उन्नाव। बेमौसम बारिश ने ईंट उद्योग का भट्ठा बैठा दिया है। जिले के 200 ईंट भट्ठों में पाथ कर रखी गईं 10 करोड़ की ईंट घुल कर फिर मिट्टी हो गईं। भट्टा संचालकों ने शासन से राहत देने के साथ ही अप्रैल से जीएसटी दर छह से बढ़ाकर 12 फीसदी करने के प्रस्ताव को स्थगित करने की मांग की है।
चार दिनों तक हुई बारिश ने जिले के ईंट उद्यमियों का काफी नुकसान किया है। ईंट पथाई करने के बाद उन्हें पकाने की तैयारी के दौरान ही हुई बारिश से 10 करोड़ ईंटें घुलकर खराब हो गईं हैं। इसका खामियाजा उन लोगों को भी भुगतना होगा जो अपना घर बनाने का सपना देख रहे हैं। उद्यमियों के अनुसार घाटे को पूरा करने और शासन की ओर से अप्रैल से लागू की जा रही 12 फीसदी जीएटी के चलते मौजूदा समय में सात हजार रुपये में बिक रही प्रति एक हजार ईंट (सात रुपये की एक ईंट) की कीमत आने वाले दिनों में प्रति एक हजार ईंट दस हजार रुपये (दस रुपये की एक ईंट) तक हो सकती हैं। ईंट निर्माता कल्याण समिति के अध्यक्ष रवि सहाय मिश्र, भट्ठा संचालक अश्वनी तिवारी, हरिदास आहूजा, सुशील शुक्ला, जफरुल हक, मायाप्रकाश गुप्ता, वीरेंद्र मिश्रा, संजय मिश्रा, विजय खत्री ने बताया कि जमा पूंजी खर्च कर भट्ठा चलाने की कोशिश कर रहे थे। बारिश ने सब चौपट कर दिया। उन्होंने ईंट उद्योग को राहत देने के लिए शासन से राहत की मांग की है।