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Unnao News: राजकीय पुस्तकालय में तीन कृतियों का लोकार्पण
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फोटो- 3- विश्वंभर दयालु त्रिपाठी राजकीय जिला पुस्तकालय में कृतियों का विमोचन करते साहित्यकार व
उन्नाव। शहर के विश्वंभर दयालु त्रिपाठी राजकीय पुस्तकालय में ‘उन्नाव तुलसी’, ‘अवधी-मैथिली लोकगीतों का तुलनात्मक अध्ययन’ और ‘मेरी सीपी मेरे गीत’ नामक तीन ग्रंथों का लोकार्पण किया गया। मुख्य वक्ता प्रो. राकेश शुक्ल ने कहा कि उन्नाव साहित्य की धरती है, यहां साहित्य का भंडार हमेशा समृद्ध रहा है।
डॉ. केके मिश्र ने अवध और मिथिलांचल की सामाजिक सांस्कृतिक और लोक जीवन पर चर्चा की। डॉ. गणेशनारायण शुक्ल ने पंडित निशानाथ दीक्षित के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला। प्रो. एचडी सिंह ने कहा कि उन्नाव सदियों से लेखन और सनातन जीवन मूल्यों का संरक्षक है। अवधी पुरोधा डॉ. रामबहादुर मिश्र ने तीनों कृतियों की संक्षिप्त समीक्षा की और हिंदी की उपभाषाओं को समृद्ध करने की अपील की।
इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती, विश्वंभर दयालु त्रिपाठी और निशानाथ दीक्षित के चित्रों पर माल्यार्पण और दीप जलाकर किया गया। बाद में सरस्वती वंदना, तुलसी रत्ना वंदना हुई। अतिथियों और कृतियों के लेखकों में शामिल जयकृष्णा पांडेय, डॉ. ललित त्रिपाठी और डॉ. रामबहादुर मिश्र का विशेष सम्मान किया गया । समाजसेवी रामदेव शुक्ल, दिनेश प्रियमन, पंकज दीक्षित, अनिल वर्मा, संजीव श्रीवास्तव, मनीष मिश्र, वैभव मिश्र भी मौजूद रहे।
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डॉ. केके मिश्र ने अवध और मिथिलांचल की सामाजिक सांस्कृतिक और लोक जीवन पर चर्चा की। डॉ. गणेशनारायण शुक्ल ने पंडित निशानाथ दीक्षित के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला। प्रो. एचडी सिंह ने कहा कि उन्नाव सदियों से लेखन और सनातन जीवन मूल्यों का संरक्षक है। अवधी पुरोधा डॉ. रामबहादुर मिश्र ने तीनों कृतियों की संक्षिप्त समीक्षा की और हिंदी की उपभाषाओं को समृद्ध करने की अपील की।
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इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती, विश्वंभर दयालु त्रिपाठी और निशानाथ दीक्षित के चित्रों पर माल्यार्पण और दीप जलाकर किया गया। बाद में सरस्वती वंदना, तुलसी रत्ना वंदना हुई। अतिथियों और कृतियों के लेखकों में शामिल जयकृष्णा पांडेय, डॉ. ललित त्रिपाठी और डॉ. रामबहादुर मिश्र का विशेष सम्मान किया गया । समाजसेवी रामदेव शुक्ल, दिनेश प्रियमन, पंकज दीक्षित, अनिल वर्मा, संजीव श्रीवास्तव, मनीष मिश्र, वैभव मिश्र भी मौजूद रहे।
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