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Unnao News: बांध का सर्वे पूरा होने से पहले ही खत्म हो गई ड्रोन की बैटरी
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फोटो-18- ड्रोन से सर्वे करता कैमरामैन। संवाद फोटो- मौजूद जेई, लेखपाल, कानूनगो व पुलिस। संवाद
नवाबगंज। निजी खर्च पर बांध की मरम्मत का काम रुकवाने से आक्रोशित ग्रामीणों के पुलिस चौकी घेरने के मामले में शनिवार को सिंचाई विभाग की टीम सर्वे के लिए गांव पहुंची। बांध का ड्रोन से सर्वे शुरू कराया गया लेकिन बैटरी खत्म होने से सर्वे पूरा नहीं हो सका। जेई ने कहा कि जल्द ही सर्वे कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को दी जाएगी। हसनगंज तहसील के हरचंदपुर गांव में बसहा और जलेसर झील के बीच बना कच्चा मार्ग कटने से जलभराव हो गया था। शुक्रवार को ग्रामीण निजी खर्च पर जेसीबी से कच्चे बांध की मरम्मत करा रहे थे। कुछ कुछ ग्रामीणों ने विरोध कर काम रुकवा दिया।
इस पर ग्रामीणों ने पुलिस चौकी का घेराव किया था। एसडीएम शालिनी सिंह तोमर ने दोनों पक्षों की बात सुनी थी। उन्होंने सिंचाई विभाग के एक्सईएन दीपक कुमार को मौके पर जाकर स्थिति की रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए थे।
शनिवार को सिंचाई विभाग के अवर अभियंता धर्मेंद्र कुमार, लेखपाल अमित सिंह और कानूनगो संपूर्णानंद वर्मा पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे। टीम ने ड्रोन कैमरे की मदद से मुख्य जगहों का बारीकी से सर्वे कराया। जेई ने ड्रोन की बैटरी खत्म हो जाने के कारण सर्वे पूरा नहीं हो पाया है। सिंचाई और राजस्व दोनों विभाग मिलकर संयुक्त स्थलीय रिपोर्ट तैयार कर जल्द ही उच्चाधिकारियों को भेजेंगे।
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ग्रामीणों का कहना है कि लगभग एक किलोमीटर लंबे और 16 फीट चौड़े इस बांध के केवल 70 फीट हिस्से की मरम्मत होनी है। इसके पूरा न होने से करीब 20 गांवों पर जलभराव का खतरा मंडरा रहा है।
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इस पर ग्रामीणों ने पुलिस चौकी का घेराव किया था। एसडीएम शालिनी सिंह तोमर ने दोनों पक्षों की बात सुनी थी। उन्होंने सिंचाई विभाग के एक्सईएन दीपक कुमार को मौके पर जाकर स्थिति की रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए थे।
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शनिवार को सिंचाई विभाग के अवर अभियंता धर्मेंद्र कुमार, लेखपाल अमित सिंह और कानूनगो संपूर्णानंद वर्मा पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे। टीम ने ड्रोन कैमरे की मदद से मुख्य जगहों का बारीकी से सर्वे कराया। जेई ने ड्रोन की बैटरी खत्म हो जाने के कारण सर्वे पूरा नहीं हो पाया है। सिंचाई और राजस्व दोनों विभाग मिलकर संयुक्त स्थलीय रिपोर्ट तैयार कर जल्द ही उच्चाधिकारियों को भेजेंगे।
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ग्रामीणों का कहना है कि लगभग एक किलोमीटर लंबे और 16 फीट चौड़े इस बांध के केवल 70 फीट हिस्से की मरम्मत होनी है। इसके पूरा न होने से करीब 20 गांवों पर जलभराव का खतरा मंडरा रहा है।