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Unnao News: हेलीकॉप्टर से बरसाए फूल, कलश के लिए महिलाओं में होड़
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शिव माहापुराण कथा से पहले निकाली गई कलश यात्रा में शामिल महिलाएं। स्रोत: आयोजक
बीघापुर (उन्नाव)। गौरी गांव में सात दिवसीय शिव महापुराण कथा का कलश यात्रा के बाद शुभारंभ हुआ। शुक्रवार की सुबह बीघापुर नगर पंचायत स्थित बाबा गोदावलेश्वर महादेव मंदिर से कथा स्थल तक कलश यात्रा निकाली गई। बारिश और मौसम की दुश्वारियों पर आस्था भारी पड़ी और शोभायात्रा में हजारों महिला-पुरुष शामिल हुए। श्री शिवाय नमस्तुभ्यं के उद्घोष और डमरू व शंखनाद से वातावरण शिवमय हो गया।
बाबा गोदावलेश्वर धाम में पूजन-अर्चन के बाद कलश यात्रा का शुभारंभ हुआ। उत्साह ऐसा कि पीत वस्त्र धारण किए हजारों महिला-पुरुषों के पहुंचने का सिलसिला सुबह पांच बजे से ही शुरू हो गया। नर सेवा नारायण सेवा संस्थापक विमल द्विवेदी ने कलश यात्रा की व्यवस्था संभाली। अनुमान से कई गुना अधिक लोगों के पहुंचने से कलश लेने की होड़ लग गई।
कथा आयोजक व मुख्य यजमान अरुण सिंह ने पत्नी शिखा सिंह के साथ कलश यात्रा निकाली। करीब ढाई किलोमीटर लंबी कलश यात्रा के रास्ते में लोगों ने घरों से पुष्प वर्षा की। हाईवे से कथा स्थल तक हेलिकॉप्टर से भी पुष्प वर्षा की गई। खराब मौसम के बाद भी श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं पड़ा। सदर विधायक पंकज गुप्ता, आशीष बाजपेई अटल, योगेश बाजपेई, बैजनाथ सिंह, अखिल गुप्ता, मुन्ना सिंह सभासद, पप्पू अग्निहोत्री, गोविंद नारायण शुक्ला, अजय बाजपेई, मनीष सिंह सेंगर, विजय त्रिपाठी, अन्नू मिश्रा, बीना अग्निहोत्री, विनय पांडेय समेत बड़ी संख्या में क्षेत्र के लोग शामिल रहे।
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फोटो
भ्रम व्यक्ति को सत्य और शिवत्व से करता है दूर : प्रदीप मिश्रा
बीघापुर के गौरी में शिव महापुराण कथा में रही श्रद्धालुओं की भीड़
संवाद न्यूज एजेंसी
बीघापुर (उन्नाव)। शिव महापुराण कथा के पहले दिन प्रसिद्ध कथावाचक प्रदीप मिश्रा ने शिव भक्ति का महत्व बताया। कहा कि मन में भ्रम होने से व्यक्ति सत्य यानी शिव और शिवत्व से दूर हो जाता है। उन्होंने बताया गलत बात,गलतफहमी,गलत विचार और गलत संगत, व्यक्ति को गलत मार्ग पर ही ले जाते हैं और लोक कल्याण प्रभावित होता है। कथा के दौरान ‘महादेव नमन, चरणों में आपके, सबका किया है, मेरा भी उद्धार करो-चरणों में तेरे,बाबा चारों धाम’ जैसे भजनों पर श्रद्धालु झूमते और शिव का जयघोष करते रहे।
कथावाचक ने व्यासपीठ का पूजन करने के बाद पहले दिन की कथा शुरू की। एक प्रसंग सुनाते हुए बताया कि, माता पार्वती, भगवान शिव से कहती हैं कि परिवार की सुख-समृद्धि के लिए स्त्री ही क्यों व्रत रखती हैं, उनके लिए कोई व्रत क्यों नहीं रखता है। महादेव ने सुंदर वर्णन करते हुए बताया कि जो स्त्री अपने पति, पुत्र और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए व्रत रखती है, उसके लिए जगत जननी मां जगदंबा व्रत करती हैं और दीर्घायु का आशीर्वाद देती हैं। परिवार और समाज के लिए समर्पित व्यक्ति को शिव की साधना का फल मिलता है।
ये अतिथि रहे मौजूद
सांसद साक्षी महाराज, सदर विधायक पंकज गुप्ता, इफ्को के पूर्व प्रबंध निदेशक उदय शंकर अवस्थी, राज्य सभा सांसद अरुण सिंह, एमएलसी विनीत सिंह, अयोध्या गोसाईगंज विधायक अभय सिंह, पूर्व ऊर्जा राज्यमंत्री रामशंकर पटेल, विधायक गौरीगंज राकेश सिंह, अमितेश सिंह, विमल द्विवेदी, अखिल गुप्ता।
जन्म से मृत्यु तक है दीप का महत्व
कथा वाचक ने बताया कि दीपक का काम है प्रकाश फैलाना, व्यक्ति को दूसरे द्वारा की गई बड़ाई और बुराई की परवाह किए बिना लोक कल्याण के काम करते रहने चाहिए। बताया कि व्यक्ति के जन्म, जन्मदिन, विवाह और मकान, दुकान के शुभारंभ सहित सभी शुभ कार्यों में दीपक जलाया जाता है। वही दीपक व्यक्ति की मृत्यु होने पर भी जलाया जाता है। इसलिए व्यक्ति को दीपक की तरह होना चाहिए जो कार्य और स्थान कोई भी हो सिर्फ प्रकाश ही देता है।
योगी बुलडोजर से करते हैं भला
कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि जिस तरह बाबा विश्वनाथ एक लोटा जल से भक्तों की समस्याएं दूर करते हैं, उसी तरह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुलडोजर से सबका भला करते हैं। उन्होंने जातिवादी राजनीति पर निशाना साधते हुए कहा कि सनातन धर्म की वर्ण व्यवस्था सभी के कल्याण और उत्थान की भावना रखती है, लेकिन राजनीतिक लोगों ने इसे जातिवाद में बांट दिया है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म का मजाक उड़ाने वालों को समझना चाहिए कि भगवान गरीब सनातनियों के पेट भरने के लिए भी समर्पित हैं। कथा के दौरान कानपुर की ममता त्रिपाठी, प्रियंका और हरदोई की बीना जायसवाल के पत्र भी पढ़े और मंच पर बुलाकर आशीर्वाद दिया।
लखनऊ-कानपुर में कई बार टली कथा, उन्नाव पर शिवकृपा
कथा वाचक ने बताया कि जब कथा आयोजक अरुण सिंह ने सीहोर के कुबेरेश्वर धाम में कथा के लिए संपर्क किया। तब उनसे बताया गया कि लखनऊ में तीन बार और कानपुर में भी दो-तीन बार लोगों ने कथा कराने प्रयास किया लेकिन टल गई। इसपर अरुण ने बताया कि यह कथा वह नहीं पूरा उन्नाव करा रहा है, जो टलेगी नहीं उनकी सच साबित हुई और उन्नाव वासियों पर शिव की कृपा हुई।
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बाबा गोदावलेश्वर धाम में पूजन-अर्चन के बाद कलश यात्रा का शुभारंभ हुआ। उत्साह ऐसा कि पीत वस्त्र धारण किए हजारों महिला-पुरुषों के पहुंचने का सिलसिला सुबह पांच बजे से ही शुरू हो गया। नर सेवा नारायण सेवा संस्थापक विमल द्विवेदी ने कलश यात्रा की व्यवस्था संभाली। अनुमान से कई गुना अधिक लोगों के पहुंचने से कलश लेने की होड़ लग गई।
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कथा आयोजक व मुख्य यजमान अरुण सिंह ने पत्नी शिखा सिंह के साथ कलश यात्रा निकाली। करीब ढाई किलोमीटर लंबी कलश यात्रा के रास्ते में लोगों ने घरों से पुष्प वर्षा की। हाईवे से कथा स्थल तक हेलिकॉप्टर से भी पुष्प वर्षा की गई। खराब मौसम के बाद भी श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं पड़ा। सदर विधायक पंकज गुप्ता, आशीष बाजपेई अटल, योगेश बाजपेई, बैजनाथ सिंह, अखिल गुप्ता, मुन्ना सिंह सभासद, पप्पू अग्निहोत्री, गोविंद नारायण शुक्ला, अजय बाजपेई, मनीष सिंह सेंगर, विजय त्रिपाठी, अन्नू मिश्रा, बीना अग्निहोत्री, विनय पांडेय समेत बड़ी संख्या में क्षेत्र के लोग शामिल रहे।
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भ्रम व्यक्ति को सत्य और शिवत्व से करता है दूर : प्रदीप मिश्रा
बीघापुर के गौरी में शिव महापुराण कथा में रही श्रद्धालुओं की भीड़
संवाद न्यूज एजेंसी
बीघापुर (उन्नाव)। शिव महापुराण कथा के पहले दिन प्रसिद्ध कथावाचक प्रदीप मिश्रा ने शिव भक्ति का महत्व बताया। कहा कि मन में भ्रम होने से व्यक्ति सत्य यानी शिव और शिवत्व से दूर हो जाता है। उन्होंने बताया गलत बात,गलतफहमी,गलत विचार और गलत संगत, व्यक्ति को गलत मार्ग पर ही ले जाते हैं और लोक कल्याण प्रभावित होता है। कथा के दौरान ‘महादेव नमन, चरणों में आपके, सबका किया है, मेरा भी उद्धार करो-चरणों में तेरे,बाबा चारों धाम’ जैसे भजनों पर श्रद्धालु झूमते और शिव का जयघोष करते रहे।
कथावाचक ने व्यासपीठ का पूजन करने के बाद पहले दिन की कथा शुरू की। एक प्रसंग सुनाते हुए बताया कि, माता पार्वती, भगवान शिव से कहती हैं कि परिवार की सुख-समृद्धि के लिए स्त्री ही क्यों व्रत रखती हैं, उनके लिए कोई व्रत क्यों नहीं रखता है। महादेव ने सुंदर वर्णन करते हुए बताया कि जो स्त्री अपने पति, पुत्र और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए व्रत रखती है, उसके लिए जगत जननी मां जगदंबा व्रत करती हैं और दीर्घायु का आशीर्वाद देती हैं। परिवार और समाज के लिए समर्पित व्यक्ति को शिव की साधना का फल मिलता है।
ये अतिथि रहे मौजूद
सांसद साक्षी महाराज, सदर विधायक पंकज गुप्ता, इफ्को के पूर्व प्रबंध निदेशक उदय शंकर अवस्थी, राज्य सभा सांसद अरुण सिंह, एमएलसी विनीत सिंह, अयोध्या गोसाईगंज विधायक अभय सिंह, पूर्व ऊर्जा राज्यमंत्री रामशंकर पटेल, विधायक गौरीगंज राकेश सिंह, अमितेश सिंह, विमल द्विवेदी, अखिल गुप्ता।
जन्म से मृत्यु तक है दीप का महत्व
कथा वाचक ने बताया कि दीपक का काम है प्रकाश फैलाना, व्यक्ति को दूसरे द्वारा की गई बड़ाई और बुराई की परवाह किए बिना लोक कल्याण के काम करते रहने चाहिए। बताया कि व्यक्ति के जन्म, जन्मदिन, विवाह और मकान, दुकान के शुभारंभ सहित सभी शुभ कार्यों में दीपक जलाया जाता है। वही दीपक व्यक्ति की मृत्यु होने पर भी जलाया जाता है। इसलिए व्यक्ति को दीपक की तरह होना चाहिए जो कार्य और स्थान कोई भी हो सिर्फ प्रकाश ही देता है।
योगी बुलडोजर से करते हैं भला
कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि जिस तरह बाबा विश्वनाथ एक लोटा जल से भक्तों की समस्याएं दूर करते हैं, उसी तरह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुलडोजर से सबका भला करते हैं। उन्होंने जातिवादी राजनीति पर निशाना साधते हुए कहा कि सनातन धर्म की वर्ण व्यवस्था सभी के कल्याण और उत्थान की भावना रखती है, लेकिन राजनीतिक लोगों ने इसे जातिवाद में बांट दिया है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म का मजाक उड़ाने वालों को समझना चाहिए कि भगवान गरीब सनातनियों के पेट भरने के लिए भी समर्पित हैं। कथा के दौरान कानपुर की ममता त्रिपाठी, प्रियंका और हरदोई की बीना जायसवाल के पत्र भी पढ़े और मंच पर बुलाकर आशीर्वाद दिया।
लखनऊ-कानपुर में कई बार टली कथा, उन्नाव पर शिवकृपा
कथा वाचक ने बताया कि जब कथा आयोजक अरुण सिंह ने सीहोर के कुबेरेश्वर धाम में कथा के लिए संपर्क किया। तब उनसे बताया गया कि लखनऊ में तीन बार और कानपुर में भी दो-तीन बार लोगों ने कथा कराने प्रयास किया लेकिन टल गई। इसपर अरुण ने बताया कि यह कथा वह नहीं पूरा उन्नाव करा रहा है, जो टलेगी नहीं उनकी सच साबित हुई और उन्नाव वासियों पर शिव की कृपा हुई।

शिव माहापुराण कथा से पहले निकाली गई कलश यात्रा में शामिल महिलाएं। स्रोत: आयोजक

शिव माहापुराण कथा से पहले निकाली गई कलश यात्रा में शामिल महिलाएं। स्रोत: आयोजक

शिव माहापुराण कथा से पहले निकाली गई कलश यात्रा में शामिल महिलाएं। स्रोत: आयोजक