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Unnao News: जल्द ही जिला अस्पताल में होगी कीमोथेरेपी
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उन्नाव। जिले में कीमोथेरेपी सुविधा का अभाव कैंसर रोगियों के लिए परेशानी का सबब बना है। कीमोथेरेपी के लिए कैंसर रोगियों को कानपुर और लखनऊ के अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। अब ऐसे मरीजों को थेरेपी के लिए भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। इसके लिए जिला अस्पताल में डे केयर सेंटर की शुरुआत की जाएगी जिसमें कीमोथेरेपी समेत अन्य सुविधाएं होंगी।
करीब 40 लाख आबादी वाले जनपद में एक साल में करीब 102 लोगों में कैंसर की पुष्टि हुई है लेकिन कैंसर कोशिकाओं को खत्म करने, उसके लौटने की संभावना कम करने या ट्यूमर को घटाकर दर्द व अन्य लक्षणों में राहत देने वाली कीमोथेरेपी की सुविधा नहीं है। इसके लिए लखनऊ, कानपुर के बड़े अस्पतालों पर निर्भर रहते हैं। अब ऐसे मरीजों के लिए जिला अस्पताल में डे केयर सेंटर की शुरुआत होगी और कैंसर स्क्रीनिंग, विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह और कीमोथेरेपी सहित अन्य सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही एडवांस स्टेज के कैंसर पीड़ितों को इलाज के लिए बड़े अस्पतालों में रेफर किया जा सकेगा।
डॉ. शोभित अग्निहोत्री, डॉ. अमित तिवारी और डॉ. अंजना त्रिवेदी को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। डॉ. शोभित ने बताया कि कैंसर रोगियों की पहली थेरेपी केजीएमयू, पीजीआई जैसे बड़े अस्पतालों में होगी। वहां अगले सेशन की तारीख व दवा की जानकारी पर्चे पर लिखकर दी जाएगी। इस आधार पर डे केयर सेंटर में डॉक्टर मरीजों को कीमोथेरेपी देंगे। इससे स्थानीय स्तर पर उपचार उपलब्ध होगा। (संवाद)
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पैलियेटिव केयर भी शुरू होगा
कैंसर जैसे असाध्य रोग से मरीज को आराम देना और उसके जीवन को बेहतर बनाना होता है। ऐसे मरीजों में बीमारी को पूरी तरह ठीक करने के बजाय उसके दर्द, सांस लेने में तकलीफ, घबराहट, बेचैनी या अन्य शारीरिक-मानसिक परेशानियों को कम करने पर ध्यान दिया जाता है। पैलिएटिव केयर में डॉक्टर, नर्स, काउंसलर और अन्य स्वास्थ्यकर्मी मिलकर मरीज और उसके परिवार की सहायता करते हैं। जिला अस्पताल में पैलियेटिव केयर शुरू करने के लिए भी डॉक्टरों को प्रशिक्षित किया गया है।
वर्जन...
जिला अस्पताल से तीन डॉक्टरों को प्रशिक्षित किया गया है। सीएमओ स्तर से भी कुछ डॉक्टरों को प्रशिक्षण मिला है। जल्द ही डे केयर सेंटर का संचालन शुरू कराया जाएगा। -डॉ. एसके शुक्ला, सीएमएस, जिला अस्पताल।
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करीब 40 लाख आबादी वाले जनपद में एक साल में करीब 102 लोगों में कैंसर की पुष्टि हुई है लेकिन कैंसर कोशिकाओं को खत्म करने, उसके लौटने की संभावना कम करने या ट्यूमर को घटाकर दर्द व अन्य लक्षणों में राहत देने वाली कीमोथेरेपी की सुविधा नहीं है। इसके लिए लखनऊ, कानपुर के बड़े अस्पतालों पर निर्भर रहते हैं। अब ऐसे मरीजों के लिए जिला अस्पताल में डे केयर सेंटर की शुरुआत होगी और कैंसर स्क्रीनिंग, विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह और कीमोथेरेपी सहित अन्य सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही एडवांस स्टेज के कैंसर पीड़ितों को इलाज के लिए बड़े अस्पतालों में रेफर किया जा सकेगा।
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डॉ. शोभित अग्निहोत्री, डॉ. अमित तिवारी और डॉ. अंजना त्रिवेदी को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। डॉ. शोभित ने बताया कि कैंसर रोगियों की पहली थेरेपी केजीएमयू, पीजीआई जैसे बड़े अस्पतालों में होगी। वहां अगले सेशन की तारीख व दवा की जानकारी पर्चे पर लिखकर दी जाएगी। इस आधार पर डे केयर सेंटर में डॉक्टर मरीजों को कीमोथेरेपी देंगे। इससे स्थानीय स्तर पर उपचार उपलब्ध होगा। (संवाद)
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पैलियेटिव केयर भी शुरू होगा
कैंसर जैसे असाध्य रोग से मरीज को आराम देना और उसके जीवन को बेहतर बनाना होता है। ऐसे मरीजों में बीमारी को पूरी तरह ठीक करने के बजाय उसके दर्द, सांस लेने में तकलीफ, घबराहट, बेचैनी या अन्य शारीरिक-मानसिक परेशानियों को कम करने पर ध्यान दिया जाता है। पैलिएटिव केयर में डॉक्टर, नर्स, काउंसलर और अन्य स्वास्थ्यकर्मी मिलकर मरीज और उसके परिवार की सहायता करते हैं। जिला अस्पताल में पैलियेटिव केयर शुरू करने के लिए भी डॉक्टरों को प्रशिक्षित किया गया है।
वर्जन...
जिला अस्पताल से तीन डॉक्टरों को प्रशिक्षित किया गया है। सीएमओ स्तर से भी कुछ डॉक्टरों को प्रशिक्षण मिला है। जल्द ही डे केयर सेंटर का संचालन शुरू कराया जाएगा। -डॉ. एसके शुक्ला, सीएमएस, जिला अस्पताल।