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Unnao News: मामा की हत्या कर शव तीसरी मंजिल से फेंका
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दीपनारायण उर्फ छोटू (फाइल फोटो)
उन्नाव। कांशीराम कॉलोनी के पास स्थित डूडा कॉलोनी में भांजे ने मामा की धारदार हथियार से हत्या कर शव तीसरी मंजिल से फेंक दिया। हत्या की वजह नाजायज की औलाद कहना बताई जा रही है। पड़ोसी की सूचना पर सीओ, कोतवाल, फॉरेंसिक टीम के साथ पहुंचे और जांच की।
सदर कोतवाली क्षेत्र के डूडा कॉलोनी नंबर 5/12 में रह रहे दीपनारायण पांडेय उर्फ छोटू (42) ई-रिक्शा चलाते थे। दीपनारायण के साथ उनका भांजा अचलगंज थाना क्षेत्र के नेवरना निवासी उमंग त्रिपाठी भी रहता था। दोनों शराब व अन्य नशा भी करते थे। प्राथमिकी दर्ज कराने वाले पड़ोसी सुधीर शुक्ला ने बताया कि उमंग की मां के चाल-चलन को लेकर दोनों में आए-दिन विवाद होता था। बृहस्पतिवार की रात भी दोनों में विवाद की तेज आवाजें आ रही थीं। शुक्रवार सुबह करीब सात बजे उमंग ने दीपनारायण की धारदार हथियार से हत्या कर शव कॉलोनी से नीचे फेंक दिया। किसी को पता न चले इसलिए उमंग शव को चादर से ढक रहा था। यह देख सूचना पुलिस को दी गई।
घटनास्थल पर सीओ विनी सिंह, कोतवाल चंद्रकांत मिश्र और काशीराम और सदर चौकी इंचार्ज फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचकर जांच की। चर्चा है कि हत्यारोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर पूछताछ भी की है। पूछताछ में हत्यारोपी ने बताया कि मामा दीपनारायण नशे की हालत में मां के खिलाफ अपशब्दों का प्रयोग करते थे। आए-दिन उनके चाल-चलन को लेकर ताना मारते थे। रात में उन्होंने नाजायज की औलाद कही तो गुस्सा आया और पास में रखे धारदार औजार से हत्या कर दी।
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सीओ सिटी ने बताया कि भांजे ने मामा की धारदार औजार से हत्या की है। दोनों का काफी समय से घरेलू विवाद चल रहा था। पड़ोसी सुधीर शुक्ला की तहरीर पर हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई है। जांच चल रही है।
बिल्लू ठाकुर के नाम है आवास, रहते थे मामा-भांजे
संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। मामा-भांजे जिस डूडा आवास में रहते थे, वह उनके नाम नहीं है। कागजों में मालिक कोई और है। मृतक दीपनारायण पांडेय की बहन सुधा ने बताया कि जिस कॉलोनी में भाई रहते थे, वह बिल्लू ठाकुर के नाम है। बिल्लू कहां रहते हैं यह पता नहीं। इस कॉलोनी में कई सालों से भाई दीपनारायण भांजे उमंग के साथ रह रहे थे। बताया कि भाई ने भी इस कॉलोनी में रुपये लगाए थे, इसलिए वह किराया नहीं लेते थे। बताया कि उमंग की मां सीमा उसे छोड़कर काफी समय पहले यहां से चली गई थीं। वह हरिद्वार में किसी के साथ रह रही हैं। वह कभी हम लोगों या अपने बेटे उमंग से मिलने तक नहीं आईं। सुधा के मुताबिक दीपनारायण तीन बहनों का इकलौता भाई था। नशे की लत के चलते उसका विवाह नहीं हुआ था।
सिर और गर्दन पर धारदार औजार से किए थे 10 वार
डूडा कॉलोनी में हुई मामा की हत्या के मामले में पैनल में शामिल सीएचसी रसूलपुर रूरी के डॉ. शोएब अली और सीएचसी असोहा के डॉ. अरविंद कुमार ने शव का पोस्टमार्टम किया। इसमें सिर और गर्दन में कुल्हाड़ी या चापड़ जैसे धारदार हथियार से हमले के 10 गहरे जख्म मिले हैं। हत्यारोपी भांजे ने ताबड़तोड़ वार कर मामा को मौत के घाट उतारा था।
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सदर कोतवाली क्षेत्र के डूडा कॉलोनी नंबर 5/12 में रह रहे दीपनारायण पांडेय उर्फ छोटू (42) ई-रिक्शा चलाते थे। दीपनारायण के साथ उनका भांजा अचलगंज थाना क्षेत्र के नेवरना निवासी उमंग त्रिपाठी भी रहता था। दोनों शराब व अन्य नशा भी करते थे। प्राथमिकी दर्ज कराने वाले पड़ोसी सुधीर शुक्ला ने बताया कि उमंग की मां के चाल-चलन को लेकर दोनों में आए-दिन विवाद होता था। बृहस्पतिवार की रात भी दोनों में विवाद की तेज आवाजें आ रही थीं। शुक्रवार सुबह करीब सात बजे उमंग ने दीपनारायण की धारदार हथियार से हत्या कर शव कॉलोनी से नीचे फेंक दिया। किसी को पता न चले इसलिए उमंग शव को चादर से ढक रहा था। यह देख सूचना पुलिस को दी गई।
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घटनास्थल पर सीओ विनी सिंह, कोतवाल चंद्रकांत मिश्र और काशीराम और सदर चौकी इंचार्ज फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचकर जांच की। चर्चा है कि हत्यारोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर पूछताछ भी की है। पूछताछ में हत्यारोपी ने बताया कि मामा दीपनारायण नशे की हालत में मां के खिलाफ अपशब्दों का प्रयोग करते थे। आए-दिन उनके चाल-चलन को लेकर ताना मारते थे। रात में उन्होंने नाजायज की औलाद कही तो गुस्सा आया और पास में रखे धारदार औजार से हत्या कर दी।
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सीओ सिटी ने बताया कि भांजे ने मामा की धारदार औजार से हत्या की है। दोनों का काफी समय से घरेलू विवाद चल रहा था। पड़ोसी सुधीर शुक्ला की तहरीर पर हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई है। जांच चल रही है।
बिल्लू ठाकुर के नाम है आवास, रहते थे मामा-भांजे
संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। मामा-भांजे जिस डूडा आवास में रहते थे, वह उनके नाम नहीं है। कागजों में मालिक कोई और है। मृतक दीपनारायण पांडेय की बहन सुधा ने बताया कि जिस कॉलोनी में भाई रहते थे, वह बिल्लू ठाकुर के नाम है। बिल्लू कहां रहते हैं यह पता नहीं। इस कॉलोनी में कई सालों से भाई दीपनारायण भांजे उमंग के साथ रह रहे थे। बताया कि भाई ने भी इस कॉलोनी में रुपये लगाए थे, इसलिए वह किराया नहीं लेते थे। बताया कि उमंग की मां सीमा उसे छोड़कर काफी समय पहले यहां से चली गई थीं। वह हरिद्वार में किसी के साथ रह रही हैं। वह कभी हम लोगों या अपने बेटे उमंग से मिलने तक नहीं आईं। सुधा के मुताबिक दीपनारायण तीन बहनों का इकलौता भाई था। नशे की लत के चलते उसका विवाह नहीं हुआ था।
सिर और गर्दन पर धारदार औजार से किए थे 10 वार
डूडा कॉलोनी में हुई मामा की हत्या के मामले में पैनल में शामिल सीएचसी रसूलपुर रूरी के डॉ. शोएब अली और सीएचसी असोहा के डॉ. अरविंद कुमार ने शव का पोस्टमार्टम किया। इसमें सिर और गर्दन में कुल्हाड़ी या चापड़ जैसे धारदार हथियार से हमले के 10 गहरे जख्म मिले हैं। हत्यारोपी भांजे ने ताबड़तोड़ वार कर मामा को मौत के घाट उतारा था।