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Unnao News: वीडियोग्राफी के एवज में पांच हजार रुपये लेने का आरोप
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उन्नाव। अजगैन मेडिकल सेंटर में प्रसूता की मौत के बाद पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे परिजनों ने वीडियोग्राफी के एवज में पांच हजार रुपये लेने के आरोप लगाए हैं। मौके पर पहुंची सपा की महिला नेता की शिकायत पर एसीएमओ ने आरोपी को ली गई रकम लौटाने और बिल सीएमओ कार्यालय में लगाने के निर्देश दिए हैं।
अजगैन मेडिकल सेंटर में भर्ती प्रसूता की बुधवार को मौत हो गई थी। मृतका के परिजनों ने इलाज में लापरवाही व मारपीट करने के आरोप लगाकर अस्पताल का घेराव कर जमकर हंगामा किया था। अधिकारियों ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर अस्पताल के डॉक्टर, संचालक व मालिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। गुरुवार को परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे।
आरोप है कि पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी कराने के नाम पर वहां मौजूद व्यक्ति ने मृतका के परिजनों से पांच हजार रुपये की मांग की। परिजनों से रुपये लेने की जानकारी मिलते ही सपा नेता आंचल वर्मा पोस्टमार्टम हाउस पहुंचीं और मामले की जानकारी एसीएमओ डॉ. नरेंद्र सिंह को दी। मामला सामने आने पर एसीएमओ ने संबंधित व्यक्ति को बुलाकर पूछताछ की।
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पूछताछ के दौरान उसने पांच हजार रुपये लेने के आरोप से इन्कार करते हुए 2500 रुपये लेने की बात स्वीकार की। उसने अधिकारियों को बताया कि उसे सीएमओ कार्यालय से कोई मानदेय नहीं मिलता है और वह कानपुर में भी पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी के एवज में रुपये लेता है। मामला बढ़ता देख एसीएमओ ने उसे परिजनों को पूरी रकम वापस करने के निर्देश दिए। साथ ही वीडियोग्राफी से संबंधित भुगतान के लिए विभागीय स्तर पर बिल प्रस्तुत करने के लिए कहा है। एसीएमओ नरेंद्र सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी होने पर वह पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे थे। यहां परिजनों से रुपये लेने की जानकारी मिली तो उन्होंने मानवीय दृष्टिकोण से वीडियोग्राफी का बिल कार्यालय भेजने की बात कही थी।
वर्जन...
मेरे पास मौजूद पत्र में रोगी कल्याण समिति द्वारा पोस्टमार्टम के दौरान की जाने वाली वीडियोग्राफी के भुगतान कराने का जिक्र है। इससे पहले ऐसा कोई प्रकरण मेरी जानकारी में नहीं आया है। जांच कराई जाएगी। -डॉ. जयप्रकाश सिंह, एसपी
प्रसूता की मौत मामले की जांच करेगी दो सदस्यीय टीम
उन्नाव। अजगैन मेडिकल सेंटर में बुधवार को प्रसूता की मौत के मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। टीम सात दिनों में मामले की जांच कर रिपोर्ट सीएमओ को देगी। दोषी पाए जाने पर लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
अजगैन कोतवाली के कुशली खेड़ा गांव निवासी रूबी (30) पत्नी सतीश को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन 17 अगस्त को नवाबगंज सीएचसी लेकर पहुंचे थे। बुधवार को हालत बिगड़ने पर उसकी मौत हो गई। इससे आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल का घेराव कर जमकर हंगामा किया था। इस दौरान परिजनों ने अस्पताल में डॉक्टर व स्टाफ की लापरवाही से मौत के आरोप भी लगाए थे।
मामला तूल पकड़ने पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे थे और अस्पताल को सील कर दिया था। अब सीएमओ डॉ. अजय शर्मा ने मामले की जांच करने के लिए दो सदस्यीय टीम गठित की है। टीम में एसीएमओ डॉ. जयराम सिंह व नवाबगंज सीएचसी अधीक्षक सिद्धांत शामिल हैं। टीम सात दिनों के भीतर रिपोर्ट सीएमओ को सौंपेगी। तीन डॉक्टरों के पैनल से हुए पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अधिक रक्तस्राव से मौत की पुष्टि हुई है।
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अजगैन मेडिकल सेंटर में भर्ती प्रसूता की बुधवार को मौत हो गई थी। मृतका के परिजनों ने इलाज में लापरवाही व मारपीट करने के आरोप लगाकर अस्पताल का घेराव कर जमकर हंगामा किया था। अधिकारियों ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर अस्पताल के डॉक्टर, संचालक व मालिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। गुरुवार को परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे।
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आरोप है कि पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी कराने के नाम पर वहां मौजूद व्यक्ति ने मृतका के परिजनों से पांच हजार रुपये की मांग की। परिजनों से रुपये लेने की जानकारी मिलते ही सपा नेता आंचल वर्मा पोस्टमार्टम हाउस पहुंचीं और मामले की जानकारी एसीएमओ डॉ. नरेंद्र सिंह को दी। मामला सामने आने पर एसीएमओ ने संबंधित व्यक्ति को बुलाकर पूछताछ की।
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पूछताछ के दौरान उसने पांच हजार रुपये लेने के आरोप से इन्कार करते हुए 2500 रुपये लेने की बात स्वीकार की। उसने अधिकारियों को बताया कि उसे सीएमओ कार्यालय से कोई मानदेय नहीं मिलता है और वह कानपुर में भी पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी के एवज में रुपये लेता है। मामला बढ़ता देख एसीएमओ ने उसे परिजनों को पूरी रकम वापस करने के निर्देश दिए। साथ ही वीडियोग्राफी से संबंधित भुगतान के लिए विभागीय स्तर पर बिल प्रस्तुत करने के लिए कहा है। एसीएमओ नरेंद्र सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी होने पर वह पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे थे। यहां परिजनों से रुपये लेने की जानकारी मिली तो उन्होंने मानवीय दृष्टिकोण से वीडियोग्राफी का बिल कार्यालय भेजने की बात कही थी।
वर्जन...
मेरे पास मौजूद पत्र में रोगी कल्याण समिति द्वारा पोस्टमार्टम के दौरान की जाने वाली वीडियोग्राफी के भुगतान कराने का जिक्र है। इससे पहले ऐसा कोई प्रकरण मेरी जानकारी में नहीं आया है। जांच कराई जाएगी। -डॉ. जयप्रकाश सिंह, एसपी
प्रसूता की मौत मामले की जांच करेगी दो सदस्यीय टीम
उन्नाव। अजगैन मेडिकल सेंटर में बुधवार को प्रसूता की मौत के मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। टीम सात दिनों में मामले की जांच कर रिपोर्ट सीएमओ को देगी। दोषी पाए जाने पर लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
अजगैन कोतवाली के कुशली खेड़ा गांव निवासी रूबी (30) पत्नी सतीश को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन 17 अगस्त को नवाबगंज सीएचसी लेकर पहुंचे थे। बुधवार को हालत बिगड़ने पर उसकी मौत हो गई। इससे आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल का घेराव कर जमकर हंगामा किया था। इस दौरान परिजनों ने अस्पताल में डॉक्टर व स्टाफ की लापरवाही से मौत के आरोप भी लगाए थे।
मामला तूल पकड़ने पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे थे और अस्पताल को सील कर दिया था। अब सीएमओ डॉ. अजय शर्मा ने मामले की जांच करने के लिए दो सदस्यीय टीम गठित की है। टीम में एसीएमओ डॉ. जयराम सिंह व नवाबगंज सीएचसी अधीक्षक सिद्धांत शामिल हैं। टीम सात दिनों के भीतर रिपोर्ट सीएमओ को सौंपेगी। तीन डॉक्टरों के पैनल से हुए पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अधिक रक्तस्राव से मौत की पुष्टि हुई है।