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Unnao News: स्मार्ट कक्षाएं चलाने के लिए सीखीं डिजिटल की बारीकियां
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फोटो-30- डायट में आयोजित कार्यशाला में मौजूद शिक्षक, बीईओ और डायट मेंटर। स्रोत शिक्षक
- फोटो : 1
500 परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों ने दो महीने तक स्मार्ट कक्षाओं का प्रशिक्षण पूरा किया
उन्नाव। समग्र शिक्षा अभियान और पीएमश्री योजना के तहत स्कूलों में आधुनिक कक्षाओं के संचालन का प्रशिक्षण संपन्न हुआ। यह प्रशिक्षण जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में दो महीने से चल रहा था। इसमें बीईओ, एआरपी, डायट मेंटर और शिक्षकों को अंकीय बोर्ड की बारीकियां सिखाई गईं। नीपा प्रयागराज और आईआईटी कानपुर से प्रशिक्षित ट्रेनरों ने यह प्रशिक्षण दिया।
जिले के 500 परिषदीय स्कूलों में आधुनिक कक्षाएं संचालित हैं। इनके शिक्षकों को दिक्कत न हो, इसलिए 29 दिसंबर 2025 से प्रशिक्षण शुरू हुआ। इसमें 50-50 शिक्षकों के बैच शामिल थे। बाद में पर्यवेक्षण कर्मियों को भी जोड़ा गया। कार्यशाला में अंकीय बोर्ड, आधुनिक कक्षाएं और आईसीटी प्रयोगशाला के प्रभावी उपयोग पर चर्चा हुई। वेंडरों ने हार्डवेयर और उपकरणों की जानकारी दी। विशेषज्ञों ने शैक्षिक व अंकीय उपकरणों पर ज्ञान साझा किया। डायट प्राचार्या अमिता सिंह ने सभी का मार्गदर्शन किया।
अंकीय उपकरण और ऑनलाइन मूल्यांकन
प्रशिक्षकों ने इंटीग्रेटेड पाठ योजना बनाने की प्रक्रिया समझाई। कृत्रिम बुद्धिमत्ता के इतिहास और चैट जीपीटी व जेमिनी जैसे उपकरणों के शैक्षिक उपयोग की जानकारी दी गई। शिक्षण योजना, स्टोरी बुक और शैक्षणिक गतिविधियां तैयार करने के तरीके बताए गए। फोस और दीक्षा मंच के शैक्षिक उपयोग पर भी चर्चा हुई। ऑनलाइन प्रायोगिक गतिविधियों का प्रदर्शन किया गया, साथ ही गूगल फॉर्म से मूल्यांकन व प्रतिक्रिया प्रक्रिया समझाई गई।
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उन्नाव। समग्र शिक्षा अभियान और पीएमश्री योजना के तहत स्कूलों में आधुनिक कक्षाओं के संचालन का प्रशिक्षण संपन्न हुआ। यह प्रशिक्षण जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में दो महीने से चल रहा था। इसमें बीईओ, एआरपी, डायट मेंटर और शिक्षकों को अंकीय बोर्ड की बारीकियां सिखाई गईं। नीपा प्रयागराज और आईआईटी कानपुर से प्रशिक्षित ट्रेनरों ने यह प्रशिक्षण दिया।
जिले के 500 परिषदीय स्कूलों में आधुनिक कक्षाएं संचालित हैं। इनके शिक्षकों को दिक्कत न हो, इसलिए 29 दिसंबर 2025 से प्रशिक्षण शुरू हुआ। इसमें 50-50 शिक्षकों के बैच शामिल थे। बाद में पर्यवेक्षण कर्मियों को भी जोड़ा गया। कार्यशाला में अंकीय बोर्ड, आधुनिक कक्षाएं और आईसीटी प्रयोगशाला के प्रभावी उपयोग पर चर्चा हुई। वेंडरों ने हार्डवेयर और उपकरणों की जानकारी दी। विशेषज्ञों ने शैक्षिक व अंकीय उपकरणों पर ज्ञान साझा किया। डायट प्राचार्या अमिता सिंह ने सभी का मार्गदर्शन किया।
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अंकीय उपकरण और ऑनलाइन मूल्यांकन
प्रशिक्षकों ने इंटीग्रेटेड पाठ योजना बनाने की प्रक्रिया समझाई। कृत्रिम बुद्धिमत्ता के इतिहास और चैट जीपीटी व जेमिनी जैसे उपकरणों के शैक्षिक उपयोग की जानकारी दी गई। शिक्षण योजना, स्टोरी बुक और शैक्षणिक गतिविधियां तैयार करने के तरीके बताए गए। फोस और दीक्षा मंच के शैक्षिक उपयोग पर भी चर्चा हुई। ऑनलाइन प्रायोगिक गतिविधियों का प्रदर्शन किया गया, साथ ही गूगल फॉर्म से मूल्यांकन व प्रतिक्रिया प्रक्रिया समझाई गई।
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