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Unnao News: एआरटीओ प्रवर्तन के तीन हमराही सिपाही निलंबित
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उन्नाव। खनिज लदे ओवरलोड वाहनों को जिले की सीमा से निकलवाने के खेल में नामजद एआरटीओ प्रवर्तन के तीन हमराही सिपाहियों को परिवहन आयुक्त के आदेश पर निलंबित कर दिया गया है। घटना के बाद से छुट्टी पर चल रहे दोनों एआरटीओ प्रवर्तन और एक पीटीओ भी कार्रवाई की जद में हैं। तीनों 18 दिन से कार्यालय नहीं आ रहे हैं। 24 नवंबर से तीनों अधिकारियों के काम की भी जिम्मेदारी एआरटीओ प्रशासन ही संभाल रहीं हैं।
कानपुर एसटीएफ में तैनात दारोगा राहुल सिंह परमार ने 11 नवंबर को ओवरलोडिंग का खेल पकड़ा था। 10 के खिलाफ नामजद के अलावा परिवहन विभाग के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों (नाम-पता अज्ञात) के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। इनमें उन्नाव में तैनात एआरटीओ प्रवर्तन संजीव कुमार के हमराही सिपाही प्रदीप व रंजीत और एआरटीओ प्रवर्तन द्वितीय प्रतिभा गौतम के साथ चलने वाले सिपाही इंद्रजीत के अलावा पीटीओ (यात्री कर अधिकारी) शहपर किदवई के प्राइवेट चालक सुरेंद्र का नाम शामिल है।
इन पर सिडीकेट के जरिए प्रवर्तन अधिकारियों की लोकेशन ट्रांसपोर्टरों और वाहन चालकों तक पहुंचाने का आरोप है। अधिकारियों से सांठगांठ ओवरलोड व अवैध खनिज लदे वाहन जिले की सीमा से निकलवाने की एफआईआर दर्ज है। दर्ज प्राथमिकी में पुलिस ने इनके द्वारा दिए गए बयान का भी उल्लेख किया है। पुलिस के मुताबिक इन्होंने बताया कि रोज प्रति गाड़ी 2500 रुपये और पीटीओ के निजी वाहन चालक को प्रति गाड़ी दो हजार रुपये देते थे। परिवहन आयुक्त ने विभाग के तीनों सिपाहियों को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही कमाई के खेल में सिंडीकेट से सांठगांठ में दोनों एआरटीओ प्रवर्तन और पीटीओ की भूमिका की जांच चल रही है।
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मालूम हो कि पुलिस की कार्रवाई के बाद से ही दोनों एआरटीओ प्रवर्तन और पीटीओ छुट्टी पर चले गए हैं। वहीं 24 नवंबर से एआरटीओ प्रशासन श्वेता वर्मा को प्रवर्तन की भी जिम्मेदारी दे दी गई है।
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कानपुर एसटीएफ में तैनात दारोगा राहुल सिंह परमार ने 11 नवंबर को ओवरलोडिंग का खेल पकड़ा था। 10 के खिलाफ नामजद के अलावा परिवहन विभाग के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों (नाम-पता अज्ञात) के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। इनमें उन्नाव में तैनात एआरटीओ प्रवर्तन संजीव कुमार के हमराही सिपाही प्रदीप व रंजीत और एआरटीओ प्रवर्तन द्वितीय प्रतिभा गौतम के साथ चलने वाले सिपाही इंद्रजीत के अलावा पीटीओ (यात्री कर अधिकारी) शहपर किदवई के प्राइवेट चालक सुरेंद्र का नाम शामिल है।
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इन पर सिडीकेट के जरिए प्रवर्तन अधिकारियों की लोकेशन ट्रांसपोर्टरों और वाहन चालकों तक पहुंचाने का आरोप है। अधिकारियों से सांठगांठ ओवरलोड व अवैध खनिज लदे वाहन जिले की सीमा से निकलवाने की एफआईआर दर्ज है। दर्ज प्राथमिकी में पुलिस ने इनके द्वारा दिए गए बयान का भी उल्लेख किया है। पुलिस के मुताबिक इन्होंने बताया कि रोज प्रति गाड़ी 2500 रुपये और पीटीओ के निजी वाहन चालक को प्रति गाड़ी दो हजार रुपये देते थे। परिवहन आयुक्त ने विभाग के तीनों सिपाहियों को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही कमाई के खेल में सिंडीकेट से सांठगांठ में दोनों एआरटीओ प्रवर्तन और पीटीओ की भूमिका की जांच चल रही है।
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मालूम हो कि पुलिस की कार्रवाई के बाद से ही दोनों एआरटीओ प्रवर्तन और पीटीओ छुट्टी पर चले गए हैं। वहीं 24 नवंबर से एआरटीओ प्रशासन श्वेता वर्मा को प्रवर्तन की भी जिम्मेदारी दे दी गई है।