{"_id":"6aca951f22a992fdc8004be4","slug":"unnao-news-unnao-news-c-221-1-sknp1055-159275-2026-10-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Unnao News: फिर बढ़ने लगा कल्याणी नदी का पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Unnao News: फिर बढ़ने लगा कल्याणी नदी का पानी
विज्ञापन
देवरिया-कछियनपुरवा मार्ग पर भरे पानी से गुजरते लोग। संवाद
गंजमुरादाबाद। एक पखवारे तक जलस्तर स्थिर रहने के बाद शनिवार से फिर से गंगा का पानी आने से कल्याणी नदी उफनाने लगी। इससे बाढ़ उतरने की उम्मीद लगाए 22 गांवों के लोगों की मुश्किलें फिर से बढ़ने लगीं। खुले मार्ग फिर बंद हो गए। फसलें जो किसी प्रकार बच गई थीं, अब फिर सड़ने की कगार पर हैं।
पिछले महीने गंगा नदी में बाढ़ आने से हरदोई के विकास खंड मल्लावां की ओर से पानी आकर कल्याणी नदी में मिल गया था। इससे नदी उफना गई थी। इससे गंजमुरादाबाद विकासखंड क्षेत्र के बेहटाकच्छ, शिवलालपुरवा, कुशराजपुर, लोनारी, भिलोई, बाजीपुरवा, इच्छापुरवा, देवरिया, लहरापुर, छोट्टापुरवा, कछियनपुरवा, पकरियापुरवा, तकिया, चिंगरपुरवा, फतेहपुर हामजा, फतेहपुर खालसा, बहलोलपुर सहित 22 गांव जलमग्न हो गए थे। इन गांवों के आसपास बोई गई मक्का और धान की फसलें जलमग्न होकर सड़ने की कगार पर पहुंच गई थीं। करीब 15 दिन तक पानी स्थिर रहा था, जिससे लोगों को बाढ़ से निजात मिलने की उम्मीद जगी थी।
शनिवार को फिर हरदोई की ओर से आया गंगा नदी का बढ़ा पानी कल्याणी नदी में पहुंच गया। इससे नदी फिर उफान पर आ गई। इसके चलते 22 गांवों की स्थिति फिर से बद्तर होने लगीं। खुले रास्तों में बेहटाकच्छ-रामपुर, देवरिया-कछियनपुरवा व छोट्टापुरवा-बिरैचामऊ मार्ग सहित 6 मार्ग फिर पानी भरने से बंद हो गए।
विज्ञापन
इंसेट-1
500 बीघा फसल में फिर भरा पानी
फिर से पानी बढ़ने से करीब 100 बीघा मक्का और 400 बीघा भूमि की धान की फसलें जलमग्न हो गईं। लगातार पानी भरने से फसलें पीली पड़ने लगी हैं। इससे इन गांवों की करीब 50 हजार आबादी के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है। खंड विकास अधिकारी पंकज गौतम ने बताया कि गंगा नदी के बढ़े जलस्तर से कल्याणी नदी में फिर उफान आ जाने से स्थिति नाजुक हो गई है। सोमवार को बाढ़ प्रभावित इलाके का दौरा कर स्थिति का जायजा लेकर आवश्यक कदम उठाएंगे।
विज्ञापन
पिछले महीने गंगा नदी में बाढ़ आने से हरदोई के विकास खंड मल्लावां की ओर से पानी आकर कल्याणी नदी में मिल गया था। इससे नदी उफना गई थी। इससे गंजमुरादाबाद विकासखंड क्षेत्र के बेहटाकच्छ, शिवलालपुरवा, कुशराजपुर, लोनारी, भिलोई, बाजीपुरवा, इच्छापुरवा, देवरिया, लहरापुर, छोट्टापुरवा, कछियनपुरवा, पकरियापुरवा, तकिया, चिंगरपुरवा, फतेहपुर हामजा, फतेहपुर खालसा, बहलोलपुर सहित 22 गांव जलमग्न हो गए थे। इन गांवों के आसपास बोई गई मक्का और धान की फसलें जलमग्न होकर सड़ने की कगार पर पहुंच गई थीं। करीब 15 दिन तक पानी स्थिर रहा था, जिससे लोगों को बाढ़ से निजात मिलने की उम्मीद जगी थी।
विज्ञापन
शनिवार को फिर हरदोई की ओर से आया गंगा नदी का बढ़ा पानी कल्याणी नदी में पहुंच गया। इससे नदी फिर उफान पर आ गई। इसके चलते 22 गांवों की स्थिति फिर से बद्तर होने लगीं। खुले रास्तों में बेहटाकच्छ-रामपुर, देवरिया-कछियनपुरवा व छोट्टापुरवा-बिरैचामऊ मार्ग सहित 6 मार्ग फिर पानी भरने से बंद हो गए।
विज्ञापन
इंसेट-1
500 बीघा फसल में फिर भरा पानी
फिर से पानी बढ़ने से करीब 100 बीघा मक्का और 400 बीघा भूमि की धान की फसलें जलमग्न हो गईं। लगातार पानी भरने से फसलें पीली पड़ने लगी हैं। इससे इन गांवों की करीब 50 हजार आबादी के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है। खंड विकास अधिकारी पंकज गौतम ने बताया कि गंगा नदी के बढ़े जलस्तर से कल्याणी नदी में फिर उफान आ जाने से स्थिति नाजुक हो गई है। सोमवार को बाढ़ प्रभावित इलाके का दौरा कर स्थिति का जायजा लेकर आवश्यक कदम उठाएंगे।

देवरिया-कछियनपुरवा मार्ग पर भरे पानी से गुजरते लोग। संवाद