरवा, टपरा, कोलवा, पनपथा आदि गांवों में जलस्तर नजदीक पहुंच गया है।
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खेतों में फसलें जलमग्न होने लगी हैं। ग्रामीणों के अनुसार, यदि ऐसे ही जलस्तर बढ़ता रहा तो दो दिन में पानी घरों तक पहुंच जाएगा। प्रधान रामशंकर यादव ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश हो रही है। इससे गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु के नजदीक तक पहुंच गया है। ग्रामीण फिर से बाढ़ जैसी स्थिति को सोच कर डरे हुए हैं। कटरी क्षेत्र के गांवों के जोड़ने वाली पुलिया भी बाढ़ की जद में आकर डूब चुकी है। दो दिनों में तेजी से बढ़े जलस्तर की वजह से विनोद, संजय, पंकज आदि की फसलों में पानी भर गया है।
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84 किलोमीटर लंबाई में फैला कटरी क्षेत्र
उन्नाव। जिले में 84 किलोमीटर लंबाई में फैला गंगा कटरी क्षेत्र लगभग हर साल बाढ़ से प्रभावित होता है। अक्टूबर 2010 और सितंबर 2011 में आई प्रलयंकारी बाढ़ में बांगरमऊ, गंजमुरादाबाद, सफीपुर, सिकंदरपुर सरोसी और बीघापुर ब्लॉकों में फैले कटरी क्षेत्र के 300 गांव प्रभावित हुए थे। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री और सहायता पहुंचाने के लिए वर्ष 2010 में सेना की मदद लेनी पड़ी थी जबकि वर्ष 2011 मेें पीएसी को तैनात किया गया था। (संवाद)




ये गांव होते प्रभावित

- बांगरमऊ ब्लॉक में कटरी गदनपुर, आहार, अहिरन पुरवा, जगन्नगर, मेलारामकुंवर, अटवा, जमुनिहा बंगर सहित करीब दो दर्जन गांव हैं।

- गंजमुरादाबाद ब्लॉक मेंं भिखारीपुर पतासिया, सिरधरपुर, आलमऊ सराय, दानापुर, दरियापुर, खैरहन, देवखरी, चोरहा, कुशराजपुर सहित 12 गांव।
- फतेहपुर चौरासी ब्लॉक में जाजामऊ, जाजामऊ एहतमाली, जाजामऊ गैर एहतमाली, दबौली, गड़ाई, खग्गापुरवा, धन्नापुरवा, अवधिनखेड़ा, इस्माइलपुर, नौगवां, कटरी, तोरणा सहित 50 गांव।
- सफीपुर ब्लॉक में अल्लीपुर, शेरपुर, रायपुर, सहित 12 से अधिक गांव।

- सदर तहसील में पनपथा, गंगादीनखेड़ा, ललतूपुरवा, बंदनपुरवा, देबीपुरवा, मानाबंगला, बाबूबंगला, चंदीबंगला, कुलवा, बेनीपुरवा, महानंदपुरवा, पेपरा सहित 36 गांव।


- बीघापुर तहसील बक्सर, पाटन आदि क्षेत्रों में करीब 100 गांव।

कोट-------
अभी जिले में बाढ़ की स्थिति नहीं है। फिर भी तहसीलस्तर पर कंट्रोलरूम खोल दिए गए हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वह गंगा के जलस्तर पर नजर बनाए रखें। किसी भी प्रकार की आपात स्थिति को लेकर तैयारी बनाए रखें।
- नरेंद्र सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व
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