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Unnao News: 35 किमी दायरे में 20 स्थानों पर टूटी है सुरक्षा जाली और बैरिकेडिंग
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आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर टूटी सुरक्षा जाली। संवाद
- फोटो : 1
गंजमुरादाबाद। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर क्षतिग्रस्त सुरक्षा जाली और बैरिकेडिंग से हादसों का खतरा है। कोहरे के दौरान इन रास्तों से एक्सप्रेसवे पर लोगों के पहुंचने से हादसों का खतरा बढ़ गया है।
बांगरमऊ कोतवाली से बेहटामुजावर थाना क्षेत्र के बीच आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे की करीब 35 किलोमीटर की दूरी में करीब 20 स्थानों पर सुरक्षा जाली, लोहे की बैरिकेडिंग और कटीले तारों की बैरिकेडिंग टूटी है। ये सुरक्षा उपकरण या तो दुर्घटनाओं के कारण क्षतिग्रस्त हुए या फिर आसपास के ग्रामीणों ने एक्सप्रेसवे पर पहुंचने के लिए इन्हें काटकर या तोड़कर क्षतिग्रस्त कर दिया है। इन्हीं क्षतिग्रस्त हिस्सों से छुट्टा मवेशी और जंगली जानवर आसानी से एक्सप्रेसवे पर पहुंच जाते हैं। इससे यहां हादसे का खतरा है। सर्दी का मौसम शुरू हो चुका है। आने वाले दिनों में कोहरे के दौरान इन रास्तों से एक्सप्रेसवे पर पहुंचने वाले मवेशी बड़े हादसों का कारण बन सकते हैं।
यूपीडा के सुरक्षा अधिकारी एके चंदेल ने बताया कि एक्सप्रेसवे पर पैचिंग का काम चल रहा है। इसके पूरा होने के बाद क्षतिग्रस्त सुरक्षा उपकरणों को दुरुस्त करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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बांगरमऊ कोतवाली से बेहटामुजावर थाना क्षेत्र के बीच आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे की करीब 35 किलोमीटर की दूरी में करीब 20 स्थानों पर सुरक्षा जाली, लोहे की बैरिकेडिंग और कटीले तारों की बैरिकेडिंग टूटी है। ये सुरक्षा उपकरण या तो दुर्घटनाओं के कारण क्षतिग्रस्त हुए या फिर आसपास के ग्रामीणों ने एक्सप्रेसवे पर पहुंचने के लिए इन्हें काटकर या तोड़कर क्षतिग्रस्त कर दिया है। इन्हीं क्षतिग्रस्त हिस्सों से छुट्टा मवेशी और जंगली जानवर आसानी से एक्सप्रेसवे पर पहुंच जाते हैं। इससे यहां हादसे का खतरा है। सर्दी का मौसम शुरू हो चुका है। आने वाले दिनों में कोहरे के दौरान इन रास्तों से एक्सप्रेसवे पर पहुंचने वाले मवेशी बड़े हादसों का कारण बन सकते हैं।
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यूपीडा के सुरक्षा अधिकारी एके चंदेल ने बताया कि एक्सप्रेसवे पर पैचिंग का काम चल रहा है। इसके पूरा होने के बाद क्षतिग्रस्त सुरक्षा उपकरणों को दुरुस्त करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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