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Unnao News: बाढ़ से घिरे कई मकानों की दीवारों में आईं दरारें
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फोटो-13- दूसरे के मकान की छत पर रखा फूलमती की गृहस्थी का सामान। संवाद
पाटन (उन्नाव)। लोन नदी में आई बाढ़ से खेसुआ गांव के लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। गांव में पानी भरने से कई लोगों के घरों की दीवारों में दरारें आ गईं हैं। सुरक्षा के लिहाज से ऐसे ग्रामीण दूसरों के घरों में शरण लिए हैं। इसके बाद भी गांव में सरकारी मदद न पहुंचने से ग्रामीणों में आक्रोश है। बीघापुर तहसील क्षेत्र का खेसुआ गांव लोन नदी की बाढ़ की चपेट में हैं। यहां के लल्ला लोध, मोहलाल, गोवर्धन, अरुण ने बताया कि बाढ़ का पानी भरने से घरों की दीवारों में दरारें पड़ गई हैं। फूलमती ने बताया कि मार्च में ही नया घर बनवाया था। बाढ़ से घर के अंदर और बाहर चारों तरफ पानी भर जाने के कारण दीवारों में दरार आ गई हैं।
बताया कि कर्ज लेकर घर बनाया था। अभी निर्माण सामग्री के रुपये देने बाकी हैं। बाढ़ के चलते दूसरे के घर की छत पर सामान रखकर रहने के लिए मजबूर हैं। बताया कि प्रशासन की ओर से अभी तक कोई नहीं आया है।
नीलम लोध ने बताया कि पाई-पाई जोड़कर किसी तरह एक पक्का कमरा बनाया था। बाढ़ का पानी भरने के कारण कमरे की दीवारों में दरारें आ गईं हैं। गोवर्धन लोध ने बताया कि लगभग एक सप्ताह से हम सब बाढ़ का दंश झेल रहे हैं लेकिन तहसील प्रशासन ने सुधि नहीं ली। गांव में न तो राहत सामग्री की कोई व्यवस्था हुई न ही भोजन और चिकित्सा आदि की। लोग दूसरों के घरों शरण को मजबूर हैं।
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एसडीएम धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि राजस्व निरीक्षक व लेखपाल गांव भेज कर फसलों व घरों को हुए नुकसान का आकलन करवाया जाएगा। पीड़ित ग्रामीणों को सहायता दिलाने के लिए उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट तैयार कर भेजी जाएगी।
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बताया कि कर्ज लेकर घर बनाया था। अभी निर्माण सामग्री के रुपये देने बाकी हैं। बाढ़ के चलते दूसरे के घर की छत पर सामान रखकर रहने के लिए मजबूर हैं। बताया कि प्रशासन की ओर से अभी तक कोई नहीं आया है।
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नीलम लोध ने बताया कि पाई-पाई जोड़कर किसी तरह एक पक्का कमरा बनाया था। बाढ़ का पानी भरने के कारण कमरे की दीवारों में दरारें आ गईं हैं। गोवर्धन लोध ने बताया कि लगभग एक सप्ताह से हम सब बाढ़ का दंश झेल रहे हैं लेकिन तहसील प्रशासन ने सुधि नहीं ली। गांव में न तो राहत सामग्री की कोई व्यवस्था हुई न ही भोजन और चिकित्सा आदि की। लोग दूसरों के घरों शरण को मजबूर हैं।
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एसडीएम धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि राजस्व निरीक्षक व लेखपाल गांव भेज कर फसलों व घरों को हुए नुकसान का आकलन करवाया जाएगा। पीड़ित ग्रामीणों को सहायता दिलाने के लिए उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट तैयार कर भेजी जाएगी।

फोटो-13- दूसरे के मकान की छत पर रखा फूलमती की गृहस्थी का सामान। संवाद

फोटो-13- दूसरे के मकान की छत पर रखा फूलमती की गृहस्थी का सामान। संवाद

फोटो-13- दूसरे के मकान की छत पर रखा फूलमती की गृहस्थी का सामान। संवाद

फोटो-13- दूसरे के मकान की छत पर रखा फूलमती की गृहस्थी का सामान। संवाद