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33 करोड़ से होगा बिहार-बक्सर मार्ग का निर्माण
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गिट्टी उखडने से क्षतिग्रस्त हुआ बिहार-बक्सर मार्ग। संवाद
- फोटो : UNNAO
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उन्नाव। गड्ढा मुक्ति अभियान में शामिल किए गए भगवंतनगर-बिहार-बक्सर मार्ग को नए सिरे से बनाया जाएगा। लोकनिर्माण विभाग ने स्टीमेट शासन को भेजा है। 23 किमी लंबे इस मार्ग के निर्माण पर 33 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इससे मार्ग से सीधे जुड़े बीघापुर तहसील क्षेत्र की 5 लाख आबादी को लाभ मिलेगा।
प्रयागराज हाईवे, फतेहपुर सहित अन्य जिलों को उन्नाव और लखनऊ से जोड़ने वाला 23 किमी लंबा बिहार-भगवंत नगर-बक्सर मार्ग कई महीने से बेहद जर्जर हालत में है। निर्माणाधीन उन्नाव-रायबरेली हाईवे के लिए निर्माण सामग्री लेकर आने वाले वाहनों के अलावा हमीरपुर, झांसी, बांदा सहित अन्य जिलों से खनिज लदे वाहन लखनऊ मंडी जाने के लिए इसी मार्ग से गुजरते हैं। ओवर लोड वाहन सड़क के दुश्मन बन गए। पूरा मार्ग इस कदर जर्जर है कि आए दिन हादसे और जाम लगता है। लोकनिर्माण विभाग ने गड्ढामुक्ति अभियान में इस मार्ग को भी शामिल किया था लेकिन जब सर्वे हुआ तो पूरा मार्ग ही गड्ढे में तब्दील मिला। लोनिवि के अनुसार वर्ष 2016 में 39 करोड़ की लागत से इस मार्ग का निर्माण हुआ था। मार्ग हालत बेहद खराब होने से लोनिवि ने इसे नए सिरे से बनाने का निर्णय लिया है। लोनिवि के सहायक अभियंता रितेश कटियार ने बताया कि मार्ग के निर्माण पर 33 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
यहां पहुंचना होगा सुगम
भोजपुर मार्ग से रायबरेली जिला, लालकुआं मार्ग के रास्ते जिला उन्नाव मुख्यालय, बिहार-मौरावां मार्ग होते हुए लखनऊ, प्रयागराज हाईवे से दूधि कगार होते हुए बिहार-बक्सर मार्ग से लखनऊ पहुंचना, फतेहपुर, बांदा, चित्रकूट, कानपुर आदि जिलों से आवागमन।
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प्रयागराज हाईवे, फतेहपुर सहित अन्य जिलों को उन्नाव और लखनऊ से जोड़ने वाला 23 किमी लंबा बिहार-भगवंत नगर-बक्सर मार्ग कई महीने से बेहद जर्जर हालत में है। निर्माणाधीन उन्नाव-रायबरेली हाईवे के लिए निर्माण सामग्री लेकर आने वाले वाहनों के अलावा हमीरपुर, झांसी, बांदा सहित अन्य जिलों से खनिज लदे वाहन लखनऊ मंडी जाने के लिए इसी मार्ग से गुजरते हैं। ओवर लोड वाहन सड़क के दुश्मन बन गए। पूरा मार्ग इस कदर जर्जर है कि आए दिन हादसे और जाम लगता है। लोकनिर्माण विभाग ने गड्ढामुक्ति अभियान में इस मार्ग को भी शामिल किया था लेकिन जब सर्वे हुआ तो पूरा मार्ग ही गड्ढे में तब्दील मिला। लोनिवि के अनुसार वर्ष 2016 में 39 करोड़ की लागत से इस मार्ग का निर्माण हुआ था। मार्ग हालत बेहद खराब होने से लोनिवि ने इसे नए सिरे से बनाने का निर्णय लिया है। लोनिवि के सहायक अभियंता रितेश कटियार ने बताया कि मार्ग के निर्माण पर 33 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
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यहां पहुंचना होगा सुगम
भोजपुर मार्ग से रायबरेली जिला, लालकुआं मार्ग के रास्ते जिला उन्नाव मुख्यालय, बिहार-मौरावां मार्ग होते हुए लखनऊ, प्रयागराज हाईवे से दूधि कगार होते हुए बिहार-बक्सर मार्ग से लखनऊ पहुंचना, फतेहपुर, बांदा, चित्रकूट, कानपुर आदि जिलों से आवागमन।
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