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लेदर फैक्टरी में दो श्रमिकों को लगा करंट, एक की मौत
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अकरमपुर स्थित चर्म इकाई में करंट की चपेट में आए श्रमिक की मौत की घटना में फैक्टरी गेट पर बैठे परिज?
- फोटो : UNNAO
उन्नाव। सदर कोतवाली क्षेत्र में मगरवारा औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक लेदर फैक्टरी में पुताई के दौरान करंट लगने से दो श्रमिक झुलस गए। जिला अस्पताल में एक श्रमिक को डॉक्टर ने एक को मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम हाउस में शव रखवाने के बाद पहुंचे परिजनों ने उसके जिंदा होने की बात कहकर हंगामा शुरू कर दिया और शव को बाहर निकाल लाए। सीएमएस ने दोबारा इमरजेंसी में जांच करवाई तो डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। परिजन इसपर भी नहीं माने और शव को शुक्लागंज के एक नर्सिंहोम लेकर गए। वहां भी उसे मृत घोषित किया गया। सिटी मजिस्ट्रेट व कोतवाली प्रभारी ने परिजनों को समझाकर शांत कराया। इसके बाद मुआवजे की मांग को लेकर फैक्टरी के बाहर चार घंटे हंगामा व कई बार जाम लगाने का प्रयास किया। सदर विधायक के हस्तक्षेप के बाद फैक्ट्री प्रबंधन ने 3.30 लाख रुपये आर्थिक सहायता देने की घोषण की तब मामला शांत हुआ।
सदर कोतवाली क्षेत्र के औद्योगिक क्षेत्र मगरवारा स्थित चर्म निर्यातक इकाई मिर्जा टेनरी में कच्चे चमड़े को पकाने वाले हिस्से में पुताई का काम चल रहा है। इसका ठेका पप्पू नाम के एक ठेकेदार ने लिया है। गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र के गांव कटहादल नारायणपुर गांव निवासी राजकुमार (35) पुत्र होरीलाल व पास के ही सुखलालखेड़ा गांव निवासी संदीप (23) पुत्र रघुवीर गुरुवार सुबह हॉल की पुताई कर रहे थे। इसी दौरान छत के पंखे में करंट होने से दोनों झटका लगने से नीचे गिर गए। फैक्टरी प्रबंधन ने आनन-फानन दोनों को जिला अस्पताल पहुंचाया जहां इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर अजीत सिंह ने राजकुमार कुमार को मृत घोषित कर दिया। जबकि संदीप का इलाज शुरू किया। अस्पताल कर्मियों ने राजकुमार के शव को पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया। करीब 12 बजे पिता होरीलाल, पत्नी गुड्डी व अन्य परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। परिजनों ने राजकुमार के जीवित होने की बात कहकर अस्पताल के डॉक्टरों पर इलाज न करने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया और नर्सिंगहोम में इलाज कराने की बात कहकर शव बाहर निकाल लाए।
सूचना पर सिटी मजिस्ट्रेट चंदन कुमार पटेल, कोतवाल दिनेशचंद्र मिश्रा, सीएमएस डॉ. बीबी भट्ट शोर सुनकर पहुंचे तो उन्होंने इमरजेंसी में दोबारा देखवाने को कहा। दूसरी बार भी डॉक्टर ने मृत होने की पुष्टि की। लेकिन परिवार के लोग फिर भी नहीं माने और निजी वाहन में शव को रखकर शुक्लागंज के एक नर्सिंगहोम लेकर गए। वहां भी डॉक्टर ने मृत घोषित किया। वापस लौटते समय परिजनों ने शव को फैक्टरी के गेट पर रखकर पांच लाख रुपये आर्थिक सहायता की मांग करते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
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लेदर फैक्टरी के जीएम अकील ने बताया कि राजकुमार उनकी फैक्टरी का कर्मचारी नहीं था। वह ठेकेदार के माध्यम से मजदूरी करने आया था। साथ ही मुआवजा देने से इनकार कर दिया। इस दौरान भीड़ ने उन्नाव-शुक्लागंज मार्ग पर जाम लगाने की भी कोशिश की। सूचना पर सदर विधायक पंकज गुप्ता फैक्टरी पहुंचे और प्रबंधन से वार्ता की। इसके बाद प्रबंधन ने 3 लाख मुआवजा और अंतिम संस्कार के लिए 30 हजार रुपये देने की बात कही। सदर विधायक ने पारिवारिक लाभ योजना के तहत पांच लाख रुपये दिलाने का आश्वासन दिया तब लोग शांत हुए।
कोतवाली प्रभारी दिनेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि करंट लगने से झुलसे श्रमिक संदीप को कानपुर रेफर कर दिया गया है। राजकुमार के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। परिजनों ने कोई तहरीर नहीं दी है। तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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सदर कोतवाली क्षेत्र के औद्योगिक क्षेत्र मगरवारा स्थित चर्म निर्यातक इकाई मिर्जा टेनरी में कच्चे चमड़े को पकाने वाले हिस्से में पुताई का काम चल रहा है। इसका ठेका पप्पू नाम के एक ठेकेदार ने लिया है। गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र के गांव कटहादल नारायणपुर गांव निवासी राजकुमार (35) पुत्र होरीलाल व पास के ही सुखलालखेड़ा गांव निवासी संदीप (23) पुत्र रघुवीर गुरुवार सुबह हॉल की पुताई कर रहे थे। इसी दौरान छत के पंखे में करंट होने से दोनों झटका लगने से नीचे गिर गए। फैक्टरी प्रबंधन ने आनन-फानन दोनों को जिला अस्पताल पहुंचाया जहां इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर अजीत सिंह ने राजकुमार कुमार को मृत घोषित कर दिया। जबकि संदीप का इलाज शुरू किया। अस्पताल कर्मियों ने राजकुमार के शव को पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया। करीब 12 बजे पिता होरीलाल, पत्नी गुड्डी व अन्य परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। परिजनों ने राजकुमार के जीवित होने की बात कहकर अस्पताल के डॉक्टरों पर इलाज न करने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया और नर्सिंगहोम में इलाज कराने की बात कहकर शव बाहर निकाल लाए।
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सूचना पर सिटी मजिस्ट्रेट चंदन कुमार पटेल, कोतवाल दिनेशचंद्र मिश्रा, सीएमएस डॉ. बीबी भट्ट शोर सुनकर पहुंचे तो उन्होंने इमरजेंसी में दोबारा देखवाने को कहा। दूसरी बार भी डॉक्टर ने मृत होने की पुष्टि की। लेकिन परिवार के लोग फिर भी नहीं माने और निजी वाहन में शव को रखकर शुक्लागंज के एक नर्सिंगहोम लेकर गए। वहां भी डॉक्टर ने मृत घोषित किया। वापस लौटते समय परिजनों ने शव को फैक्टरी के गेट पर रखकर पांच लाख रुपये आर्थिक सहायता की मांग करते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
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लेदर फैक्टरी के जीएम अकील ने बताया कि राजकुमार उनकी फैक्टरी का कर्मचारी नहीं था। वह ठेकेदार के माध्यम से मजदूरी करने आया था। साथ ही मुआवजा देने से इनकार कर दिया। इस दौरान भीड़ ने उन्नाव-शुक्लागंज मार्ग पर जाम लगाने की भी कोशिश की। सूचना पर सदर विधायक पंकज गुप्ता फैक्टरी पहुंचे और प्रबंधन से वार्ता की। इसके बाद प्रबंधन ने 3 लाख मुआवजा और अंतिम संस्कार के लिए 30 हजार रुपये देने की बात कही। सदर विधायक ने पारिवारिक लाभ योजना के तहत पांच लाख रुपये दिलाने का आश्वासन दिया तब लोग शांत हुए।
कोतवाली प्रभारी दिनेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि करंट लगने से झुलसे श्रमिक संदीप को कानपुर रेफर कर दिया गया है। राजकुमार के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। परिजनों ने कोई तहरीर नहीं दी है। तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।