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Unnao News: राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के वाहन टेंडर प्रक्रिया पर उठे सवाल
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उन्नाव। सीएमओ कार्यालय में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के वाहन टेंडर के साथ मॉनीटरिंग सेल के लिए वाहनों का टेंडर होने की प्रक्रिया चल रही है। कार्यालय के बाबू और अधिकारियों की सांठगांठ से पिता-पुत्र के नाम संचालित दो एजेंसियों को ही लाभ पहुंचाने का प्रयास चल रहा है। इसकी शिकायत एक ठेकेदार ने महाप्रबंधक राज्य कार्यक्रम इकाई राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और अपर मुख्य सचिव से की है।
कानपुर के परदेवांपुर हरिजंदरनगर निवासी एक इंटर प्राइजेज के प्रोप्राइटर कुलदीप सिंह की ओर से की गई शिकायत में कहा गया है कि मौजूदा समय में सीएमओ कार्यालय में आरबीएसके का टेंडर और मॉनिटरिंग का टेंडर सागर ट्रैवल्स और कृष्ण ट्रैवल्स को गलत तरीके से देने की प्रक्रिया चल रही है। आरोप है कि ये दोनों फर्में पिता-पुत्र के नाम हैं जबकि जेम टेंडर प्रक्रिया में खून के रिश्तों को शामिल न करने का आदेश है। उनका कहना है कि मौजूदा समय में भी यही दोनों फर्म काम कर रही हैं। इसके पहले भी यह काम कर चुकी हैं। आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग के गाड़ियों के टेंडर में प्रति वाहन 33000 रुपये निश्चित है लेकिन इन दो फर्मों ने उससे भी कम रुपये डाले हैं। आरोप है कि अभी शासन से सुनवाई पूरी हुई नहीं और टेंडर प्रक्रिया को पूरा करने की तैयारी है। इसी तरह अक्सा एसोसिएट के प्रोप्राइटर महताब आलम ने भी सीएमओ को पत्र देकर निविदा में गड़बड़ी न करने की मांग की है।
सीएमओ डॉ. अजय शर्मा ने बताया कि एक महीने पहले ही कार्यभार संभाला है। नवीनीकरण के लिए कहा गया था, यह पहले भी कहा था जो सही हो वही करना। अभी प्रक्रिया चल रही है। टेंडर पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाएगा।
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कानपुर के परदेवांपुर हरिजंदरनगर निवासी एक इंटर प्राइजेज के प्रोप्राइटर कुलदीप सिंह की ओर से की गई शिकायत में कहा गया है कि मौजूदा समय में सीएमओ कार्यालय में आरबीएसके का टेंडर और मॉनिटरिंग का टेंडर सागर ट्रैवल्स और कृष्ण ट्रैवल्स को गलत तरीके से देने की प्रक्रिया चल रही है। आरोप है कि ये दोनों फर्में पिता-पुत्र के नाम हैं जबकि जेम टेंडर प्रक्रिया में खून के रिश्तों को शामिल न करने का आदेश है। उनका कहना है कि मौजूदा समय में भी यही दोनों फर्म काम कर रही हैं। इसके पहले भी यह काम कर चुकी हैं। आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग के गाड़ियों के टेंडर में प्रति वाहन 33000 रुपये निश्चित है लेकिन इन दो फर्मों ने उससे भी कम रुपये डाले हैं। आरोप है कि अभी शासन से सुनवाई पूरी हुई नहीं और टेंडर प्रक्रिया को पूरा करने की तैयारी है। इसी तरह अक्सा एसोसिएट के प्रोप्राइटर महताब आलम ने भी सीएमओ को पत्र देकर निविदा में गड़बड़ी न करने की मांग की है।
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सीएमओ डॉ. अजय शर्मा ने बताया कि एक महीने पहले ही कार्यभार संभाला है। नवीनीकरण के लिए कहा गया था, यह पहले भी कहा था जो सही हो वही करना। अभी प्रक्रिया चल रही है। टेंडर पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाएगा।
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