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Unnao News: 11 साल की बालिका से दुष्कर्म में 21 साल की सजा
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उन्नाव। सात साल पहले 11 साल की बालिका से दुष्कर्म करने वाले को न्यायालय ने 21 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने उस पर 40 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। मुकदमे में नामजद दोषी के ससुर के खिलाफ मारपीट के पर्याप्त साक्ष्य न मिलने पर दोषमुक्त कर दिया।
फतेहपुर चौरासी थाना के एक गांव निवासी महिला ने 31 मार्च 2018 को पड़ोसी कुंजीलाल और उसके दामाद बांगरमऊ कोतवाली के ग्राम दारापुर निवासी तेजपाल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस को बताया कि तेजपाल ससुराल आया था। घटना वाले दिन उसकी नाबालिग बेटी घर के बाहर थी। पहले घात लगाए तेजपाल से उसे दबोच लिया था और दुष्कर्म किया था। घर आकर बेटी ने आपबीती बताई थी। पीड़िता की मां के मुताबिक वह कुंजीलाल के घर गई तो बातचीत के दौरान कुंजीलाल ने उस पर झूठा आरोप लगाने की बात कहकर डंडों से पीटा।
पुलिस ने दामाद तेजपाल पर छेड़छाड़ व पॉक्सो और उसके ससुर पर मारपीट की एफआईआर दर्ज की थी। बालिका ने न्यायालय में कलमबंद बयान में आरोपी पर दुष्कर्म करने की बात बताई थी। इसपर दुष्कर्म की धारा को बढ़ाते हुए पुलिस ने एक अप्रैल 2018 को तेजपाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
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इसके बाद आरोपी ससुर व दमाद के खिलाफ 22 अप्रैल 2018 को न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया था। मुकदमा लंबे समय से विशेष न्यायालय पाॅक्सो एक्ट नंबर 12 में विचाराधीन था। बृहस्पतिवार को मुकदमे की सुनवाई पूरी हुई। न्यायाधीश शैलेंद्र सिंह यादव ने साक्ष्य व दलीलों के आधार पर तेजपाल को दुष्कर्म व पाॅक्सो एक्ट में दोष साबित होने पर 21 वर्ष कारावास की सजा सुनाई। और कुंजीलाल के खिलाफ मारपीट के पर्याप्त साक्ष्य न मिलने पर उसे दोषमुक्त किया।
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फतेहपुर चौरासी थाना के एक गांव निवासी महिला ने 31 मार्च 2018 को पड़ोसी कुंजीलाल और उसके दामाद बांगरमऊ कोतवाली के ग्राम दारापुर निवासी तेजपाल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस को बताया कि तेजपाल ससुराल आया था। घटना वाले दिन उसकी नाबालिग बेटी घर के बाहर थी। पहले घात लगाए तेजपाल से उसे दबोच लिया था और दुष्कर्म किया था। घर आकर बेटी ने आपबीती बताई थी। पीड़िता की मां के मुताबिक वह कुंजीलाल के घर गई तो बातचीत के दौरान कुंजीलाल ने उस पर झूठा आरोप लगाने की बात कहकर डंडों से पीटा।
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पुलिस ने दामाद तेजपाल पर छेड़छाड़ व पॉक्सो और उसके ससुर पर मारपीट की एफआईआर दर्ज की थी। बालिका ने न्यायालय में कलमबंद बयान में आरोपी पर दुष्कर्म करने की बात बताई थी। इसपर दुष्कर्म की धारा को बढ़ाते हुए पुलिस ने एक अप्रैल 2018 को तेजपाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
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इसके बाद आरोपी ससुर व दमाद के खिलाफ 22 अप्रैल 2018 को न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया था। मुकदमा लंबे समय से विशेष न्यायालय पाॅक्सो एक्ट नंबर 12 में विचाराधीन था। बृहस्पतिवार को मुकदमे की सुनवाई पूरी हुई। न्यायाधीश शैलेंद्र सिंह यादव ने साक्ष्य व दलीलों के आधार पर तेजपाल को दुष्कर्म व पाॅक्सो एक्ट में दोष साबित होने पर 21 वर्ष कारावास की सजा सुनाई। और कुंजीलाल के खिलाफ मारपीट के पर्याप्त साक्ष्य न मिलने पर उसे दोषमुक्त किया।