{"_id":"6a9091d97fe20176e807e9d1","slug":"unnao-news-unnao-news-c-221-1-uno1024-156510-2026-08-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Unnao News: बसें यात्रियों से खचाखच, बहनें बेबस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Unnao News: बसें यात्रियों से खचाखच, बहनें बेबस
विज्ञापन
फोटो-30- शहर के लखनऊ बाईपास पर खचाखच भरी बस में बैठने के लिए यात्रियों में होती धक्कामुक्की। सं
उन्नाव। रक्षाबंधन से एक दिन पहले बृहस्पतिवार को बस अड्डे और रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की भारी भीड़ रही। रक्षाबंधन पर बहनों और उनके एक सहयोगी के लिए बिना किराया सफर करने की सुविधा सुबह छह शुरू कर दी गई लेकिन परिचालकों की इलेक्ट्रॉनिक टिकट मशीन (ईटीएम) का सॉफ्टवेयर अपडेट न होने से करीब एक घंटे तक परेशानी हुई।
बृहस्पतिवार को बस अड्डे पर यात्रियों की भीड़ रही। दिन भर बसें खचाखच रहीं। गंतव्य तक पहुंचने के लिए यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। शहर के चौराहों पर बहनें बसों के रुकने का इशारा करती रहीं लेकिन बस पहले से भरी होने के कारण चालकों ने नहीं रोकी। जो रुकी भी उनमें चढ़ने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी और खड़े होकर भी सफर करना पड़ा। ट्रेनों में भी भीड़ रही।
रक्षाबंधन पर परिवहन निगम की ओर से बहनों, बेटियों और उनके साथ एक सहयात्री को निशुल्क यात्रा की सुविधा दी है। यह सुविधा बृहस्पतिवार सुबह छह बजे शुरू हुई और शनिवार 29 अगस्त रात 12 बजे तक लागू रहेगी। बसों में भीड़ अधिक होने से तमाम बहनों को मुफ्त सफर का लाभ नहीं मिल पाया। लखनऊ बाईपास पर सुबह से देर शाम तक रोडवेज बसें खचाखच भरी निकलीं। हाल यह रहा कि बहनें हाईवे पर हाथ देती रहीं लेकिन चालकों ने गाड़ियां नहीं रोकी। काफी इंतजार के बाद भी बस न मिलने पर निजी साधनों का सहारा लिया। लखनऊ-कानपुर रूट पर रोडवेज बसों की मारामारी रही। अधिकांश बसें फुल रहीं। इधर बस स्टेशन पर भी बसें नहीं मिली। इससे यात्रियों को कई घंटे इंतजार करना पड़ा। कानपुर-लखनऊ रूट की पैसेंजर ट्रेनों में भी भीड़ रही। शहर के गदनखेड़ा बाईपास, हरदोई ओवर ब्रिज, प्रकाश गेस्ट हाउस, गांधी नगर तिराहा, चकलवंशी चौराहा, सफीपुर, पुरवा, बांगरमऊ, नवाबगंज सभी जगह यात्रियों की भीड़ रही।
विज्ञापन
प्राइवेट वाहन चालकों ने उठाया फायदा
रक्षाबंधन पर निजी वाहन चालकों ने खूब फायदा उठाया। यात्रियों से मनचाहा किराया लिया। भीड़ अधिक होने और रोडवेज बस न मिलने से यात्रियों ने मजबूरी में निजी वाहनों का सहारा लिया। इससे वाहन चालकों ने मनमाना किराया लिया।
ट्रेनों में नहीं मिल रही सीट, यात्री परेशान
उन्नाव। रक्षाबंधन पर घर पहुंचने के लिए नौकरी-पेशा लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। दिल्ली, मुंबई, गुजरात और अन्य महानगरों से आने वाली ट्रेनों में आरक्षण को लेकर मारामारी है। एसी कोच हों या स्लीपर सभी पूरी तरह फुल हैं। यात्रियों की नजर अब कन्फर्म सीट, आरएसी और तत्काल टिकट पर है। दिल्ली से आने वाली कैफियत एक्सप्रेस, अमृतसर कटिहार, ऊंचाहार, गोरखधाम, फरक्का, गोमती, लखनऊ स्वर्ण शताब्दी जैसी ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट लगभग फुल हो चुकी है।
इसके अलावा मुंबई और गुजरात से आने वाली ट्रेनों में के भी टिकट फुल हो चुके हैं। कई यात्री पहले से टिकट बुक करा चुके हैं जबकि देर से योजना बनाने वाले लोग वेटिंग टिकट, आरएसी और तत्काल कोटे के सहारे यात्रा की उम्मीद लगाए हैं। स्थिति यह है कि एक ही परिवार के लोगों को अलग-अलग कोचों में सीट मिलने की परेशानी हो रही है। वहीं स्टेशन पर रुकने वाली ट्रेनों में टिकट न मिलने से कुछ यात्री कानपुर सेंट्रल या लखनऊ तक टिकट लेने को मजबूर हैं। (संवाद)
विज्ञापन
बृहस्पतिवार को बस अड्डे पर यात्रियों की भीड़ रही। दिन भर बसें खचाखच रहीं। गंतव्य तक पहुंचने के लिए यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। शहर के चौराहों पर बहनें बसों के रुकने का इशारा करती रहीं लेकिन बस पहले से भरी होने के कारण चालकों ने नहीं रोकी। जो रुकी भी उनमें चढ़ने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी और खड़े होकर भी सफर करना पड़ा। ट्रेनों में भी भीड़ रही।
विज्ञापन
रक्षाबंधन पर परिवहन निगम की ओर से बहनों, बेटियों और उनके साथ एक सहयात्री को निशुल्क यात्रा की सुविधा दी है। यह सुविधा बृहस्पतिवार सुबह छह बजे शुरू हुई और शनिवार 29 अगस्त रात 12 बजे तक लागू रहेगी। बसों में भीड़ अधिक होने से तमाम बहनों को मुफ्त सफर का लाभ नहीं मिल पाया। लखनऊ बाईपास पर सुबह से देर शाम तक रोडवेज बसें खचाखच भरी निकलीं। हाल यह रहा कि बहनें हाईवे पर हाथ देती रहीं लेकिन चालकों ने गाड़ियां नहीं रोकी। काफी इंतजार के बाद भी बस न मिलने पर निजी साधनों का सहारा लिया। लखनऊ-कानपुर रूट पर रोडवेज बसों की मारामारी रही। अधिकांश बसें फुल रहीं। इधर बस स्टेशन पर भी बसें नहीं मिली। इससे यात्रियों को कई घंटे इंतजार करना पड़ा। कानपुर-लखनऊ रूट की पैसेंजर ट्रेनों में भी भीड़ रही। शहर के गदनखेड़ा बाईपास, हरदोई ओवर ब्रिज, प्रकाश गेस्ट हाउस, गांधी नगर तिराहा, चकलवंशी चौराहा, सफीपुर, पुरवा, बांगरमऊ, नवाबगंज सभी जगह यात्रियों की भीड़ रही।
विज्ञापन
प्राइवेट वाहन चालकों ने उठाया फायदा
रक्षाबंधन पर निजी वाहन चालकों ने खूब फायदा उठाया। यात्रियों से मनचाहा किराया लिया। भीड़ अधिक होने और रोडवेज बस न मिलने से यात्रियों ने मजबूरी में निजी वाहनों का सहारा लिया। इससे वाहन चालकों ने मनमाना किराया लिया।
ट्रेनों में नहीं मिल रही सीट, यात्री परेशान
उन्नाव। रक्षाबंधन पर घर पहुंचने के लिए नौकरी-पेशा लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। दिल्ली, मुंबई, गुजरात और अन्य महानगरों से आने वाली ट्रेनों में आरक्षण को लेकर मारामारी है। एसी कोच हों या स्लीपर सभी पूरी तरह फुल हैं। यात्रियों की नजर अब कन्फर्म सीट, आरएसी और तत्काल टिकट पर है। दिल्ली से आने वाली कैफियत एक्सप्रेस, अमृतसर कटिहार, ऊंचाहार, गोरखधाम, फरक्का, गोमती, लखनऊ स्वर्ण शताब्दी जैसी ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट लगभग फुल हो चुकी है।
इसके अलावा मुंबई और गुजरात से आने वाली ट्रेनों में के भी टिकट फुल हो चुके हैं। कई यात्री पहले से टिकट बुक करा चुके हैं जबकि देर से योजना बनाने वाले लोग वेटिंग टिकट, आरएसी और तत्काल कोटे के सहारे यात्रा की उम्मीद लगाए हैं। स्थिति यह है कि एक ही परिवार के लोगों को अलग-अलग कोचों में सीट मिलने की परेशानी हो रही है। वहीं स्टेशन पर रुकने वाली ट्रेनों में टिकट न मिलने से कुछ यात्री कानपुर सेंट्रल या लखनऊ तक टिकट लेने को मजबूर हैं। (संवाद)

फोटो-30- शहर के लखनऊ बाईपास पर खचाखच भरी बस में बैठने के लिए यात्रियों में होती धक्कामुक्की। सं