{"_id":"69b9ac3ca65bcf3e41083ab0","slug":"unnao-news-unnao-news-c-221-1-sknp1054-146954-2026-03-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Unnao News: रेलवे के ब्लॉक से पहले कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे शुरू करने की तैयारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Unnao News: रेलवे के ब्लॉक से पहले कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे शुरू करने की तैयारी
विज्ञापन
फोटो नंबर-1-कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे जिसे अप्रैल से यातायात के लिए खोलने की योजना है। संवाद
- फोटो : rajori news
उन्नाव। लखनऊ-कानपुर रेल मार्ग पर 42 दिन के मेगा ब्लॉक से पहले कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे (एनई-6) पर यातायात शुरू करने की तैयारी है। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने 13 मार्च को लखनऊ दौरे पर 20 दिन में एक्सप्रेसवे खोलने की घोषणा की थी। एक्सप्रेसवे के अप्रैल में खुलने की संभावना है जिससे यात्रियों को राहत मिलेगी। निर्माण एजेंसी का दावा है कि एक्सप्रेसवे का अधिकांश काम पूरा हो चुका है।
उन्नाव से लखनऊ सीमा तक तीसरे चरण में एक्सप्रेसवे तीन महीने पहले ही बनकर तैयार हो गया था। लखनऊ में स्कूटर इंडिया के पास फ्लाईओवर की दाहिनी तरफ की लेन का काम अंतिम चरण में है। अधिकारियों के मुताबिक यह काम भी 25 मार्च तक पूरा कर लिया जाएगा। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने लखनऊ क्षेत्र का काम पूरा होने के बाद ही यातायात शुरू करने का फैसला लिया था। निर्माण एजेंसी पीएनसी का दावा है कि जोन-1 का काम भी पूरा हो गया है। रक्षामंत्री ने समीक्षा बैठक के दौरान कहा था कि कानपुर और लखनऊ का सफर 45 मिनट में पूरा होगा। एक्सप्रेसवे खुलने से कानपुर, लखनऊ और उन्नाव के बीच रोजाना सफर करने वाले करीब 20 हजार लोगों को राहत मिलेगी।
नहीं होगी बीते साल जैसी परेशानी
मेगा ब्लॉक से पहले एक्सप्रेसवे पर यातायात शुरू होने पर कानपुर-लखनऊ आवागमन करने वालों को राहत मिलेगी। दरअसल पिछले साल भी रेलवे ने 20 मार्च से 30 अप्रैल तक 42 दिन का मेगा ब्लॉक लिया था। उस दौरान लखनऊ से कानपुर ट्रैक की मरम्मत कराई गई थी। इस अवधि में 26 ट्रेनें निरस्त की गई थीं। 52 ट्रेनों का रूट और छह ट्रेनों का समय बदला था। रोज सुबह आठ से शाम पांच बजे तक कुल नौ घंटे काम चला था। उन्नाव, कानपुर और लखनऊ के लोगों को सफर में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। इस बार मेगा ब्लॉक से पहले एक्सप्रेसवे खुलने से लोगों को राहत मिलेगी। हाईवे पर यातायात का दबाव भी कम होगा और जाम से भी राहत मिलने की उम्मीद है। यह परियोजना क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। लखनऊ-कानपुर के बीच यात्रा का समय काफी घट जाएगा।
विज्ञापन
--
दो अप्रैल से 13 मई तक रेलवे का मेगा ब्लॉक
रेलवे का 42 दिन का मेगा ब्लॉक गंगा नदी पर बने 118 साल पुराने रेलवे पुल की मरम्मत के लिए है। इस दौरान पुराने स्लीपर हटाकर स्टील के एच बीम लगाए जाएंगे और पटरियां बदली जाएंगी। रेलवे पुल की मरम्मत का काम दो अप्रैल से 13 मई तक चलेगा। यह काम लगातार 42 दिन तक प्रतिदिन आठ घंटे किया जाएगा। मेगा ब्लॉक के दौरान कानपुर से लखनऊ ट्रैक की मरम्मत होगी। रेलवे के प्लान के अनुसार इस दौरान कानपुर-लखनऊ रूट की 14 ट्रेनें निरस्त रहेंगी। वहीं, 31 ट्रेनों का रूट और समय बदला जाएगा जबकि 10 ट्रेनें केवल कानपुर तक ही चलाई जाएंगी।
--
वर्जन...
कानपुर-लखनऊ एलिवेटेड एक्सप्रेसवे का काम उन्नाव जोन में काम पूरा हो गया है। लखनऊ में कुछ काम बाकी है उसे तेजी से कराया जा रहा है। 31 मार्च से पहले सभी काम पूरे हो जाएंगे। इसके बाद एनएचएआई के उच्चाधिकारियों के निर्देश पर इस पर यातायात शुरू करा दिया जाएगा। -नकुल कुमार, पीडी, एनएचएआई
--
एक्सप्रेसवे का काम उन्नाव में जनवरी में ही पूरा हो गया था। लखनऊ दौरे पर आए रक्षामंत्री ने बैठक में इसकी प्रगति की जानकारी ली थी। उन्होंने पीएमओ से भी इस पर बात की थी। जो भी काम बाकी हैं 25 मार्च तक पूरे कर लिए जाएंगे। इसके बाद एनएचएआई जब चाहे इस पर यातायात शुरू कर सकता है। -प्रमोद बहेरा, डीजीएम, निर्माण एजेंसी पीएनसी।
विज्ञापन
उन्नाव से लखनऊ सीमा तक तीसरे चरण में एक्सप्रेसवे तीन महीने पहले ही बनकर तैयार हो गया था। लखनऊ में स्कूटर इंडिया के पास फ्लाईओवर की दाहिनी तरफ की लेन का काम अंतिम चरण में है। अधिकारियों के मुताबिक यह काम भी 25 मार्च तक पूरा कर लिया जाएगा। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने लखनऊ क्षेत्र का काम पूरा होने के बाद ही यातायात शुरू करने का फैसला लिया था। निर्माण एजेंसी पीएनसी का दावा है कि जोन-1 का काम भी पूरा हो गया है। रक्षामंत्री ने समीक्षा बैठक के दौरान कहा था कि कानपुर और लखनऊ का सफर 45 मिनट में पूरा होगा। एक्सप्रेसवे खुलने से कानपुर, लखनऊ और उन्नाव के बीच रोजाना सफर करने वाले करीब 20 हजार लोगों को राहत मिलेगी।
विज्ञापन
नहीं होगी बीते साल जैसी परेशानी
मेगा ब्लॉक से पहले एक्सप्रेसवे पर यातायात शुरू होने पर कानपुर-लखनऊ आवागमन करने वालों को राहत मिलेगी। दरअसल पिछले साल भी रेलवे ने 20 मार्च से 30 अप्रैल तक 42 दिन का मेगा ब्लॉक लिया था। उस दौरान लखनऊ से कानपुर ट्रैक की मरम्मत कराई गई थी। इस अवधि में 26 ट्रेनें निरस्त की गई थीं। 52 ट्रेनों का रूट और छह ट्रेनों का समय बदला था। रोज सुबह आठ से शाम पांच बजे तक कुल नौ घंटे काम चला था। उन्नाव, कानपुर और लखनऊ के लोगों को सफर में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। इस बार मेगा ब्लॉक से पहले एक्सप्रेसवे खुलने से लोगों को राहत मिलेगी। हाईवे पर यातायात का दबाव भी कम होगा और जाम से भी राहत मिलने की उम्मीद है। यह परियोजना क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। लखनऊ-कानपुर के बीच यात्रा का समय काफी घट जाएगा।
विज्ञापन
दो अप्रैल से 13 मई तक रेलवे का मेगा ब्लॉक
रेलवे का 42 दिन का मेगा ब्लॉक गंगा नदी पर बने 118 साल पुराने रेलवे पुल की मरम्मत के लिए है। इस दौरान पुराने स्लीपर हटाकर स्टील के एच बीम लगाए जाएंगे और पटरियां बदली जाएंगी। रेलवे पुल की मरम्मत का काम दो अप्रैल से 13 मई तक चलेगा। यह काम लगातार 42 दिन तक प्रतिदिन आठ घंटे किया जाएगा। मेगा ब्लॉक के दौरान कानपुर से लखनऊ ट्रैक की मरम्मत होगी। रेलवे के प्लान के अनुसार इस दौरान कानपुर-लखनऊ रूट की 14 ट्रेनें निरस्त रहेंगी। वहीं, 31 ट्रेनों का रूट और समय बदला जाएगा जबकि 10 ट्रेनें केवल कानपुर तक ही चलाई जाएंगी।
वर्जन...
कानपुर-लखनऊ एलिवेटेड एक्सप्रेसवे का काम उन्नाव जोन में काम पूरा हो गया है। लखनऊ में कुछ काम बाकी है उसे तेजी से कराया जा रहा है। 31 मार्च से पहले सभी काम पूरे हो जाएंगे। इसके बाद एनएचएआई के उच्चाधिकारियों के निर्देश पर इस पर यातायात शुरू करा दिया जाएगा। -नकुल कुमार, पीडी, एनएचएआई
एक्सप्रेसवे का काम उन्नाव में जनवरी में ही पूरा हो गया था। लखनऊ दौरे पर आए रक्षामंत्री ने बैठक में इसकी प्रगति की जानकारी ली थी। उन्होंने पीएमओ से भी इस पर बात की थी। जो भी काम बाकी हैं 25 मार्च तक पूरे कर लिए जाएंगे। इसके बाद एनएचएआई जब चाहे इस पर यातायात शुरू कर सकता है। -प्रमोद बहेरा, डीजीएम, निर्माण एजेंसी पीएनसी।

फोटो नंबर-1-कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे जिसे अप्रैल से यातायात के लिए खोलने की योजना है। संवाद- फोटो : rajori news