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Unnao News: बारिश से लुढ़का पारा, धान की फसल गिरी
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सुदीप उर्फ चंदी (फाइल फोटो)
- फोटो : File Photo
उन्नाव। कभी हल्की तो कभी तेज बारिश और हवा चलने से 24 घंटे में अधिकतम तापमान नौ डिग्री लुढ़क गया। शुक्रवार को मौसम ने ठंड का अहसास कराया। धान की तैयार हो चुकी फसल तेज हवा और बारिश से गिर गई है। कटी फसल जलभराव होने से दाना खराब होने की किसानों को चिंता है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार शनिवार को भी बारिश और तेज हवा चलने का अनुमान है।
चक्रवाती तूफान अर्नब का बृहस्पतिवार की रात से असर दिखने लगा। तेज ठंडी हवा चलने से तापमान गिर गया।। शुक्रवार भोर पहल करीब चार बजे से शुरू हुई बूंदाबांदी, दिन भर कभी तेज तो कभी फुहारों में जारी रही। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 20 डिग्री सेल्सियस था। बारिश के बाद शुक्रवार को अधिकतम तापमान 22 डिग्री और न्यूनतम 19 डिग्री पर आ गया। बारिश के कारण लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई। आवश्यक कार्यों के बारिश से बचाव के इंतजाम करके ही घरों से निकले।
किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें
अचलगंज/हसनगंज। मौसम में अचानक बदलाव ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। अगेती आलू की बोआई कर चुके किसानों को बारिश तेज होने पर बीज सड़ने की चिंता है। धान फसल या तो कट कर अभी खेतों में पड़ी या फिर कटाई चल रही है। ऐसे में धान भी खराब हो सकता है। इसके अलावा सरसों की बोआई कर चुके किसानों को बारिश से खेतों में पपड़ी पड़ने की चिंता सता रही है। हालांकि गोभी, टमाटर, बैंगन आदि सब्जियों की फसल में एक-दो दिन की बारिश से खास नुकसान नहीं होगा।
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हसनगंज के नवई निवासी रमेश, रामपाल, बाबूलाल और शिवनाथ आदि किसानों ने बताया कि ने बताया कि लगातार बारिश से खेतों में पानी भरने पर धान की बालियां सड़ने के साथ दाने अंकुरित हो सकते हैं। इसके अलावा उड़द की तैयार फसल को भी खतरा है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. जय कुमार यादव ने बताया कि बारिश से धान के दाने खराब हो सकते हैं। खेतों में नमी और जलभराव से उड़द की फसल में भी सड़न से किसानों को नुकसान हो सकता है।
बाढ़ से उबरे तो बारिश ने किया परेशान
गंजमुरादाबाद। बाढ़ की विभीषिका से उबरे क्षेत्र के किसानों के लिए बारिश ने नई समस्या खड़ी कर दी है। बाढ़ का पानी सिमटने के बाद किसी तरह फसल काटकर सुखाने की जुगत कर रहे किसान अब बारिश से फसल बचाने की जद्दोजहद कर रहे हैं। बाजीपुरवा, इच्छापुरवा, देवरिया, कछियनपुरवा, लहरापुर, छोट्टापुरवा, चोरहा समेत करीब 22 गांवों के किसान कल्याणी नदी की बाढ़ से प्रभावित हैं। राम कुमार, रामविलास, रमेश चंद्र, सीताराम, होरी लाल व कमलेश ने बताया कि किसी तरह बाढ़ से थोड़ी बहुत धान की फसल बचाकर लाए थे। इसे सड़क किनारे सुखाने का प्रयास कर रहे थे लेकिन बारिश ने समस्या और बढ़ा दी है। सूखने को पड़ी फसल किसी तरह समेट कर सुरक्षित की है। जल्द ही मौसम न खुला तो बची खुची फसल भी बर्बाद हो जाएगी।
शहर-गांव में 1100 से ज्यादा फॉल्ट
दिन में रुक-रुक कर बारिश होने से शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। शहर में सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक छोटे-बड़े 963 फॉल्ट हुए और पानी जाने से तीन ट्रांसफार्मरों में खराबी आई। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली लाइनों में 150 से ज्यादा फॉल्ट हुए। पुरवा, बीघापुर, सफीपुर, हसनगंज तहसील क्षेत्रों में हुए फॉल्टों को खोजने और मरम्मत करने में घंटों लगे। बिजली निगम के एक्सईएन हिमांशु गौतम ने बताया कि बारिश की वजह से फॉल्ट हुए लेकिन उनकी जल्द-से-जल्द मरम्मत करा कर आपूर्ति सामान्य की गई।
धान की कटाई रोकें, खेत में न भरने दे पानी
जिले में इस बार 1.25 लाख हेक्टेयर में धान की फसल की गई थी। फसल तैयार है और कटाई जोरों पर है। कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार अभी 10 से 12 हजार हेक्टेयर फसल ही कट पाई है। जिला कृषि अधिकारी शशांक चौधरी ने किसानों से मौसम साफ होने तक फसल की कटाई रोक देने की अपील की है। साथ ही खेत में पानी न भरने देने को कहा है। बताया कि जो फसल कटी खेत में पड़ी है उसे किसान जल्द से जल्द उठाकर छाया वाले स्थान पर रखें और बीच-बीच में पलटते रहें ताकि दाना काला या खराब न होने पाए।
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चक्रवाती तूफान अर्नब का बृहस्पतिवार की रात से असर दिखने लगा। तेज ठंडी हवा चलने से तापमान गिर गया।। शुक्रवार भोर पहल करीब चार बजे से शुरू हुई बूंदाबांदी, दिन भर कभी तेज तो कभी फुहारों में जारी रही। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 20 डिग्री सेल्सियस था। बारिश के बाद शुक्रवार को अधिकतम तापमान 22 डिग्री और न्यूनतम 19 डिग्री पर आ गया। बारिश के कारण लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई। आवश्यक कार्यों के बारिश से बचाव के इंतजाम करके ही घरों से निकले।
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किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें
अचलगंज/हसनगंज। मौसम में अचानक बदलाव ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। अगेती आलू की बोआई कर चुके किसानों को बारिश तेज होने पर बीज सड़ने की चिंता है। धान फसल या तो कट कर अभी खेतों में पड़ी या फिर कटाई चल रही है। ऐसे में धान भी खराब हो सकता है। इसके अलावा सरसों की बोआई कर चुके किसानों को बारिश से खेतों में पपड़ी पड़ने की चिंता सता रही है। हालांकि गोभी, टमाटर, बैंगन आदि सब्जियों की फसल में एक-दो दिन की बारिश से खास नुकसान नहीं होगा।
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हसनगंज के नवई निवासी रमेश, रामपाल, बाबूलाल और शिवनाथ आदि किसानों ने बताया कि ने बताया कि लगातार बारिश से खेतों में पानी भरने पर धान की बालियां सड़ने के साथ दाने अंकुरित हो सकते हैं। इसके अलावा उड़द की तैयार फसल को भी खतरा है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. जय कुमार यादव ने बताया कि बारिश से धान के दाने खराब हो सकते हैं। खेतों में नमी और जलभराव से उड़द की फसल में भी सड़न से किसानों को नुकसान हो सकता है।
बाढ़ से उबरे तो बारिश ने किया परेशान
गंजमुरादाबाद। बाढ़ की विभीषिका से उबरे क्षेत्र के किसानों के लिए बारिश ने नई समस्या खड़ी कर दी है। बाढ़ का पानी सिमटने के बाद किसी तरह फसल काटकर सुखाने की जुगत कर रहे किसान अब बारिश से फसल बचाने की जद्दोजहद कर रहे हैं। बाजीपुरवा, इच्छापुरवा, देवरिया, कछियनपुरवा, लहरापुर, छोट्टापुरवा, चोरहा समेत करीब 22 गांवों के किसान कल्याणी नदी की बाढ़ से प्रभावित हैं। राम कुमार, रामविलास, रमेश चंद्र, सीताराम, होरी लाल व कमलेश ने बताया कि किसी तरह बाढ़ से थोड़ी बहुत धान की फसल बचाकर लाए थे। इसे सड़क किनारे सुखाने का प्रयास कर रहे थे लेकिन बारिश ने समस्या और बढ़ा दी है। सूखने को पड़ी फसल किसी तरह समेट कर सुरक्षित की है। जल्द ही मौसम न खुला तो बची खुची फसल भी बर्बाद हो जाएगी।
शहर-गांव में 1100 से ज्यादा फॉल्ट
दिन में रुक-रुक कर बारिश होने से शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। शहर में सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक छोटे-बड़े 963 फॉल्ट हुए और पानी जाने से तीन ट्रांसफार्मरों में खराबी आई। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली लाइनों में 150 से ज्यादा फॉल्ट हुए। पुरवा, बीघापुर, सफीपुर, हसनगंज तहसील क्षेत्रों में हुए फॉल्टों को खोजने और मरम्मत करने में घंटों लगे। बिजली निगम के एक्सईएन हिमांशु गौतम ने बताया कि बारिश की वजह से फॉल्ट हुए लेकिन उनकी जल्द-से-जल्द मरम्मत करा कर आपूर्ति सामान्य की गई।
धान की कटाई रोकें, खेत में न भरने दे पानी
जिले में इस बार 1.25 लाख हेक्टेयर में धान की फसल की गई थी। फसल तैयार है और कटाई जोरों पर है। कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार अभी 10 से 12 हजार हेक्टेयर फसल ही कट पाई है। जिला कृषि अधिकारी शशांक चौधरी ने किसानों से मौसम साफ होने तक फसल की कटाई रोक देने की अपील की है। साथ ही खेत में पानी न भरने देने को कहा है। बताया कि जो फसल कटी खेत में पड़ी है उसे किसान जल्द से जल्द उठाकर छाया वाले स्थान पर रखें और बीच-बीच में पलटते रहें ताकि दाना काला या खराब न होने पाए।

सुदीप उर्फ चंदी (फाइल फोटो)- फोटो : File Photo

सुदीप उर्फ चंदी (फाइल फोटो)- फोटो : File Photo

सुदीप उर्फ चंदी (फाइल फोटो)- फोटो : File Photo

सुदीप उर्फ चंदी (फाइल फोटो)- फोटो : File Photo

सुदीप उर्फ चंदी (फाइल फोटो)- फोटो : File Photo

सुदीप उर्फ चंदी (फाइल फोटो)- फोटो : File Photo

सुदीप उर्फ चंदी (फाइल फोटो)- फोटो : File Photo

सुदीप उर्फ चंदी (फाइल फोटो)- फोटो : File Photo