{"_id":"24fe2672567cdd735981b478c9f046fc","slug":"up-board-exam-hindi-news-2","type":"story","status":"publish","title_hn":"up board exam","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
up board exam
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
Updated Thu, 18 Dec 2014 12:26 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उन्नाव। नकल पर नकेल कसने की तैयारियों में जुटे यूपी बोर्ड ने एक और फैसला लिया है। बोर्ड अब परीक्षा केंद्रों में तैनात होने वाले कक्ष निरीक्षकों का सत्यापन सत्यापन करेगा। सत्यापन के बाद ही उन्हें केंद्र में कक्ष निरीक्षक के तौर पर तैनाती दी जा सकेगी।
विज्ञापन
इसके लिए विभाग ने तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। विद्यालयों से जल्द से जल्द कक्ष निरीक्षकों का ब्यौरा उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। जिन विद्यालयों से ब्यौरा मिल गया है उनकी फाइलें डीआईओएस स्तर से तैयार कर ली गई हैं। डीआईओएस के हस्ताक्षर होने के बाद टीचरों से संबंधित ब्यौरा स्कैन कर मेल पर डालने की तैयारी की जा रही है।
विज्ञापन
19 फरवरी से शुरू हो रही बोर्ड परीक्षाओं में किसी प्रकार की दिक्कतें न आ सकें इसके लिए विभाग तैयारियों में जुट गया है। प्रति वर्ष परीक्षा वाले दिन तक कक्ष निरीक्षकों की ही कमी से विभाग को जूझना पड़ता था। ऐसा इस वर्ष न हो इसके लिए यूपी बोर्ड से पहले ही कक्ष निरीक्षकों का ब्यौरा सत्यापन के लिए मांगा गया है।
विज्ञापन
अभी तक कक्ष निरीक्षकों की सूची डीआईओएस स्तर से तैयार की जाती थी। इसमें परीक्षा वाले दिन तक कक्ष निरीक्षक सेंटर पर नहीं पहुंच पाते थे। इससे परीक्षा में दिक्क्तों का सामना करना पड़ता था। बोर्ड से निर्देश मिलने के बाद विभाग तैयारियां कर रहा है।
बोर्ड सिर्फ ब्यौरे पर लगाएगा मुहर
उन्नाव। यूपी बोर्ड द्वारा कक्ष निरीक्षकों का भले ही सत्यापन कराया जा रहा हो लेकिन इससे परीक्षा के दौरान कोई बड़ी उपलब्धि मिलते नजर नहीं आ रही है। पहले कक्ष निरीक्षकों का सत्यापन डीआईओएस स्तर पर होता था लेकिन अब बोर्ड करा रहा है।
सूत्रों की माने तो बोर्ड सिर्फ कक्ष निरीक्षकों के भेजे गए ब्यौरे पर मुहर लगा देगा लेकिन परीक्षा के दौरान कक्ष निरीक्षक को रखने या न रखने का अधिकार परीक्षा केंद्र प्रभारी का होता है। केंद्र प्रभारी उसी को कक्ष निरीक्षक बनाते हैं जिससे उनको कुछ लाभ मिल सके नहीं तो वापस कर देते हैं।
परीक्षा केंद्र से कक्ष निरीक्षक को वापस करने के बाद वह कितने दिन वापस केंद्र जाएगा इसका कुछ पता नहीं चलता। ऐसी स्थिति में केंद्र प्रभारी मनमानी तरीके से अपने लोगों को ही परीक्षा दिलाने में लगा लेते हैं।
वर्जन
बोर्ड के निर्देशानुसार कार्य कराया जा रहा है। सभी विद्यालयों से कक्ष निरीक्षकों का ब्यौरा मांगा गया है। इसमें कुछ विद्यालयों ने ब्यौरा उपलब्ध भी करा दिया है। उसकी स्कैनिंग की जा रही है। दिसंबर के अंत तक बोर्ड की वेबसाइट पर कक्ष निरीक्षकों की सूची भेज दी जाएगी। - डॉ. शफीक मोहम्मद सिद्दीकी, डीआईओएस