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Unnao News: यूपीडा की लापरवाही से एक्सप्रेसवे पर हादसा
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फोटो-22- लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर घटनास्थल का निरीक्षण करते एसपी जयप्रकाश सिंह और अन्य अधिकारी।
बेहटामुजावर/गंजमुरादाबाद (उन्नाव)। लखनऊ-आगरा एक्स प्रेसवे पर हुए हादसे से सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बुधवार रात इमरजेंसी कट खुला रह जाने के कारण चालक ने ट्रेलर को उसी से निकालने का प्रयास किया जिससे यह हादसा हुआ। घटना के बाद पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण कर तत्काल कट को बंद कराने के निर्देश दिए हैं।
जांच में पता चला कि एक्सप्रेसवे पर हर 10 किलोमीटर पर एंबुलेंस और यूपीडा के वाहनों के लिए इमरजेंसी कट बनाए गए हैं जिन्हें सामान्यतः बंद रखा जाता है। यूपीडा कर्मियों की लापरवाही के कारण बुधवार रात यह कट खुला रह गया। एसपी ने तत्काल कट बंद कराने के निर्देश दिए। यूपीडा ने तुरंत काम शुरू कर दिया। इसके अलावा, घटनास्थल से एक किलोमीटर की दूरी पर सीसीटीवी कैमरे लगवाने और जगह-जगह संकेतक लगाने के भी निर्देश दिए गए हैं।
यूपीडा की लापरवाही का यह पहला मामला नहीं है। सुरक्षा के लिए लगाई गई जालियां भी कटी हुई हैं जिससे मवेशी भी एक्सप्रेसवे पर पहुंच जाते हैं। गहरपुरवा, देवखरी, हैबतपुर, रघुरामपुर, भवानीखेड़ा, जोगीकोट और खंभौली गांवों के सामने ग्रामीणों ने अवैध कट बना रखे हैं, जिन पर अभी तक जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान नहीं गया है। इससे कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
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एक्सप्रेसवे के सुरक्षा अधिकारी एके चंदेल ने बताया कि जालियों को बार-बार ठीक कराया जाता है और अवैध कट बंद कराए जाते हैं लेकिन असामाजिक तत्व फिर से खोल लेते हैं। (संवाद)
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जांच में पता चला कि एक्सप्रेसवे पर हर 10 किलोमीटर पर एंबुलेंस और यूपीडा के वाहनों के लिए इमरजेंसी कट बनाए गए हैं जिन्हें सामान्यतः बंद रखा जाता है। यूपीडा कर्मियों की लापरवाही के कारण बुधवार रात यह कट खुला रह गया। एसपी ने तत्काल कट बंद कराने के निर्देश दिए। यूपीडा ने तुरंत काम शुरू कर दिया। इसके अलावा, घटनास्थल से एक किलोमीटर की दूरी पर सीसीटीवी कैमरे लगवाने और जगह-जगह संकेतक लगाने के भी निर्देश दिए गए हैं।
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यूपीडा की लापरवाही का यह पहला मामला नहीं है। सुरक्षा के लिए लगाई गई जालियां भी कटी हुई हैं जिससे मवेशी भी एक्सप्रेसवे पर पहुंच जाते हैं। गहरपुरवा, देवखरी, हैबतपुर, रघुरामपुर, भवानीखेड़ा, जोगीकोट और खंभौली गांवों के सामने ग्रामीणों ने अवैध कट बना रखे हैं, जिन पर अभी तक जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान नहीं गया है। इससे कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
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एक्सप्रेसवे के सुरक्षा अधिकारी एके चंदेल ने बताया कि जालियों को बार-बार ठीक कराया जाता है और अवैध कट बंद कराए जाते हैं लेकिन असामाजिक तत्व फिर से खोल लेते हैं। (संवाद)